प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) के तहत पात्र किसान परिवारों को साल में ₹6,000 मिलते हैं, जो ₹2,000-₹2,000 की तीन किस्तों में सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में आते हैं। इसके बावजूद हर किस्त के समय बहुत से किसान शिकायत करते हैं कि उनके खाते में पैसा नहीं आया। ज़्यादातर मामलों में वजह या तो पात्रता नियम होते हैं या कागज़ों की कोई छोटी-सी गड़बड़ी। यह पोस्ट जनवरी 2025 में लिखी गई थी; यहां नियमों को आधिकारिक दिशा-निर्देशों से मिलाकर अपडेट किया गया है।
योजना कैसे काम करती है
PM Kisan फरवरी 2019 में शुरू हुई केंद्र सरकार की योजना है और इसका पूरा पैसा केंद्र देता है। राज्य सरकारें किसानों का सत्यापन करती हैं और फिर रकम DBT के ज़रिये खाते में भेजी जाती है। पैसा उन्हीं परिवारों को मिलता है जिनका नाम भूमि रिकॉर्ड में दर्ज है। यहां “परिवार” का मतलब पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे हैं।
एक ज़रूरी सुधार: पुरानी पोस्ट में लिखा था कि सिर्फ 2 हेक्टेयर तक ज़मीन वाले किसान पात्र हैं। शुरुआत में यह सीमा थी, लेकिन बाद में योजना का दायरा बढ़ाकर सभी भूमिधारक किसान परिवारों को शामिल कर लिया गया। अब ज़मीन का आकार अपने आप में अयोग्यता नहीं है।
किन किसानों को योजना का लाभ नहीं मिलता
आधिकारिक दिशा-निर्देशों के मुताबिक ऊंची आय या ऊंचे पद वाले परिवार योजना से बाहर रखे गए हैं:
- संस्थागत भूमिधारक: ट्रस्ट, कंपनी या संस्था के नाम वाली ज़मीन पर लाभ नहीं मिलता।
- आयकर देने वाले: परिवार के किसी सदस्य ने पिछले असेसमेंट ईयर में इनकम टैक्स भरा है तो परिवार अपात्र है।
- सरकारी कर्मचारी: केंद्र या राज्य सरकार, PSU और स्थानीय निकायों के मौजूदा या रिटायर्ड कर्मचारी बाहर हैं। लेकिन मल्टी टास्किंग स्टाफ, चतुर्थ श्रेणी और ग्रुप D कर्मचारियों को इस नियम से छूट है।
- पेंशनभोगी: जिन्हें हर महीने ₹10,000 या उससे ज़्यादा पेंशन मिलती है (MTS, चतुर्थ श्रेणी, ग्रुप D को छोड़कर)।
- प्रोफेशनल: पेशेवर संस्था में रजिस्टर्ड और प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट।
- पद पर रहे लोग: संवैधानिक पद धारक, मौजूदा या पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक, नगर निगम के मेयर और जिला पंचायत अध्यक्ष।
गलत जानकारी देकर फायदा लेने वालों के नाम सूची से हटा दिए जाते हैं। ऐसे मामलों में मिली रकम वापस वसूली भी जा सकती है।
पात्र होने पर भी किस्त क्यों रुकती है
- e-KYC पूरा नहीं है। यह सभी लाभार्थियों के लिए ज़रूरी है।
- बैंक खाता आधार से लिंक (सीड) नहीं है।
- भूमि रिकॉर्ड में नाम या खसरा नंबर गलत है, या ज़मीन का सत्यापन बाकी है।
- आवेदन में नाम की स्पेलिंग आधार से मेल नहीं खाती।
- फर्जी दस्तावेज़ लगाए गए हों या पात्रता शर्तें पूरी न हों।
PM Kisan स्टेटस कैसे चेक करें
- आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in खोलें। किसी और वेबसाइट या लिंक पर अपना आधार नंबर न डालें।
- Farmers Corner में स्टेटस देखने का विकल्प (Know Your Status / Beneficiary Status) चुनें।
- रजिस्ट्रेशन नंबर डालें। नंबर याद न हो तो रजिस्टर्ड मोबाइल या आधार से उसे निकालने का विकल्प वहीं मिलता है।
- मोबाइल पर आया OTP डालने के बाद किस्तों का ब्योरा, e-KYC, आधार सीडिंग और भूमि सत्यापन की स्थिति दिख जाती है।
पोर्टल का लेआउट समय-समय पर बदलता रहता है, इसलिए विकल्प का नाम थोड़ा अलग दिख सकता है।
गड़बड़ी कैसे सुधारें
e-KYC पोर्टल पर आधार OTP से हो जाता है। PM-KISAN मोबाइल ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन से भी e-KYC किया जा सकता है, और नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर बायोमेट्रिक से भी। भूमि रिकॉर्ड की गलती के लिए पटवारी, लेखपाल या ब्लॉक कृषि अधिकारी से मिलें, क्योंकि ज़मीन का सत्यापन राज्य सरकार करती है। बैंक खाते की आधार सीडिंग अपनी बैंक शाखा में करवाएं।
आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या
किस्त न आने पर सबसे पहले स्टेटस में देखें कि रुकावट कहां है: e-KYC, आधार सीडिंग या भूमि सत्यापन। तीनों में “हां” या “पूरा” लिखा है, तब भी पैसा नहीं आया तो ब्लॉक कृषि कार्यालय में लिखित शिकायत दें। अगर आप या परिवार का कोई सदस्य इनकम टैक्स भरने लगा है या ऊपर बताई किसी श्रेणी में आ गया है, तो खुद नाम हटवाना समझदारी है, वरना बाद में वसूली हो सकती है। किस्त की तारीख के लिए सोशल मीडिया की अफवाहों के बजाय पोर्टल और कृषि मंत्रालय की घोषणाओं पर भरोसा करें।
बाद में क्या हुआ: पुरानी पोस्ट में अगली किस्त की संभावित तारीख 31 मार्च 2025 बताई गई थी, पर 19वीं किस्त उससे पहले 24 फरवरी 2025 को आ गई। प्रधानमंत्री ने बिहार के भागलपुर से 9.8 करोड़ से ज़्यादा किसानों के खातों में ₹22,000 करोड़ से अधिक की रकम भेजी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या 2 हेक्टेयर से ज़्यादा ज़मीन वाले किसान को PM Kisan मिलता है?
हां। सभी भूमिधारक किसान परिवार पात्र हैं, बशर्ते वे ऊपर बताई अपात्र श्रेणियों में न आते हों।
क्या रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी के परिवार को लाभ मिल सकता है?
आम तौर पर नहीं। सिर्फ मल्टी टास्किंग स्टाफ, चतुर्थ श्रेणी और ग्रुप D से रिटायर हुए कर्मचारियों को इस नियम से छूट है। अपने मामले में शक हो तो ब्लॉक कृषि कार्यालय से लिखित जानकारी लें।
e-KYC के बिना किस्त आएगी?
नहीं। e-KYC अधूरा होने पर किस्त रोकी जा सकती है, इसलिए इसे पहले पूरा करें।
स्टेटस चेक करने के लिए क्या चाहिए?
रजिस्ट्रेशन नंबर, या उसे निकालने के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या आधार। OTP उसी मोबाइल पर आता है।
स्रोत: PM-KISAN संशोधित ऑपरेशनल गाइडलाइंस (pmkisan.gov.in), प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB), The Hindu, The Economic Times


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