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7 नवम्बर 2026, शनि

गिरिडीह के राजधनवार यूको बैंक में 5 करोड़ की डकैती: झारखंड की तीसरी सबसे बड़ी बैंक लूट, कई संदिग्ध हिरासत में; बाइक बिहार में मिली

यूको बैंक की एक शाखा (प्रतीकात्मक तस्वीर)

गिरिडीह (झारखंड): गिरिडीह जिले के राजधनवार बाजार में स्थित यूको बैंक (UCO Bank) की शाखा में गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को दिनदहाड़े हुई डकैती अब झारखंड की सबसे बड़ी बैंक लूटों में गिनी जा रही है। बैंक शाखा प्रबंधक की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के मुताबिक लूटे गए जेवरात और नकदी की अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ रुपये है, जिसमें लगभग 11.5 लाख रुपये नकद बताए गए हैं। पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है, लेकिन 7 नवंबर तक लूटा गया सोना और नकदी बरामद नहीं हो पाई थी।

क्या हुआ था राजधनवार यूको बैंक में?

न्यूज एजेंसी UNI के अनुसार वारदात दोपहर करीब 1:40 बजे हुई। हथियारबंद बदमाश बैंक में घुसे, कर्मचारियों और मौजूद ग्राहकों को बंदूक की नोक पर बंधक बनाया और शाखा प्रबंधक को तिजोरी (वॉल्ट) खुलवाने पर मजबूर किया। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक बदमाश बाइक से आए थे; इनमें से दो ने हेलमेट पहन रखा था और बाकी ने चेहरे पर मास्क लगा रखा था।

प्रभात खबर के अनुसार यह शाखा धनवार थाने से करीब 100 मीटर की दूरी पर है। यानी थाने के इतने पास इतनी बड़ी वारदात ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

4 करोड़ से 5 करोड़ तक कैसे पहुंचा आंकड़ा

घटना के दिन शुरुआती रिपोर्टों में करीब 4 करोड़ रुपये के जेवरात और 8 से 10 लाख रुपये नकद लूटे जाने की बात कही गई थी। बाद में धनवार थाने में दर्ज एफआईआर में शाखा प्रबंधक राहुल कुमार गोंड ने कुल अनुमानित नुकसान करीब 5 करोड़ रुपये बताया (ETV भारत)। प्रभात खबर के मुताबिक बैंक प्रबंधन के आकलन में करीब 5 करोड़ रुपये के सोने के जेवरात और लगभग 11.50 लाख रुपये नकद शामिल हैं। अंतिम आंकड़ा बैंक के ऑडिट और पुलिस जांच के बाद ही साफ होगा।

एफआईआर पांच अज्ञात अपराधियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 310(2), 311, 115/117, 351/352 और 127 के तहत दर्ज की गई है। धारा 310 डकैती से जुड़ी है।

जांच में अब तक क्या सामने आया

  • 7 अपराधी शामिल होने की बात: पुलिस जांच के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि कुल सात लोग शामिल थे, पांच बैंक के अंदर और दो बाहर। ये गिरिडीह के बेंगाबाद, देवघर और बिहार से बताए जा रहे हैं, हालांकि किस जगह के कितने आरोपी हैं, इस पर अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़े अलग हैं।
  • हिरासत: प्रभात खबर के मुताबिक जमुआ इलाके से चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि ETV भारत ने लगभग आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लेने की बात कही है। घटना के दिन ही पीछा करके एक आरोपी को पकड़ा गया था।
  • बिहार में मिली बाइक: वारदात में इस्तेमाल एक मोटरसाइकिल बिहार के जमुई जिले के चकाई थाना क्षेत्र में बटपार चौक के पास लावारिस हालत में मिली। पुलिस को आशंका है कि बदमाश बिहार की ओर भागे।
  • कई जिलों में छापेमारी: एसपी डॉ. बिमल कुमार की टीमें देवघर, जमुई और वैशाली-पटना जैसे इलाकों में दबिश दे रही हैं। एसपी ने खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार को त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया था।

ध्यान रहे, हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि पुलिस ने अभी नहीं की है। जब तक अदालत में दोष सिद्ध न हो, सभी आरोपी ही माने जाएंगे।

झारखंड की तीसरी सबसे बड़ी बैंक लूट

ETV भारत की रिपोर्ट के अनुसार यह झारखंड की तीसरी सबसे बड़ी बैंक लूट है। इससे पहले:

  • 24 सितंबर 2026, जमशेदपुर: गोलमुरी स्थित केनरा बैंक से करीब 23.80 किलो गिरवी सोना (बाजार मूल्य लगभग 33.20 करोड़ रुपये) और 43 लाख रुपये नकद लूटे गए थे।
  • 24 अप्रैल 2026, हजारीबाग (बरही): करीब 3.9 किलो सोना और 4.22 लाख रुपये नकद, यानी लगभग 5 करोड़ रुपये की लूट हुई थी।

गिरिडीह जिले के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी बैंक लूट है। इससे पहले जिले की सबसे बड़ी लूट 7 जून 2005 को मकतपुर की सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा से 29.23 लाख रुपये की थी। एक ही साल में राज्य में तीन बड़ी लूटें, और तीनों में सोने को निशाना बनाया जाना, बैंकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल है।

ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?

सबसे बड़ी चिंता उन ग्राहकों की है जिनके जेवरात बैंक में रखे थे। आम तौर पर बैंकों की तिजोरी में रखा सोना ज्यादातर गोल्ड लोन के बदले गिरवी रखे गए गहनों का होता है। गोल्ड लोन में गिरवी रखा सोना बैंक की कस्टडी में होता है और उसे सुरक्षित लौटाने की जिम्मेदारी बैंक की होती है। इस मामले में बैंक ग्राहकों का नुकसान कैसे पूरा करेगा, इस पर यूको बैंक की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।

अगर आपका सोना ऐसे किसी बैंक में गिरवी है, तो ये बातें काम आएंगी:

  • गोल्ड लोन की रसीद, लोन खाते का विवरण और गहनों के वजन-मूल्यांकन वाली पर्ची संभालकर रखें। दावे के समय यही सबसे बड़ा सबूत है।
  • अफवाहों पर भरोसा न करें; सीधे शाखा या बैंक के आधिकारिक ग्राहक सेवा नंबर से लिखित जानकारी लें।
  • सेफ डिपॉजिट लॉकर के मामले में RBI के 2021 के दिशानिर्देशों के अनुसार चोरी, सेंधमारी, डकैती या आग जैसी घटनाओं में बैंक की देनदारी लॉकर के सालाना किराए के 100 गुना तक हो सकती है। इसलिए लॉकर में रखे सामान की सूची और जरूरत हो तो अलग बीमा पर विचार करें।

आगे क्या?

पुलिस का कहना है कि हर सूचना पर काम हो रहा है और जल्द खुलासा होगा। आने वाले दिनों में बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी, लूटे गए सोने की बरामदगी और बैंक की ओर से ग्राहकों के लिए मुआवजे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। साथ ही यह भी देखना होगा कि थाने के इतने करीब हुई वारदात के बाद ग्रामीण और कस्बाई शाखाओं में सुरक्षा गार्ड, अलार्म और CCTV व्यवस्था को लेकर बैंक क्या कदम उठाते हैं।

स्रोत: ETV भारत, प्रभात खबर, UNI और दैनिक भास्कर की रिपोर्ट (5–7 नवंबर 2026)। आंकड़े बैंक और पुलिस के शुरुआती आकलन पर आधारित हैं और जांच के साथ बदल सकते हैं।

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