कोलकाता: हर साल 21 जून को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस इस बार अपने 12वें संस्करण के साथ पूरी दुनिया में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस साल की थीम “Yoga for Healthy Ageing” (स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग) रखी गई, जो योग को जीवनभर की आदत बनाने पर जोर देती है, ताकि शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन बना रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड से आयोजित किया, जहां उन्होंने हजारों लोगों के साथ कॉमन योग प्रोटोकॉल सेशन में हिस्सा लिया। पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष के मुताबिक, इस आयोजन के लिए पिछले 10 दिनों से तैयारियां चल रही थीं और करीब 30,000 लोगों के लिए व्यवस्था की गई थी, जिससे यह देश के सबसे बड़े योग दिवस आयोजनों में से एक बन गया।
क्यों मनाया जाता है 21 जून को योग दिवस?
21 जून का दिन उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे लंबा दिन होता है, जिसे समर सॉल्सटिस (Summer Solstice) कहा जाता है। योगिक परंपरा में इस दिन का खास आध्यात्मिक महत्व है – मान्यता है कि इसी दिन के बाद आदियोगी भगवान शिव ने सप्तऋषियों को योग ज्ञान देना शुरू किया था। यह दिन प्रकृति और मनुष्य के बीच सामंजस्य का प्रतीक भी माना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ही 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे 177 देशों का समर्थन मिला था – यह संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में सबसे व्यापक समर्थन पाने वाले प्रस्तावों में से एक है।
दुनियाभर में हुए आयोजन
इस साल भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के समन्वय से दुनियाभर में 210 से ज्यादा भारतीय मिशनों ने करीब 2,500 स्थानों पर योग दिवस कार्यक्रम आयोजित किए। इसके अलावा संस्कृति मंत्रालय ने देश की 100 ऐतिहासिक और धरोहर स्थलों पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए, जिससे यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विरासत और योग परंपरा को जोड़ने वाला एक राष्ट्रीय उत्सव बन गया।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बना
मुख्य आयोजन से एक दिन पहले एक विशेष योग कार्यक्रम में 4 लाख से ज्यादा लोगों ने एक साथ लाइव योग सेशन में हिस्सा लेकर नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।
ताज महल से लेकर सेना तक हुआ योग
देशभर में आगरा के ताजमहल जैसे प्रतिष्ठित स्थलों के सामने भी लोग योग करते नजर आए। भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना ने भी ऊंचाई वाले इलाकों से लेकर सैन्य प्रतिष्ठानों तक, अपने जवानों के बीच योग सेशन आयोजित किए, ताकि उनकी फिटनेस और मानसिक मजबूती को बढ़ावा मिल सके। योगगुरु बाबा रामदेव ने भी आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में एक बड़े आयोजन का नेतृत्व किया।
मोदी का संदेश
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भगवद्गीता का हवाला देते हुए कहा कि काम, पोषण और नींद के बीच संतुलित जीवनशैली ही दुख से उबरने की कुंजी है। उन्होंने कहा, “योग हमें संतुलित तरीके से जीवन जीने की कला सिखाता है। जब हम अपने शरीर को सही तरीके से चलाना सीखते हैं, तो स्वास्थ्य एक आदत बन जाता है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि बढ़ती उम्र इंसान की क्षमता को कम न करे, इसके लिए ठोस प्रयास जरूरी हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने भी योग की वैश्विक स्वीकार्यता और मानव कल्याण में इसके योगदान की सराहना की।
भारत की सॉफ्ट पावर बना योग
बीते एक दशक में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भारत की सबसे सफल सॉफ्ट पावर पहलों में से एक बनकर उभरा है। योग की वैश्विक स्वीकार्यता ने आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं के समग्र समाधान देने वाले राष्ट्र के रूप में भारत की छवि को और मजबूत किया है।