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5 नवम्बर 2026, गुरु

सेंसेक्स 1,300 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी 350 अंक चढ़ा: अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत, कच्चा तेल 2 महीने के निचले स्तर पर; जानें तेजी की 4 वजहें

मुंबई में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज भवन—Sensex-Nifty उछाल की खबर

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव (मिडटर्म) में डेमोक्रेट्स की जीत का असर गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखा। NDTV की लाइव रिपोर्ट के मुताबिक बाजार खुलते ही सेंसेक्स करीब 1,300 अंक उछल गया और निफ्टी 350 से ज्यादा अंक चढ़ गया, जबकि शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स की बढ़त 1,500 अंक तक पहुंचने की खबरें आईं। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट और विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी मानी जा रही है। बाजार पल-पल बदलता है, इसलिए यहां दिए गए आंकड़े सुबह के कारोबार के हैं।

बुधवार को कहां बंद हुआ था बाजार

एक दिन पहले, 4 नवंबर को भी बाजार हरे निशान में बंद हुआ था। NDTV पर जैनम के रिसर्च हेड हिमांशु गुप्ता के बाजार विश्लेषण के अनुसार निफ्टी 149.75 अंक (0.63%) बढ़कर 23,960.60 पर और सेंसेक्स 0.50% बढ़कर 77,301.40 पर बंद हुआ था। रॉयटर्स की रिपोर्ट (द हिंदू में प्रकाशित) के मुताबिक निफ्टी 50 और सेंसेक्स पिछले पांच सत्रों में 5.6% चढ़ चुके हैं, जो करीब पांच महीने में उनकी सबसे लंबी लगातार बढ़त है।

तेजी की 4 बड़ी वजहें

1. अमेरिकी चुनाव नतीजे और वॉल स्ट्रीट की रैली

अमेरिका में डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस के दोनों सदनों पर कब्जा कर लिया है। रॉयटर्स के अनुसार निवेशकों को उम्मीद है कि इससे राजनीतिक अनिश्चितता घटेगी और ईरान पर अमेरिका-इजराइल के युद्ध के खत्म होने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। बुधवार को अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी रही: डाउ जोन्स 3% (1,569.40 अंक) चढ़कर 53,356.12 पर, S&P 500 1.6% बढ़कर 7,688.62 पर और नैस्डैक 1.4% बढ़कर 25,736.51 पर बंद हुआ।

2. कच्चे तेल में भारी गिरावट

भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल सस्ता होना भारतीय बाजार के लिए सबसे अच्छी खबर मानी जाती है। NDTV के अनुसार बुधवार को ब्रेंट क्रूड 8.7% गिरकर 94.62 डॉलर प्रति बैरल और WTI 8.3% गिरकर 88.12 डॉलर पर आ गया। रॉयटर्स के मुताबिक गुरुवार सुबह ब्रेंट और 1% फिसलकर करीब 93.5 डॉलर प्रति बैरल पर था, जो दो महीने का निचला स्तर है।

3. विदेशी निवेशकों की वापसी

प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों (FPI) ने बुधवार को करीब 7,284 करोड़ रुपये (72.84 अरब रुपये) के भारतीय शेयर खरीदे। रॉयटर्स के अनुसार यह लगातार चौथा सत्र था जब उन्होंने खरीदारी की, जो इस साल की भारी बिकवाली के बाद उनकी वापसी का संकेत हो सकता है।

4. मजबूत रुपया

NDTV के अनुसार गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 29 पैसे मजबूत होकर 94.36 प्रति डॉलर पर आ गया, जबकि बुधवार को यह 94.65 पर बंद हुआ था। सस्ता तेल और कमजोर डॉलर रुपये को सहारा दे रहे हैं।

कौन से शेयर और सेक्टर चमके

NDTV की लाइव रिपोर्ट के मुताबिक निफ्टी 50 में श्रीराम फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) और एशियन पेंट्स टॉप गेनर्स में रहे। यह बात समझने लायक है: तेल सस्ता होने से एयरलाइंस का ईंधन खर्च और पेंट कंपनियों की कच्चे माल की लागत घटती है, इसलिए ऐसे दिनों में ये शेयर अक्सर आगे रहते हैं। ब्रॉडर मार्केट में भी तेजी रही, निफ्टी मिडकैप 100 करीब 1.17% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 करीब 1.05% ऊपर कारोबार कर रहे थे।

सोना-चांदी भी चढ़े

कमजोर डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से कीमती धातुओं में भी तेजी आई। NDTV पर Giottus.com के CEO विक्रम सुब्बुराज के विश्लेषण के अनुसार MCX पर दिसंबर गोल्ड फ्यूचर्स बुधवार को 3,782 रुपये (2.71%) चढ़कर 1,43,234 रुपये प्रति 10 ग्राम पर और दिसंबर सिल्वर फ्यूचर्स 8,037 रुपये (4.48%) चढ़कर 1,87,735 रुपये प्रति किलो पर बंद हुए। धनतेरस से पहले सोना खरीदने की सोच रहे लोगों के लिए यह ध्यान देने वाली बात है।

जानकार क्या कह रहे हैं

HST Wealth के संस्थापक हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने रॉयटर्स से कहा कि तेल में पहले धीरे-धीरे गिरावट आ रही थी, लेकिन इस बार की गिरावट इतनी बड़ी है कि अगर यह टिकी रही तो भारत की निकट अवधि की आर्थिक स्थिति और कंपनियों की कमाई के अनुमान बेहतर हो सकते हैं।

एक्सिस डायरेक्ट के हेमांग गोर ने बाजार खुलने से पहले कहा था कि तेज शुरुआत के बाद मुनाफावसूली भी आ सकती है। उनके मुताबिक निफ्टी के लिए 23,800 के आसपास सपोर्ट और 24,300 से 24,500 के बीच रेजिस्टेंस है। वहीं कुछ विशेषज्ञों ने यह भी याद दिलाया कि अमेरिका में दिसंबर में फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ने की आशंका और 6 नवंबर को आने वाली अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट आगे बाजार की दिशा तय कर सकती है।

आप पर क्या असर पड़ेगा

  • म्यूचुअल फंड और SIP निवेशक: इंडेक्स फंड और इक्विटी फंड की NAV में आज बढ़त दिख सकती है। लेकिन एक दिन की तेजी देखकर SIP रोकना या एकमुश्त बड़ी रकम झोंकना समझदारी नहीं, लंबी अवधि का अनुशासन ही काम आता है।
  • पेट्रोल-डीजल: कच्चा तेल सस्ता होने से तेल कंपनियों पर दबाव घटता है, लेकिन पेट्रोल-डीजल के दाम घटेंगे या नहीं, इस पर अभी सरकार या तेल कंपनियों की ओर से कोई घोषणा नहीं हुई है।
  • महंगाई और रुपया: तेल सस्ता और रुपया मजबूत रहने से आयात सस्ता होता है, जिससे आगे महंगाई पर काबू रखने में मदद मिल सकती है, बशर्ते यह रुझान टिका रहे।
  • ट्रेडर्स: गैप-अप ओपनिंग के बाद दिन में उतार-चढ़ाव आम है। स्टॉप-लॉस के बिना ट्रेड न करें।

आगे क्या

बाजार की नजर अब तीन चीजों पर रहेगी: अमेरिका-ईरान तनाव पर कोई ठोस प्रगति होती है या नहीं, ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर से नीचे टिकता है या नहीं, और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है या नहीं। साथ ही 6 नवंबर की अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट और फेडरल रिजर्व के रुख पर भी निवेशकों की नजर है। दिन के अंत में बाजार किस स्तर पर बंद होता है, यह इन्हीं संकेतों पर निर्भर करेगा।

डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर बात करें। आंकड़े NDTV, रॉयटर्स/द हिंदू और टाइम्स ऑफ इंडिया की 5 नवंबर 2026 की रिपोर्टों पर आधारित हैं।

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