अहमदाबाद विमान हादसे (12 जून 2025) के बाद किनल मिस्त्री के पिता का दर्द दिल को छू लेने वाला है। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले वह अपनी बेटी को एयर वललभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर छोड़ने आए थे, जहां से वह एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 से लंदन जा रही थी। लेकिन अब वह अपनी बेटी की पहचान के लिए डीएनए सैंपल देने उसी हवाई अड्डे पर लौटे हैं। उनके शब्द, “कल मैं बच्ची को छोड़ने आया था, सोचा नहीं था ढूंढने आना पड़ेगा,” उनके गहरे दुख और सदमे को बयां करते हैं।
हादसे का संदर्भ:
एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, जिसमें 242 लोग सवार थे, टेकऑफ के 30 सेकंड बाद मेघानी नगर में बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में 241 यात्रियों और क्रू मेंबर की मौत हो गई, साथ ही जमीन पर 28 लोग मारे गए। किनल मिस्त्री उन यात्रियों में से एक थीं, जिनके शव की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है, जिसके कारण उनके पिता को डीएनए सैंपल देना पड़ा।परिवारों का दुख:हादसे के बाद अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया चल रही है। कई परिवार, जैसे किनल के पिता, अपनों की तलाश में अस्पताल और हादसे की जगह पर भटक रहे हैं। किनल के पिता की यह व्यथा पूरे देश में शोक की लहर दौड़ा रही है, जहां लोग इस त्रासदी से प्रभावित परिवारों के लिए संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।वर्तमान स्थिति:पहचान की प्रक्रिया: अहमदाबाद पुलिस और फोरेंसिक टीमें डीएनए टेस्ट के जरिए शवों की पहचान कर रही हैं। अब तक कई शवों की शिनाख्त नहीं हो सकी है, जिससे परिवारों का इंतजार और दर्द बढ़ रहा है।
सरकारी सहायता:

गुजरात सरकार और केंद्र सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे और सहायता की घोषणा की है। एयर इंडिया ने भी हेल्पलाइन नंबर (1800 5691 444) जारी किया है।यह हादसा न केवल एक त्रासदी है, बल्कि उन परिवारों की कहानियों का दुखद अध्याय है, जो अपनों को खोने के बाद भी उनकी एक आखिरी झलक की उम्मीद में इंतजार कर रहे हैं। किनल मिस्त्री के पिता का यह बयान उस असहनीय पीड़ा का प्रतीक है, जो इस हादसे ने सैकड़ों परिवारों को दी है।