मुंबई/नई दिल्ली: धनतेरस के दिन भारतीय शेयर बाजार ने बड़ी मनोवैज्ञानिक बाधा पार कर ली। शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को दोपहर के कारोबार में BSE सेंसेक्स 80,000 अंक के ऊपर पहुंच गया, जबकि वैश्विक बाजार Artificial Intelligence (AI) से जुड़े शेयरों की भारी बिकवाली से लड़खड़ा रहे थे। Moneycontrol की लाइव रिपोर्ट के मुताबिक करीब दोपहर 1:50 बजे सेंसेक्स 80,410.76 पर था — करीब 1,100 अंक या 1.39% ऊपर। निफ्टी 24,802.50 के आसपास कारोबार कर रहा था, यानी करीब 266 अंक की बढ़त।
The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार दिन में सेंसेक्स ने इंट्राडे हाई 80,080.59 छुआ था और पिछली बंद कीमत 79,310.01 से 660 अंक से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई थी; इसके बाद भी खरीदारी जारी रही। सेंसेक्स ने पहली बार 80,000 का आंकड़ा 3 जुलाई 2024 को छुआ था। इस बार यह वापसी धनतेरस और दिवाली के त्योहारी सप्ताह में हुई है, जब घरेलू और विदेशी निवेशक दोनों की नजर भारतीय बाजार पर है।
वैश्विक तबाही के बीच भारत क्यों अलग दिख रहा है?
गुरुवार की अमेरिकी बैठक में नैस्डैक कंपोजिट करीब 5.5%–6% टूट गया — पिछले करीब 19 महीनों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट। Economic Times के अनुसार S&P 500 कंपनियों से करीब $3 ट्रिलियन का मार्केट कैप साफ हो गया। एशिया में भी असर साफ दिखा: जापान का निक्केई करीब 7%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 9% से ज्यादा और ताइवान का बेंचमार्क 8% से ऊपर गिरने की खबरें आईं।
कारण मुख्य रूप से AI और डेटा सेंटर निवेश को लेकर चिंता है। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की मजबूत स्थिति के बाद निवेशकों को लग रहा है कि बड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स पर सियासी और नियामकीय दबाव बढ़ सकता है। Nvidia जैसे AI फेस शेयरों में तेज गिरावट ने पूरे टेक सेक्टर को घसीटा। भारत में AI-हार्डवेयर चेन का एक्सपोजर अपेक्षाकृत कम है, इसलिए यहां “anti-AI” रोटेशन का फायदा दिख रहा है — यानी वैश्विक निवेशक AI से पैसा निकालकर भारत जैसे बाजारों में लगा रहे हैं।
FII की रिकॉर्ड खरीदारी — असली ताकत
Moneycontrol और Economic Times दोनों इस बात पर एकमत हैं कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) इस रैली के मुख्य चालक हैं। गुरुवार को FIIs ने भारतीय शेयरों में करीब ₹14,974–15,000 करोड़ की खरीदारी की — फरवरी 2021 के बाद का सबसे बड़ा एकदिनी खरीद आंकड़ा। पिछले पांच ट्रेडिंग सत्रों में FII खरीद लगभग ₹35,781 करोड़ रही। DBS की अर्थशास्त्री राधिका राव के हवाले से बताया गया कि पिछले दस सत्रों में नेट FPI इनफ्लो करीब $4 बिलियन रहा।
Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजिस्ट डॉ. वी. के. विजयकुमार का कहना है कि अमेरिकी बिकवाली का असर ज्यादातर बाजारों पर पड़ेगा, लेकिन भारत सबसे कम प्रभावित रहेगा। उनके मुताबिक AI ट्रेड की धीमी पड़ती रफ्तार भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, क्योंकि लार्ज-कैप वैल्यूएशन आकर्षक हो चुके हैं और कॉरपोरेट अर्निंग्स मजबूत बनी हुई हैं।
कौन चढ़ा, कौन गिरा — सेक्टोरल तस्वीर
दिलचस्प बात यह है कि वैश्विक टेक बिकवाली के बावजूद Nifty IT इंडेक्स करीब 1.32% चढ़ा। प्राइवेट बैंक इंडेक्स भी करीब 0.72% ऊपर रहा। The Indian Express के अनुसार सुबह-दोपहर टॉप गेनर्स में महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाइटन, ICICI बैंक, HDFC बैंक, NTPC और सन फार्मा जैसे नाम रहे। वहीं मेटल, केमिकल्स और रियल्टी पर दबाव दिखा — Nifty Metal 1% से ज्यादा फिसला।
छह लगातार सत्रों में सेंसेक्स करीब 6,064 अंक (लगभग 8.27%) और निफ्टी करीब 1,838 अंक (लगभग 8%) चढ़ चुका है। यह तेजी मुख्य रूप से लार्ज-कैप केंद्रित है; स्मॉलकैप की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही है, जो बताता है कि संस्थागत पैसा अभी बड़े, लिक्विड शेयरों में सुरक्षित पार्क करना चाहता है।
आप पर क्या असर / आगे क्या
- SIP और लंबी अवधि के निवेशक: त्योहारी रैली और FII रिटर्न पर घबराकर नया पैसा एक झटके में न झोंकें। 6–7 सत्रों की तेज चढ़ाई के बाद कुछ मुनाफावसूली या अस्थिरता सामान्य है। SIP जारी रखें; एकमुश्त राशि को 2–3 किस्तों में बांटना बेहतर हो सकता है।
- ट्रेडर्स और शॉर्ट-टर्म खिलाड़ी: RSI जैसे संकेतक ओवरबॉट जोन में बताए जा रहे हैं। निफ्टी के लिए 24,800–25,000 प्रतिरोध और 24,400–24,300 / 24,000 सपोर्ट जोन पर नजर रखें (Enrich Money के पोनमुदी आर. के विश्लेषण के अनुरूप)। स्टॉप-लॉस के बिना पोजीशन न बढ़ाएं।
- IT और बैंक फोकस: घरेलू IT इस बार ग्लोबल AI बिकवाली से उलटा फायदा उठाता दिख रहा है, लेकिन अमेरिकी क्लाइंट स्पेंड और डॉलर-रुपया मूवमेंट पर नजर रखना जरूरी है। प्राइवेट बैंक FII पसंद बने हुए हैं।
- जोखिम याद रखें: अगर अमेरिका में AI/डेटा सेंटर चिंता और तेज बढ़ी, या कच्चा तेल फिर चढ़ा, तो रैली थम सकती है। बाजार में दिए आंकड़े लाइव हैं — बंद भाव अलग हो सकते हैं। निवेश से पहले SEBI-रजिस्टर्ड सलाहकार से सलाह लें; यह लेख सिर्फ सूचना के लिए है, खरीद-बिक्री की सिफारिश नहीं।
धनतेरस पर 80,000 का आंकड़ा सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि विदेशी पूंजी की वापसी और भारत की “कम AI-एक्सपोजर” थीम का संकेत भी है। दिवाली सप्ताह में वॉल्यूम और अस्थिरता दोनों बढ़ सकते हैं — समझदारी से, प्लान के साथ आगे बढ़ें। स्रोत: The Indian Express, Moneycontrol, Economic Times (6 नवंबर 2026)।
नोट: शेयर बाजार जोखिम भरा है। ऊपर दिए आंकड़े रिपोर्टिंग समय के लाइव/इंट्राडे स्तर हैं; अंतिम बंद भाव अलग हो सकते हैं। कोई स्टॉक टिप नहीं दी गई है।

