Breaking
6 नवम्बर 2026, शुक्र

ITR Filing 2026: Form 10-IEA के अलावा अब बतानी होंगी ये 10 जरूरी जानकारियां, वरना मिलेगा नोटिस

भारत के आयकर विभाग का आधिकारिक लोगो

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते समय हर साल कुछ नए नियम और कॉलम जुड़ जाते हैं। आकलन वर्ष (AY) 2026-27 के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने अधिसूचना संख्या 45/2026 के तहत फॉर्म में बदलाव किए हैं, जो 31 मार्च 2026 से प्रभावी हैं। नीचे उन बातों को सरल हिंदी में समझाया गया है, जिन पर इस बार खास ध्यान देना चाहिए। जहां कोई बात आयकर विभाग की अधिसूचना से सीधे पुष्ट नहीं हुई, वहां उसे मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया गया है।

सबसे पहले: डेडलाइन (तारीखों का अपडेट)

जिन करदाताओं के खातों का टैक्स ऑडिट जरूरी है, उनके लिए AY 2026-27 का ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी गई है (CBDT का आदेश)। टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की तारीख 21 अक्टूबर 2026 थी। कारोबार या पेशे की आय वाले ऐसे करदाता, जिन्हें ऑडिट नहीं कराना, उनकी तारीख 31 अगस्त 2026 थी। अपनी श्रेणी की सही तारीख हमेशा incometax.gov.in पर जांच लें।

ITR फॉर्म में प्रमुख बदलाव

1. दो हाउस प्रॉपर्टी की आय अब ITR-1 में

अब ITR-1 में दो घरों से होने वाली आय दिखाने की सुविधा है, बशर्ते ITR-1 की बाकी शर्तें पूरी हों। पहले ऐसे मामलों में आमतौर पर ITR-2 भरना पड़ता था।

2. लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (धारा 112A) ₹1.25 लाख तक

अगर आपका शेयरों/इक्विटी म्यूचुअल फंड से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन ₹1.25 लाख तक है, तो इसे ITR-1 और पात्र प्रिजम्पटिव आय वाले ITR-4 (सुगम) में दिखाया जा सकता है। इससे ज्यादा गेन या दूसरी तरह की पूंजीगत आय होने पर ITR-2 या ITR-3 का इस्तेमाल करना होगा।

3. F&O, इंट्राडे और कमोडिटी की रिपोर्टिंग अलग-अलग

ITR-3 में F&O का टर्नओवर और आय अब इंट्राडे/सट्टा कारोबार की आय से अलग दिखानी होती है। ट्रेडर्स को अपने ब्रोकर के P&L स्टेटमेंट से इन्हें अलग-अलग निकाल लेना चाहिए।

4. Form 10-IEA की जानकारी

Form 10-IEA उन कारोबार/पेशे वाले करदाताओं के लिए है, जो नई कर व्यवस्था से बाहर निकलना या दोबारा उसमें आना चाहते हैं। इसे ITR की अंतिम तारीख तक ऑनलाइन भरना होता है और उसका एक्नॉलेजमेंट नंबर रिटर्न में डालना होता है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस बार पिछले सालों में दाखिल फॉर्म की जानकारी भी देनी पड़ सकती है।

5. विदेशी आय और संपत्तियां (Schedule FA)

विदेशी संपत्ति या विदेशी स्रोत से आय वाले फ्रीलांसरों, रिमोट वर्कर्स और विदेशी क्लाइंट्स से कमाने वालों को Schedule FA में जानकारी भरनी होती है। विदेशी पेंशन या DTAA का लाभ लेने वाले ज्यादातर लोगों को ITR-2 या ITR-3 ही भरना पड़ता है।

6. संपत्ति और देनदारी (Schedule AL)

कुल आय ₹1 करोड़ से ज्यादा होने पर संपत्ति और देनदारियों का ब्योरा (Schedule AL) देना होता है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस साल यह सीमा ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹1 करोड़ की गई है।

7. बैंक बैलेंस, राजनीतिक दान और दूसरी नई फील्ड

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ITR-4 में 31 मार्च 2026 तक का बैंक बैलेंस बताना अनिवार्य किया गया है। धारा 80G/80GGC के तहत राजनीतिक दान की कटौती का दावा करने वालों से अतिरिक्त जानकारी मांगी जा सकती है। अलग-अलग फॉर्म के निर्देश (Instructions) फाइल करने से पहले जरूर पढ़ें।

आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या

  • वेतनभोगी: सामान्य मामलों में बदलाव कम हैं, पर दो घर या छोटे LTCG वाले अब ITR-1 से काम चला सकते हैं।
  • ट्रेडर और फ्रीलांसर: F&O/इंट्राडे और विदेशी आय का सही वर्गीकरण जरूरी है, वरना AIS से मिलान न होने पर नोटिस आ सकता है।
  • सलाह: रिटर्न भरने से पहले AIS/26AS और Form 16 से आंकड़े मिला लें। जटिल मामलों में चार्टर्ड अकाउंटेंट की मदद लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

AY 2026-27 के ITR फॉर्म किस अधिसूचना से आए हैं?

CBDT की अधिसूचना संख्या 45/2026 से, जो 31 मार्च 2026 से लागू है।

ऑडिट वाले करदाताओं की ITR की आखिरी तारीख क्या है?

इसे 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 किया गया है।

Form 10-IEA किसके लिए है?

कारोबार/पेशे की आय वाले उन करदाताओं के लिए, जो नई कर व्यवस्था से बाहर निकलना या वापस आना चाहते हैं।

क्या ITR-1 में दो घर दिखाए जा सकते हैं?

हां, इस वर्ष से दो हाउस प्रॉपर्टी की आय ITR-1 में दिखाने की अनुमति है, बशर्ते बाकी शर्तें पूरी हों।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *