दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 इस साल रविवार, 8 नवंबर को होगी। बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) दोनों एक्सचेंजों ने खास लाइव सेशन का ऐलान किया है, जिसमें निरंतर ट्रेडिंग दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक चलेगी। प्री-ओपन सेशन 2:05 बजे शुरू होगा। यह सत्र हिंदू वित्तीय वर्ष संवत 2083 की शुरुआत और लक्ष्मी पूजन से जुड़ा माना जाता है।
इकोनॉमिक टाइम्स और लाइवमिंट की रिपोर्ट्स के अनुसार, मुहूर्त ट्रेडिंग सामान्य कारोबारी दिन से अलग एक छोटा स्पेशल सेशन होता है। आम दिनों में इक्विटी बाजार सुबह करीब 9:15 से दोपहर 3:30 तक खुलता है, जबकि दिवाली वाले मुहूर्त में मुख्य निरंतर कारोबार करीब एक घंटे तक सीमित रहता है। इस बार सेशन रविवार को पड़ रहा है क्योंकि दिवाली 8 नवंबर को है।
मुहूर्त ट्रेडिंग 2026: पूरा टाइमटेबल
एनएसई और बीएसई के सर्कुलर तथा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्य टाइमलाइन इस तरह है:
- ब्लॉक डील विंडो: करीब 1:50 बजे से 2:05 बजे तक
- प्री-ओपन ऑर्डर एंट्री: 2:05 से 2:10 बजे तक लिमिट और मार्केट दोनों ऑर्डर; 2:10 से 2:15 बजे तक सिर्फ लिमिट ऑर्डर
- मैचिंग/कन्फर्मेशन और बफर: 2:15 से 2:20 बजे के आसपास
- निरंतर ट्रेडिंग (Continuous): 2:20 बजे से 3:30 बजे तक
- पोस्ट-क्लोज / ट्रेड मॉडिफिकेशन: एक्सचेंज नियमों के अनुसार दोपहर बाद तक (बीएसई नोटिस में ट्रेड मॉडिफिकेशन करीब 4:15 बजे तक का जिक्र)
आईपीओ और री-लिस्टेड स्क्रिप्स के लिए स्पेशल प्री-ओपन अलग विंडो में चलता है। पीरियॉडिक कॉल ऑक्शन और क्लोजिंग ऑक्शन (CAS) वाले शेयरों के लिए भी अलग स्लॉट तय किए गए हैं। कमोडिटी एक्सचेंज MCX भी उसी दिन स्पेशल सेशन रखेगा; इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार MCX पर प्री-ओपन करीब 2:05–2:19 और ट्रेडिंग 2:20–3:30 बजे रहेगी।
संवत 2083 और परंपरा क्या है?
मुहूर्त ट्रेडिंग भारतीय शेयर बाजार की पुरानी परंपरा है। रिपोर्ट्स के अनुसार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने इसे 1957 में शुरू किया, और एनएसई ने 1992 से इसे जारी रखा। पारंपरिक रूप से ब्रोकर और ट्रेडर्स इस मौके पर चोपड़ा पूजन (खातों की पूजा) करते थे, ताकि नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत शुभ मानी जाए। कई इलाकों में यह सत्र लक्ष्मी पूजन के समय के आसपास रखा जाता है।
वॉल्यूम आमतौर पर सामान्य दिनों से कम रहता है। कई निवेशक इसे “शुभ शुरुआत” के प्रतीक के रूप में देखते हैं—कुछ प्रतीकात्मक छोटे सौदे करते हैं, कुछ लंबे समय के पोर्टफोलियो में जोड़ते हैं। याद रखें: शुभ मुहूर्त का मतलब यह नहीं कि हर ट्रेड मुनाफे में जाएगा। बाजार जोखिम भरा रहता है।
सेटलमेंट और डिलीवरी: ट्रेड के बाद क्या होगा?
एनएसई के सर्कुलर और इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मुहूर्त सेशन में हुए सभी ट्रेड सामान्य नियमों के तहत सेटलमेंट ऑब्लिगेशन पैदा करते हैं। पूंजी बाजार में टी+1 व्यवस्था लागू है—यानी 8 नवंबर के ट्रेडों का सेटलमेंट 9 नवंबर 2026 (सोमवार) को होने का शेड्यूल रिपोर्ट किया गया है। एनएसई क्लियरिंग संबंधी नोटिस में मुहूर्त सेशन (सेटलमेंट नंबर M/Z/B 2026211) के लिए पे-इन करीब 4:30 बजे और पे-आउट करीब 9:00 बजे का जिक्र है। टी+1 डील को सेटलमेंट दिन शाम 5 बजे तक कैंसल/मॉडिफाई करने संबंधी प्रावधान भी सर्कुलर में बताया गया है।
महत्वपूर्ण छुट्टी: लाइवमिंट के अनुसार मंगलवार, 10 नवंबर 2026 को दिवाली-बलिप्रतिपदा की वजह से एनएसई और बीएसई पर पूंजी बाजार, डेरिवेटिव्स, ईजीआर और डेट सेगमेंट बंद रहेंगे। यानी मुहूर्त के बाद अगला पूरा कारोबारी दिन शेड्यूल के हिसाब से सोमवार 9 नवंबर है, और मंगलवार छुट्टी।
हालिया बाजार माहौल (संदर्भ)
लाइवमिंट (6 नवंबर) की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को बेंचमार्क सूचकांकों में करीब 2% की बढ़त रही; निफ्टी 50 ने 25,000 का स्तर पार किया और सेंसेक्स करीब 1,718 अंक चढ़ा। रिपोर्ट में विदेशी फंड प्रवाह और कच्चे तेल की राहत को उत्साह के कारकों में गिना गया। इससे पहले धनतेरस के आसपास बाजार में मजबूती की खबरें भी आ चुकी हैं। फिर भी मुहूर्त सेशन छोटा और कम वॉल्यूम वाला होता है—एक दिन की चाल से लंबी रणनीति तय करना सही नहीं।
आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या?
- अगर आप ट्रेड करना चाहते हैं: ब्रोकर ऐप/टर्मिनल में लॉगिन समय पहले चेक करें। प्री-ओपन में गलत ऑर्डर न लगाएं; लिमिट ऑर्डर से कीमत नियंत्रण आसान रहता है।
- अगर आप सिर्फ पूजा/परंपरा के लिए हिस्सा लेते हैं: छोटी राशि, अच्छी लिक्विडिटी वाले बड़े शेयर या इंडेक्स फंड/ETF पर विचार कर सकते हैं—यह सुझाव नहीं, सामान्य सावधानी है।
- SIP और लंबी अवधि के निवेशक: मुहूर्त का इंतजार जरूरी नहीं। अपने एसेट अलोकेशन और जोखिम प्रोफाइल के हिसाब से नियमित निवेश जारी रखें।
- नए निवेशक: “दिवाली पर सब कमाते हैं” जैसी अफवाहों से बचें। सेबी-रजिस्टर्ड सलाहकार या अपने अध्ययन पर भरोसा करें; किसी टिप पर आंख मूंदकर पैसा न लगाएं।
- छुट्टी कैलेंडर: 8 नवंबर (मुहूर्त), 9 नवंबर (सेटलमेंट/सामान्य कारोबार), 10 नवंबर (बलिप्रतिपदा छुट्टी)—ये तीन दिन कैलेंडर में मार्क कर लें।
सावधानियां (ज़रूर पढ़ें)
यह लेख सूचनात्मक है, निवेश सलाह नहीं। शेयर बाजार में पूंजी नुकसान का जोखिम रहता है। आंकड़े और समय बीएसई/एनएसई सर्कुलर तथा इकोनॉमिक टाइम्स, लाइवमिंट जैसी रिपोर्ट्स पर आधारित हैं; अंतिम समय और नियम के लिए अपने ब्रोकर तथा आधिकारिक एक्सचेंज नोटिस ही देखें। किसी भी स्टॉक टिप या “दिवाली वाली गारंटीड कमाई” वाले संदेश को नजरअंदाज करें।
स्रोत: NSE/BSE सर्कुलर (अक्टूबर 2026), The Economic Times, LiveMint; TrendFlash Desk।

