
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के कई कर्मचारियों ने अपनी आय में गैर-कानूनी तरीके से कटौती या छूट का दावा कर फर्जी रिफंड प्राप्त किए, ऐसा आरोप आयकर विभाग ने लगाया है। जांच में यह दृष्टिगोचर हुआ कि कर्मचारियों ने अस्पताल को जो TDS (Tax Deducted at Source) की रसीद दी, उसके आंकड़ों से कहीं अधिक रिटर्न में दावा किया गया।
विभाग की फिराकशरी (Action Alert):
कर्मचारियों को गलत कर विवरण वापस लेने और ब्याज सहित कर जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
यदि समय पर सुधार नहीं किया तो भारी जुर्माना और आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जुर्माना और सज़ा की सीमा:
छुपाए गए कर पर ₹200 % तक का penalty लगाया जा सकता है।
धारा 276C के तहत दोषी पाए जाने पर तीन महीने से दो साल तक जेल और जुर्माना भी हो सकता है।
अस्पताल का जवाब:
रोग कर्मियों से आग्रह करते हुए नंबर कंट्रोल ऑफिस (DDO, ABVIMS) के माध्यम से एक आंतरिक सर्कुलर जारी किया गया जिसने सभी अफसरों से कहा:
> “जो भी कर्मचारी गलत कटौती/छूट का दावा लेकर रिफंड पा चुका है, वह 01 सितंबर, 2025 तक अपनी रिटर्न अपडेट कर के ब्याज सहित भुगतान करे।”
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इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि विभाग शिक्षा नहीं देना चाहता, बल्कि कठोर कार्रवाई की तैयारी में है — ताकि अनुचित लाभ उठाने वाले किसी भी कर्मचारी को दंडित किया जा सके।