नागपुर: NEET-UG 2026 की 21 जून को होने वाली री-एग्जाम से ठीक एक दिन पहले एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जब नागपुर के एक छात्र को उसके रिवाइज्ड एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र के रूप में भारत की जगह अबू धाबी (संयुक्त अरब अमीरात) अलॉट कर दिया गया। यह मामला सामने आते ही सोशल मीडिया पर जमकर हंगामा मच गया।
क्या है पूरा मामला?
छात्र की पहचान अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब के रूप में हुई है। उनके पिता डॉ. मोहम्मद तालिब के मुताबिक, उनके बेटे ने रजिस्ट्रेशन के समय नागपुर, वर्धा और भंडारा को अपने पसंदीदा परीक्षा केंद्रों के रूप में चुना था। लेकिन जब शनिवार शाम 4 बजे एडमिट कार्ड डाउनलोड किया गया, तो उसमें परीक्षा केंद्र अबू धाबी की एक स्कूल दिखा रहा था।
परिवार को इस बात का गहरा झटका लगा, खासकर इसलिए क्योंकि अब्दुल्ला के पास वैध पासपोर्ट भी नहीं है, जिससे इतने कम समय में विदेश यात्रा करना नामुमकिन था। यह गड़बड़ी ऐसे समय सामने आई जब देशभर में NEET-UG री-एग्जाम से पहले मॉक ड्रिल चल रही थी।
NTA ने क्या सफाई दी?
मामले के तूल पकड़ने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर बयान जारी कर सफाई दी। एजेंसी का कहना है कि उनके वेब-एक्टिविटी रिकॉर्ड्स बताते हैं कि सेंटर में बदलाव खुद छात्र के रजिस्टर्ड लॉगिन से, ओपन करेक्शन विंडो के दौरान किया गया था, और यह एक्सेस पैटर्न लगातार एक ही यूजर का था।
NTA ने यह भी बताया कि तीन मौकों पर सेंटर को अबू धाबी में बदला या प्रीव्यू किया गया था, और इसके बावजूद एजेंसी ने छात्र के अनुरोध को स्वीकार करते हुए यह बदलाव लागू किया।
हालांकि बाद में NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने इसे एक “तकनीकी खामी” बताते हुए इसे एक चूक (lapse) करार दिया। शुक्रवार शाम को मिले अनुरोध के आधार पर एजेंसी ने छात्र का सेंटर वापस नागपुर में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की और परिवार से संपर्क कर औपचारिकताएं पूरी कराईं।
सुधार के बाद मिला नया एडमिट कार्ड
NTA की त्वरित कार्रवाई के बाद छात्र को एक संशोधित एडमिट कार्ड जारी किया गया, जिसमें परीक्षा केंद्र नागपुर के एक मेडिकल कॉलेज में तय किया गया। एजेंसी ने अपने बयान में कहा, “NTA की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी छात्र प्रशासनिक भ्रम के चलते परीक्षा से वंचित न रहे।”
NTA की साख पर फिर उठे सवाल
यह घटना ऐसे समय हुई जब NTA पहले से ही पेपर लीक विवाद को लेकर भारी आलोचना झेल रही है। मूल NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी, जिसे पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था और मामला CBI को सौंपा गया था। आलोचकों का कहना है कि एक एजेंसी जो किसी छात्र को उसके अपने शहर में सेंटर नहीं दे पा रही, लेकिन गलती से उसे विदेश भेज दे रही है, उसकी परीक्षा कराने की क्षमता पर सवाल उठना लाजमी है।
री-एग्जाम की पूरी जानकारी
NEET-UG 2026 की यह री-एग्जाम 21 जून 2026 को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित होगी। यह परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में एक साथ होगी, जिसमें 22.79 लाख से ज्यादा उम्मीदवार शामिल होंगे।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा कराने वाली एजेंसी से छात्र और उनके परिवार किस हद तक भरोसा रख सकते हैं।
