Breaking
7 नवम्बर 2026, शनि

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी “सेक्रेटरी ऑफ वॉर” पीट हेगसेथ ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के सेबू में मुलाकात की और भारत-अमेरिका के 10 साल के रक्षा फ्रेमवर्क की प्रगति की समीक्षा की। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के अनुसार दोनों नेताओं की यह बैठक 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus) के दौरान हुई।

बैठक में क्या हुआ

PIB की विज्ञप्ति के अनुसार दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका मेजर डिफेंस पार्टनरशिप के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की और परिचालन तैयारी, तकनीक साझा करने तथा रक्षा औद्योगिक एकीकरण को तेज करने के नए रास्तों पर चर्चा की। बातचीत में सैन्य स्तर के आदान-प्रदान, समुद्री सुरक्षा सहयोग और रक्षा आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने पर भी बात हुई।

राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा कि वह “बेहतरीन बैठक” थी और 10 साल का रक्षा फ्रेमवर्क सैन्य तकनीक, सूचना साझा करने और सह-उत्पादन में “रणनीतिक अभिसरण” को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने भारत-अमेरिका साझेदारी को “मुक्त, खुले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत” का आधार स्तंभ बताया।

आतंकवाद पर रुख

PIB के अनुसार दोनों देशों ने आतंकवाद को खत्म करने के साझा संकल्प को दोहराया। राजनाथ सिंह ने कहा कि वैश्विक समुदाय को उन देशों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” का रुख रखना चाहिए जो आतंकी संगठनों को समर्थन, प्रशिक्षण या फंडिंग देते हैं। विज्ञप्ति के मुताबिक हेगसेथ ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत को अमेरिका का पूरा समर्थन दोहराया और भारत ने अमेरिका के लगातार समर्थन की सराहना की।

10 साल का रक्षा फ्रेमवर्क क्या है

न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार भारत और अमेरिका ने अक्टूबर 2025 में यह रक्षा फ्रेमवर्क साइन किया था, जो रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और रक्षा सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों को बढ़ाने का रोडमैप तय करता है। रिपोर्ट के अनुसार हेगसेथ ने बताया कि यह बैठक मेजर डिफेंस पार्टनरशिप के फ्रेमवर्क की पहली वर्षगांठ पर हुई। अमेरिका ने 2016 में भारत को “मेजर डिफेंस पार्टनर” का दर्जा दिया था।

रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों के बीच कई बुनियादी समझौते भी हो चुके हैं:

  • LEMOA (2016): दोनों देशों की सेनाएं मरम्मत और आपूर्ति के लिए एक-दूसरे के ठिकानों का उपयोग कर सकती हैं।
  • COMCASA (2018): सुरक्षित संचार और उन्नत अमेरिकी रक्षा तकनीक तक पहुंच।
  • BECA (2020): सैन्य अभियानों के लिए भू-स्थानिक जानकारी साझा करना।

कूटनीतिक तनाव के बीच रक्षा सहयोग

न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा कि ट्रंप प्रशासन के दौरान दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में खिंचाव के बावजूद रक्षा संबंध आगे बढ़ते रहे हैं। यानी राजनीतिक मतभेदों के बीच भी रक्षा क्षेत्र का सहयोग जारी रहा है। इस बैठक में किसी नए समझौते या सौदे की घोषणा नहीं हुई। PIB की विज्ञप्ति में भी केवल समीक्षा और भविष्य के सहयोग के रास्तों की चर्चा है।

ऑस्ट्रेलिया के उप-प्रधानमंत्री से भी मुलाकात

रिपोर्ट के अनुसार राजनाथ सिंह ने सेबू में ऑस्ट्रेलिया के उप-प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्ल्स से भी मुलाकात की। उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की समीक्षा, सैन्य अंतरसंचालनीयता बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा की। सिंह ने कहा कि भारत हिंद-प्रशांत को मुक्त, खुला और सुरक्षित रखने में ऑस्ट्रेलिया के साथ अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को बड़ा महत्व देता है।

इस बैठक का महत्व

रक्षा फ्रेमवर्क के एक साल पूरे होने पर हुई यह समीक्षा बताती है कि दोनों पक्ष तकनीक साझा करने, सह-उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला जैसे मुद्दों पर आगे बढ़ना चाहते हैं। फिलहाल बैठक से किसी ठोस परियोजना की घोषणा नहीं हुई है, इसलिए असली असर आने वाले महीनों में होने वाले फैसलों से दिखेगा।

इस हफ्ते रक्षा मंत्रालय के स्तर पर यह भी खबर आई कि रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 26 अक्टूबर को ₹2.12 लाख करोड़ के खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। यह अलग फैसला है और इस बैठक से जुड़ा नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

राजनाथ सिंह और हेगसेथ की मुलाकात कहां हुई?

फिलीपींस के सेबू में, 13वीं ADMM-Plus बैठक के दौरान।

बैठक में क्या तय हुआ?

10 साल के रक्षा फ्रेमवर्क की प्रगति की समीक्षा हुई। किसी नए समझौते की घोषणा नहीं हुई।

यह फ्रेमवर्क कब साइन हुआ था?

न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार अक्टूबर 2025 में।

आतंकवाद पर क्या कहा गया?

दोनों पक्षों ने इसे खत्म करने का संकल्प दोहराया और अमेरिका ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़े रहने की बात कही।

नोट: जानकारी PIB (28 अक्टूबर 2026) और द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्टों पर आधारित है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *