दिल्ली के केंद्र सरकार द्वारा संचालित राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के कई कर्मचारियों पर आयकर विभाग ने गलत कटौती और छूट के दावे कर रिफंड लेने का आरोप लगाया है। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की 29 अगस्त 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक विभाग ने अस्पताल प्रशासन को पत्र भेजकर कहा है कि जांच में सामने आया कि कई कर्मचारियों ने अपने इनकम टैक्स रिटर्न में फर्जी कटौतियां और छूट दिखाईं। विभाग ने ऐसे कर्मचारियों से दावे वापस लेने, ब्याज सहित टैक्स चुकाने और अपडेटेड या रिवाइज्ड रिटर्न भरने को कहा है।
पूरा मामला क्या है?
विभाग के पत्र के अनुसार कर्मचारियों ने अस्पताल (नियोक्ता) को TDS काटने के लिए जो कटौतियां और छूट घोषित की थीं, बाद में रिटर्न भरते समय उनसे कहीं ज्यादा कटौतियां दिखा दीं। इससे उन्हें ऐसे रिफंड मिले, जिनके वे हकदार नहीं थे। विभाग ने इसे “बोगस दावा” बताया है और कहा है कि ऐसे मामले पहली नजर में जुर्माने और मुकदमे के दायरे में आते हैं। ध्यान रहे कि यह विभाग का आरोप है, और विभाग ने हर कर्मचारी को लेकर अंतिम निर्णय की बात नहीं कही है।

विभाग की चेतावनी: कितना जुर्माना और कितनी सजा?
- जुर्माना: आय छिपाने या गलत रिपोर्ट करने पर छिपाए गए (चोरी किए गए) कर का 200% तक पेनल्टी लग सकती है।
- सजा: आयकर अधिनियम 1961 की धारा 276C के तहत दोषी पाए जाने पर तीन महीने से दो साल तक की सख्त कैद और जुर्माना हो सकता है।
- सुधार का मौका: विभाग ने अस्पताल से कहा कि कर्मचारियों को इन नतीजों के बारे में बताकर अपडेटेड/रिवाइज्ड रिटर्न भरने की सलाह दी जाए।
अस्पताल ने क्या किया?
अस्पताल की ओर से आंतरिक सर्कुलर जारी किया गया। उसमें कहा गया कि जिस किसी अधिकारी या कर्मचारी ने रिटर्न में गलत कटौती या छूट का दावा करके अयोग्य रिफंड लिया है, वह सभी ऐसे दावे वापस लेकर अपडेटेड/रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करे और लागू टैक्स व ब्याज 1 सितंबर 2025 तक जमा कर दे। इसकी सूचना DDO, ABVIMS को देनी थी।
सैलरी वाले करदाताओं के लिए सबक
यह मामला हर वेतनभोगी करदाता के लिए जरूरी सीख है:
- नियोक्ता को जो निवेश घोषणा दें और रिटर्न में जो दावे करें, उनमें मेल होना चाहिए, और हर दावे का दस्तावेज आपके पास होना चाहिए।
- HRA, 80C, 80D जैसे दावे सिर्फ तभी करें जब वाकई पात्र हों। किसी एजेंट के कहने पर “ज्यादा रिफंड” का दावा न करें।
- गलती हो जाए तो रिवाइज्ड या अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) भरकर ब्याज सहित टैक्स चुकाना जुर्माने से बेहतर है।
- आयकर विभाग का कोई नोटिस आए तो उसे नजरअंदाज न करें, आधिकारिक पोर्टल पर जवाब दें या किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से सलाह लें।
आगे क्या?
खबर में उपलब्ध जानकारी के अनुसार विभाग ने सुधार के लिए समय-सीमा दी है, और जो कर्मचारी इसके बाद भी दावे वापस नहीं लेंगे, उन पर जुर्माने और कानूनी कार्रवाई का खतरा है। इस खबर तक कितने कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई, इसकी कोई आधिकारिक संख्या सार्वजनिक नहीं हुई थी, इसलिए अटकलों से बचें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
RML अस्पताल के कर्मचारियों पर क्या आरोप है?
आयकर विभाग का आरोप है कि कई कर्मचारियों ने TDS के लिए घोषित कटौतियों से ज्यादा कटौतियां रिटर्न में दिखाकर अयोग्य रिफंड लिए।
धारा 276C में क्या सजा है?
कर चोरी के प्रयास पर इसके तहत तीन महीने से दो साल तक की सख्त कैद और जुर्माने का प्रावधान है।
गलत दावा हो गया हो तो क्या करें?
गलत दावा वापस लेकर अपडेटेड/रिवाइज्ड रिटर्न भरें और बकाया टैक्स व ब्याज जमा करें। सही प्रक्रिया के लिए आयकर पोर्टल या चार्टर्ड अकाउंटेंट से मदद लें।

