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5 नवम्बर 2026, गुरु

क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास: पुर्तगाल के लिए 234 मैच, 146 गोल का विश्व रिकॉर्ड; कोच से विवाद के बाद लौटाई नंबर 7 जर्सी

पुर्तगाल की नंबर 7 जर्सी में क्रिस्टियानो रोनाल्डो (फाइल फोटो, 2018)

फुटबॉल की दुनिया के सबसे बड़े सितारों में शामिल क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास ले लिया है। 41 साल के रोनाल्डो ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम को अलविदा कहा। इसके साथ ही 23 साल लंबे उस अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत हो गया, जिसमें उन्होंने पुर्तगाल के लिए रिकॉर्ड 234 मैच खेले और रिकॉर्ड 146 गोल किए। BBC Sport, AP, AFP और ESPN ने उनके संन्यास की पुष्टि की है।

रोनाल्डो ने संन्यास पर क्या कहा

अपने वीडियो संदेश में रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अब राष्ट्रीय टीम की नंबर 7 जर्सी लौटाने का दिन आ गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें कभी नहीं लगा कि यह जर्सी सिर्फ उनकी है, लेकिन 23 साल तक इसे पहनने, इसकी रक्षा करने और दुनिया भर के स्टेडियमों तक ले जाने का सौभाग्य और जिम्मेदारी उन्हें मिली। रोनाल्डो के मुताबिक यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि कुछ फैसले सिर्फ दिमाग से नहीं, दिल से भी लिए जाते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अगस्त 2003 में शुरू हुआ यह सफर, जिसने उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी, अब खत्म हो गया है। रोनाल्डो ने विदेश में रहने वाले पुर्तगालियों का खास जिक्र किया और कहा कि फुटबॉल सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि लोगों से जुड़ा है। (ये बातें उनके अंग्रेजी में रिपोर्ट किए गए बयान का हिंदी भावानुवाद हैं।)

कोच जॉर्ज जीसस से विवाद के बाद आया फैसला

ESPN और AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, यह संन्यास पुर्तगाल के कोच जॉर्ज जीसस (Jorge Jesus) के साथ हुए विवाद के बाद आया है। पिछले अंतरराष्ट्रीय ब्रेक में नॉर्वे के खिलाफ नेशंस लीग मैच में, जिसे पुर्तगाल ने ओस्लो में 2-1 से जीता था, रोनाल्डो को मैदान पर नहीं उतारा गया। ESPN के अनुसार रोनाल्डो का दावा था कि उनसे कहा गया था कि वे बेंच से उतरेंगे और उन्होंने वॉर्म-अप भी शुरू कर दिया था, लेकिन कोच ने आखिरी वक्त पर फैसला बदल दिया।

मैच के बाद रोनाल्डो सीधे ड्रेसिंग रूम चले गए और बाद में टीम कैंप छोड़ दिया। इसके लिए उन पर अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी से निलंबन और मामूली जुर्माने की कार्रवाई हुई। कोच जीसस ने बाद में कहा था कि रोनाल्डो का टीम में स्वागत है और लौटने का फैसला उन्हीं पर है। लेकिन अब रोनाल्डो ने वापसी की बजाय संन्यास का रास्ता चुना।

दिलचस्प बात यह है कि रोनाल्डो का ऐलान ठीक उस दिन से एक दिन पहले आया है, जब पुर्तगाल नवंबर के नेशंस लीग मैचों (घर पर डेनमार्क और बाहर वेल्स के खिलाफ) के लिए अपनी टीम घोषित करने वाला है।

रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय करियर: आंकड़ों में

  • डेब्यू: अगस्त 2003
  • मैच: 234 (अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में विश्व रिकॉर्ड)
  • गोल: 146 (अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में विश्व रिकॉर्ड)
  • सबसे बड़ी उपलब्धि: 2016 में पुर्तगाल को यूरोपियन चैंपियनशिप (यूरो) का खिताब
  • करियर की अवधि: करीब 23 साल

पुरुषों के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे ज्यादा मैच और सबसे ज्यादा गोल, दोनों रिकॉर्ड रोनाल्डो के नाम हैं। BBC के मुताबिक ये दोनों विश्व रिकॉर्ड हैं। यूरो 2016 की जीत को पुर्तगाल के फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा पल माना जाता है और उस टीम के कप्तान रोनाल्डो ही थे।

पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन ने क्या कहा

पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन ने बयान जारी कर रोनाल्डो के प्रति “गहरी कृतज्ञता और अपार सम्मान” जताया। फेडरेशन ने कहा कि रोनाल्डो ने पुर्तगाल का नाम दुनिया भर में ऊंचा किया और युवाओं की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया, और “हम में से कई लोगों के लिए वे अब तक के सबसे महान खिलाड़ी हैं।” फेडरेशन ने यह भी कहा कि वह इस विदाई को बिना उचित सम्मान के नहीं होने देगा और एक खास ट्रिब्यूट का आयोजन करना चाहता है, जहां फैंस और पूरा देश एक बार फिर उन्हें सलाम कर सके।

मेसी के बाद रोनाल्डो: एक युग का अंत

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक रोनाल्डो के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी ने भी अक्टूबर में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास ले लिया था। यानी करीब दो दशक तक दुनिया भर के फुटबॉल फैंस को बांटने और जोड़ने वाली मेसी-रोनाल्डो की जोड़ी अब अंतरराष्ट्रीय मैदान पर नजर नहीं आएगी। फुटबॉल जानकार इसे सचमुच एक युग का अंत मान रहे हैं।

भारतीय फैंस के लिए इसका क्या मतलब

भारत में भी रोनाल्डो के करोड़ों फैंस हैं, खासकर केरल, गोवा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में, जहां फुटबॉल बेहद लोकप्रिय है। सोशल मीडिया पर भारतीय फैंस बड़ी संख्या में उनके संन्यास पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और गूगल ट्रेंड्स इंडिया पर भी “Ronaldo” टॉप सर्च में शामिल है। भारत से रोनाल्डो का एक दिलचस्प रिश्ता यह भी है कि जनवरी 2017 में पुर्तगाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रोनाल्डो के हस्ताक्षर वाली पुर्तगाल की जर्सी भेंट की थी।

ध्यान रहे, यह संन्यास सिर्फ अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से है। रोनाल्डो ने क्लब फुटबॉल छोड़ने का कोई ऐलान नहीं किया है, इसलिए फैंस उन्हें क्लब स्तर पर खेलते देख सकेंगे।

आगे क्या होगा

  • पुर्तगाल की नई टीम: शुक्रवार को घोषित होने वाली नेशंस लीग टीम पहली ऐसी टीम होगी जो रोनाल्डो के संन्यास के बाद चुनी जाएगी। नंबर 7 जर्सी किसे मिलेगी, इस पर भी नजर रहेगी।
  • विदाई समारोह: फेडरेशन ने ट्रिब्यूट आयोजित करने की बात कही है, लेकिन इसकी तारीख या स्वरूप अभी घोषित नहीं हुआ है।
  • क्लब करियर: रोनाल्डो के क्लब करियर को लेकर फिलहाल कोई नया ऐलान नहीं है।

निष्कर्ष

क्रिस्टियानो रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही कोच से विवाद के बीच खत्म हुआ हो, लेकिन 234 मैच, 146 गोल और यूरो 2016 का खिताब उन्हें पुर्तगाल ही नहीं, पूरी दुनिया के फुटबॉल इतिहास में हमेशा के लिए अमर बना चुके हैं। नंबर 7 की जर्सी अब किसी नए खिलाड़ी के पास जाएगी, लेकिन उस जर्सी की पहचान लंबे समय तक रोनाल्डो के नाम से ही जुड़ी रहेगी।

स्रोत: BBC Sport, AP, AFP, ESPN (5 नवंबर 2026)।

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