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7 नवम्बर 2026, शनि

इज़राइल के संसदीय चुनाव में न तो प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का गुट और न ही पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजनकोट की अगुवाई वाला विपक्षी गुट 120 सीटों वाली नेसेट में बहुमत के लिए जरूरी 61 सीटों तक पहुंचता दिख रहा है। 28 अक्टूबर 2026 तक की मतगणना में नेतन्याहू गुट के पास 53 सीटें, विपक्षी “चेंज” गुट के पास 48 और अरब-बहुल पार्टियों के पास रिकॉर्ड 19 सीटें थीं। द गार्जियन और यूएनआई की रिपोर्टों के आधार पर तस्वीर यहां है। ये आंकड़े अंतिम नहीं हैं।

अब तक की गिनती

यूएनआई ने केंद्रीय चुनाव समिति के हवाले से लिखा कि नेतन्याहू के गठबंधन को 53 और आइजनकोट की अगुवाई वाले विपक्षी गुट को 48 सीटें मिली हैं, जबकि अरब पार्टियों को मिलाकर 19 सीटें, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है। एजेंसी के अनुसार यह नतीजा एग्जिट पोल से नेतन्याहू के लिए बेहतर रहा, जिनमें आइजनकोट का गुट आगे बताया गया था। गार्जियन के लाइव ब्लॉग ने बताया कि 92 प्रतिशत से ज्यादा मतपत्रों की गिनती के बाद भी यही आंकड़े रहे। गार्जियन के ब्लॉग में पहले 85 प्रतिशत और बाद में 92 प्रतिशत गिनती का जिक्र है, यानी गिनती आगे बढ़ने पर भी सीटों के आंकड़े वही रहे। गार्जियन ने इज़राइली समाचार साइट वाईनेट के हवाले से कहा कि मतदान केंद्रों के वोट लगभग पूरे गिन लिए गए हैं और बाकी अनुपस्थित (एब्सेंटी) मतपत्र हैं, जो करीब 14 प्रतिशत वोट हैं। उसके अनुसार अंतिम नतीजे गुरुवार तक आने की उम्मीद है।

पार्टियों का हाल

गार्जियन के अनुसार नेतन्याहू की लिकुड पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है, लेकिन उसकी सीटें कम हुई हैं और उनके सहयोगी बेजालेल स्मोट्रिच और इतामार बेन-गवीर के दलों का वोट भी घटा है। अरब-बहुल पार्टियों के नए गठजोड़ “जॉइंट लिस्ट” को कम से कम 12 सीटें और दूसरी इस्लामी पार्टी राम को 7 सीटें मिलीं। अखबार ने इसे इज़राइल में 7 अक्टूबर के हमलों के बाद का पहला चुनाव बताया और लिखा कि यह इज़राइल के इतिहास में सबसे ज्यादा मतदान वाला चुनाव है। फलस्तीनी-इज़राइली नागरिक आबादी का करीब 20 प्रतिशत हैं।

आगे सरकार कैसे बनेगी

गार्जियन के मुताबिक विपक्षी “चेंज” गुट में नफ्ताली बेनेट की “टुगेदर”, यायर गोलन की “डेमोक्रेट्स” और “इज़राइल बेतेनु” शामिल हैं। गुट अरब पार्टियों के साथ सौदा करेगा या नहीं, यही मुख्य सवाल है। आइजनकोट ने कहा है कि अगर फलस्तीनी-इज़राइली पार्टियां इज़राइल को यहूदी राष्ट्र के रूप में मान्यता दें तो वे साझेदारी के लिए खुले होंगे, जबकि गुट के ज्यादा दक्षिणपंथी दल इनके साथ काम करने से इनकार करते हैं। नेतन्याहू ने अरब पार्टियों के साथ काम करने से इनकार दोहराया है। जॉइंट लिस्ट के घटक दल ता’आल के नेता अहमद तिबी ने गार्जियन से कहा कि वे आइजनकोट के नेतृत्व वाली वैकल्पिक सरकार का रास्ता खोलने के लिए यहूदी पार्टियों के साथ काम करेंगे।

राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग को तय करना है कि सरकार बनाने के लिए किस नेता को बुलाया जाए। उन्होंने दूसरा चुनाव टालने की उम्मीद जताई। गार्जियन के अनुसार जब तक वार्ता पूरी नहीं होती, नेतन्याहू कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे। यूएनआई ने भी लिखा कि गतिरोध के कारण अगली सरकार पर बातचीत हफ्तों चल सकती है।

लिकुड के आरोप और प्रतिक्रिया

गार्जियन के अनुसार लिकुड ने बिना सबूत पेश किए आरोप लगाया कि अरब पार्टियों ने चुनाव “चुरा” लिया है और पुलिस तथा शिन बेट से जांच की मांग की। इज़राइल की केंद्रीय चुनाव समिति ने कहा कि उसे शिकायत मिली है और वह इसे नियमित चुनाव-बाद समीक्षा के हिस्से के रूप में देखेगी। अखबार ने यह भी लिखा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनके समर्थन से नेतन्याहू ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

बहुमत के लिए कितनी सीटें चाहिए?

120 सदस्यीय नेसेट में सरकार बनाने के लिए 61 सीटें चाहिए।

अब तक किसके पास कितनी सीटें हैं?

गिनती के अनुसार नेतन्याहू गुट के पास 53, आइजनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गुट के पास 48 और अरब-बहुल दलों के पास 19 सीटें हैं।

अंतिम नतीजे कब आएंगे?

गार्जियन के अनुसार अनुपस्थित मतपत्रों की गिनती के बाद अंतिम नतीजे गुरुवार तक अपेक्षित हैं, इसलिए आंकड़े बदल सकते हैं।

नोट: आंकड़े 28 अक्टूबर 2026 तक की आंशिक गिनती पर आधारित हैं और अंतिम नतीजों में बदल सकते हैं।

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