
सोशल मीडिया स्टार और बिग बॉस विजेता एल्विश यादव एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार कारण उनकी लोकप्रियता नहीं बल्कि सांप तस्करी से जुड़ा एक मामला है। नोएडा कोर्ट में हुई उनकी पेशी ने यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
यह मामला एक कथित सांप तस्करी से जुड़ा है, जिसमें एल्विश यादव का नाम सामने आया। हालांकि, इस पर उन्होंने पहले ही अपने बयान में खुद को निर्दोष बताया है। जांच एजेंसियां इस मामले में गहनता से जांच कर रही हैं और 6 फरवरी को अगली सुनवाई तय की गई है।
नोएडा की स्थानीय अदालत में एल्विश यादव को 6 जनवरी को पेश किया गया। इस दौरान उनके वकील ने अदालत में जोर देकर कहा कि उनके मुवक्किल का इस मामले से कोई संबंध नहीं है।
कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में उनके प्रशंसक और मीडिया कर्मी मौजूद थे।
“एल्विश यादव के खिलाफ लगाए गए आरोप आधारहीन हैं। वे इस मामले में फंसाए जा रहे हैं।”
सांप तस्करी का यह मामला हाल ही में सामने आया, जिसमें दुर्लभ प्रजातियों के सांपों की तस्करी का आरोप है।
आरोप है कि इन दुर्लभ प्रजातियों को अवैध रूप से बेचा और खरीदा जा रहा था।
जांच के दौरान कुछ लोगों ने उनका नाम लिया, जिसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया।
एल्विश यादव के फैंस सोशल मीडिया पर उनकी बेगुनाही के समर्थन में कैंपेन चला रहे हैं। ट्विटर और इंस्टाग्राम पर #WeStandWithElvish ट्रेंड कर रहा है।
प्रशंसकों का कहना है कि यह उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की साजिश हो सकती है।
कई समर्थकों ने उनकी ईमानदारी और सामाजिक कार्यों का हवाला देते हुए उन्हें निर्दोष बताया है।
अदालत ने अगली सुनवाई 6 फरवरी को तय की है। तब तक जांच एजेंसियों को मामले से जुड़े और सबूत पेश करने का समय दिया गया है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में सभी पक्षों की जांच करना बेहद जरूरी है।
अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का गंभीर उल्लंघन होगा।
वहीं, अगर आरोप गलत साबित होते हैं, तो यह एल्विश यादव की छवि के लिए एक बड़ी राहत होगी।
यह मामला न केवल एल्विश यादव बल्कि वन्यजीव संरक्षण कानून के प्रति भी लोगों का ध्यान खींच रहा है। 6 फरवरी को होने वाली सुनवाई से यह तय होगा कि इस मामले में क्या नया मोड़ आता है। तब तक उनके प्रशंसकों और आलोचकों की नजरें इस मामले पर बनी रहेंगी।
यह देखना दिलचस्प होगा कि कानून इस मामले में क्या निर्णय लेता है और क्या एल्विश यादव इस विवाद से खुद को अलग साबित कर पाते हैं।

