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6 Jul 2026, Mon

8वां वेतन आयोग: OPS बहाली से लेकर 3.83 फिटमेंट फैक्टर तक, कर्मचारियों ने रखीं ये 5 बड़ी मांगें

नई दिल्ली: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) में मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तारीख 15 जून 2026 को खत्म हो गई है, और अब शुरू होता है असली खेल। करीब 55 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों का भविष्य इस आयोग की सिफारिशों पर टिका है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने कई बड़ी और अहम मांगें रखी हैं, जो अगर मान ली गईं तो लाखों परिवारों की जिंदगी बदल जाएगी।1. OPS बहाली – सबसे बड़ी मांगकर्मचारी संगठनों की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी मांग है पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली। उनका कहना है कि मार्केट से जुड़ी NPS (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा की गारंटी नहीं देती, जबकि बढ़ती उम्र में स्वास्थ्य खर्च और महंगाई लगातार बढ़ रही है। सरकार ने हाल ही में यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) पेश की है, लेकिन अधिकांश कर्मचारी संगठन इसे नाकाफी मानते हैं और पूरी तरह OPS बहाली की मांग पर कायम हैं।2. फिटमेंट फैक्टर 3.15 से 3.83 तक की मांगफिटमेंट फैक्टर वह मल्टीप्लायर होता है जिसे मौजूदा बेसिक पे में गुणा करके नई सैलरी तय की जाती है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था। इस बार कर्मचारी संगठन 3.15 से लेकर 3.83 तक का फिटमेंट फैक्टर मांग रहे हैं। अगर 2.28 का फैक्टर भी लागू हो, तो न्यूनतम वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹41,000 हो जाएगा। अगर 3.0 का फैक्टर मिला तो यह ₹54,000 तक पहुंच सकता है।3. DA मर्जर की मांगकर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं कि नई सैलरी तय करने से पहले मौजूदा महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक पे में मर्ज किया जाए। जनवरी 2026 में सरकार ने 2% DA बढ़ाकर इसे 60% कर दिया है। मर्जर के बाद DA की दर शून्य से शुरू होगी और नई सैलरी पर फिर से बढ़ेगी। इससे कर्मचारियों का तत्काल टेक-होम बढ़ सकता है।4. नया फैमिली कंसम्पशन फॉर्मूलाकर्मचारी संगठनों का कहना है कि पुराने वेतन आयोगों में इस्तेमाल किया गया फैमिली कंसम्पशन फॉर्मूला दशकों पुराने खर्च पैटर्न पर आधारित था, जब सिर्फ खाना, कपड़ा और मकान को ध्यान में रखा जाता था। अब परिवार शिक्षा, स्वास्थ्य, इंटरनेट, ट्रांसपोर्ट और बुजुर्गों की देखभाल पर भी भारी खर्च करते हैं। इसलिए संगठनों ने 3 यूनिट की जगह 5 यूनिट वाले परिवार का फॉर्मूला अपनाने की मांग की है।5. HRA, रिस्क पे और अन्य भत्तों में बढ़ोतरीइसके अलावा कर्मचारी मकान किराया भत्ते (HRA), रिस्क पे, बोनस, छुट्टी के फायदे और रिटायरमेंट सुविधाओं में भी बड़े सुधार चाहते हैं। पेंशनभोगियों ने मांग की है कि CGHS सुविधा से वंचित इलाकों में फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस ₹1,000 से बढ़ाकर ₹20,000 प्रति माह किया जाए।आगे क्या होगा?आयोग के पास अब रिपोर्ट फाइनल करने के लिए करीब 10 महीने बचे हैं। इस दौरान आयोग की टीम कर्मचारी संगठनों, पेंशनभोगी निकायों और सरकारी विभागों के प्रस्तावों की जांच करेगी और क्षेत्रीय परामर्श बैठकें आयोजित करेगी। लखनऊ में 22-23 जून को ऐसी ही एक बड़ी स्टेकहोल्डर मीटिंग होने वाली है।व्हाट्सएप स्कैम से रहें सावधानइस बीच भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने एक अहम चेतावनी जारी की है। साइबर ठग 8वें वेतन आयोग के नाम पर व्हाट्सएप पर फर्जी सैलरी कैलकुलेटर और लिंक भेज रहे हैं, जो असल में आपकी निजी जानकारी चुराने के लिए बनाए गए हैं। सरकारी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट 8cpc.gov.in पर ही भरोसा करें।स्पष्ट कर दें कि ये सभी मांगें अभी विचाराधीन हैं। अंतिम निर्णय तब होगा जब आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा और सरकार उसे स्वीकार करेगी।

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