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7 नवम्बर 2026, शनि

8th Pay Commission: मेमोरेंडम जमा करने की विंडो बंद, जानें अब आगे क्या होगा – सैलरी हाइक की पूरी जानकारी

सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंपते आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ए.के. माथुर

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जिस 8वें वेतन आयोग का इंतजार है, उसके सामने मेमोरेंडम (ज्ञापन) जमा करने की खिड़की 15 जून 2026 को बंद हो गई। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट 8cpc.gov.in और इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ ऑनलाइन पोर्टल से जमा सबमिशन ही मान्य हैं, जिनके पास वैलिड यूनीक मेमो आईडी हो। फिजिकल कॉपी, ईमेल या PDF के जरिए भेजे गए सबमिशन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

8वां वेतन आयोग कब बना और कौन चला रहा है?

सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का औपचारिक गठन किया। यह करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 69 लाख पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों की समीक्षा करेगा। आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग को अपनी सिफारिशें गठन के 18 महीने के भीतर, यानी मई 2027 तक सौंपनी हैं। संसद में 10 अगस्त 2026 के एक जवाब के मुताबिक आयोग उस समय तक भी हितधारकों से परामर्श कर रहा था और सिफारिशें नहीं सौंपी थीं।

कर्मचारी यूनियनों की मुख्य मांगें

  • ऊंचा न्यूनतम वेतन: यूनियनें न्यूनतम वेतन में बड़ी बढ़ोतरी चाहती हैं।
  • फिटमेंट फैक्टर में बदलाव: फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है, जिससे नया बेसिक वेतन तय होता है (नया बेसिक = पुराना बेसिक × फिटमेंट फैक्टर)। कुछ रिपोर्ट्स में 2.28 के फैक्टर का अनुमान लगाया गया है, पर यह आधिकारिक नहीं है।
  • पेंशन सुधार: पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग प्रमुखता से उठी है, लेकिन सरकार ने इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।
  • DA मर्जर: महंगाई भत्ते को मूल वेतन में मिलाने पर चर्चा है। यह भी अभी प्रस्ताव के स्तर पर है।

महंगाई भत्ते (DA) का ताजा अपडेट

केंद्रीय कैबिनेट ने 1 जनवरी 2026 से प्रभावी 2% अतिरिक्त DA और DR को मंजूरी दी, जिससे दर 58% से बढ़कर 60% हो गई। इसका आदेश 22 अप्रैल 2026 को जारी हुआ, इसलिए जनवरी से अप्रैल तक का एरियर देय है (PIB/अकाशवाणी और मिंट की रिपोर्ट्स के अनुसार)।

राज्यवार परामर्श और अगला कदम

आयोग का राज्य-स्तरीय परामर्श कार्यक्रम भी जारी रहा, जिसमें लखनऊ में 22-23 जून 2026 को हितधारक बैठकें तय थीं। इसके बाद आयोग सभी पक्षों की राय, आर्थिक स्थिति और सरकारी वित्त का आकलन करके रिपोर्ट तैयार करेगा।

जरूरी बात: अभी क्या तय नहीं है?

8वें वेतन आयोग ने अब तक फाइनल फिटमेंट फैक्टर, संशोधित सैलरी मैट्रिक्स, HRA ढांचा या पेंशन संशोधन फार्मूला तय नहीं किया है। जो भी कैलकुलेशन सोशल मीडिया या यूट्यूब पर चल रहे हैं, वे अनुमान और यूनियनों की मांग पर आधारित हैं। रिपोर्ट आने के बाद भी उसे सरकार की मंजूरी और अधिसूचना के बाद ही लागू किया जाएगा।

आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या

अगर आप केंद्रीय कर्मचारी या पेंशनभोगी हैं, तो फिलहाल आपकी सैलरी या पेंशन में बदलाव का फैसला नहीं हुआ है। अभी मौजूदा DA/DR की बढ़ोतरी ही असली राहत है। सिफारिशें आने तक अफवाहों पर कोई वित्तीय फैसला (जैसे बड़ा लोन या खर्च) न लें। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2016 में लागू हुई थीं, और 8वें की रिपोर्ट व लागू होने की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है। ताजा जानकारी के लिए 8cpc.gov.in और वित्त मंत्रालय की सूचनाएं देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

8वें वेतन आयोग में मेमोरेंडम की आखिरी तारीख क्या थी?

15 जून 2026, और केवल ऑनलाइन पोर्टल से जमा सबमिशन मान्य थे।

8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट कब तक आएगी?

आयोग को गठन के 18 महीने में रिपोर्ट देनी है, यानी मई 2027 तक। लागू होने की तारीख सरकार तय करेगी।

क्या फिटमेंट फैक्टर तय हो गया है?

नहीं, अब तक आयोग या सरकार ने कोई फाइनल फिटमेंट फैक्टर घोषित नहीं किया है।

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