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7 नवम्बर 2026, शनि

दलेर मेहंदी विवाद: मंत्री सुबोध उनियाल बोले- ‘तबीयत खराब थी तो आना नहीं चाहिए था’, मीका सिंह ने मांगी माफी; राजपाल यादव-कपिल शर्मा समर्थन में

पंजाबी गायक दलेर मेहंदी मंच पर परफॉर्म करते हुए, फाइल फोटो

मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच मंच पर हुई तकरार अब बड़ा विवाद बन चुकी है। रविवार, 18 अक्टूबर 2026 की रात टिहरी जिले के नरेंद्रनगर क्षेत्र में सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या में मंत्री ने दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस बीच में रोककर माइक पर उन्हें फटकार लगाई थी। वीडियो वायरल होने के बाद बॉलीवुड और पंजाबी संगीत जगत के कई कलाकार दलेर के समर्थन में उतर आए हैं, जबकि मंत्री अपने रुख पर कायम हैं। बुधवार, 21 अक्टूबर को दलेर के भाई मीका सिंह ने मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की। गूगल ट्रेंड्स इंडिया पर भी इस विवाद से जुड़े नाम, जैसे राजपाल यादव, लगातार ट्रेंड कर रहे हैं।

मंच पर क्या हुआ था

NDTV इंडिया और न्यूज18 की रिपोर्ट्स के मुताबिक दलेर मेहंदी मेले के मुख्य मंच पर परफॉर्म कर रहे थे। इसी दौरान लाइव गायन और बैकग्राउंड साउंड ट्रैक की आवाज अलग-अलग सुनाई देने लगी और दर्शकों में नाराजगी दिखी। तभी स्थानीय विधायक और प्रदेश के वन एवं स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और माइक लेकर गायक से कहा, “आपसे बोला तो जा नहीं रहा, आप गाना क्या गाएंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि इतना पैसा देकर उन्हें बुलाया गया है। मंत्री ने नवरात्र के धार्मिक आयोजन की मर्यादा का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि गायक शराब पीकर मंच पर आए हैं। इस दौरान दलेर मेहंदी उन्हें शांत कराते दिखे और कुछ देर तक मंच पर असहज स्थिति बनी रही।

मंत्री उनियाल का पक्ष: ‘तबीयत खराब थी तो आना नहीं चाहिए था’

विवाद बढ़ने के बाद भी सुबोध उनियाल अपनी बात पर कायम हैं। समाचार एजेंसी ANI से उन्होंने कहा कि दलेर मेहंदी को परफॉर्मेंस के लिए 35 लाख रुपये दिए गए थे, लेकिन वे मंच पर लड़खड़ा रहे थे, ठीक से खड़े नहीं हो पा रहे थे और लाइव गाने के बजाय लिप-सिंक कर रहे थे। (कुछ शुरुआती रिपोर्ट्स में फीस करीब 40 लाख रुपये बताई गई थी, लेकिन मंत्री ने खुद 35 लाख का आंकड़ा दिया है।)

आज तक से बातचीत में उनियाल ने कहा कि वे स्थानीय जनप्रतिनिधि होने के साथ मेला कमेटी के अध्यक्ष भी हैं, और करीब एक घंटे बाद जब दर्शकों को लगा कि गायक गा नहीं रहे, तब उन्हें मंच पर जाना पड़ा। शराब के आरोप पर उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई मेडिकल जांच नहीं कराई, इसलिए यह नहीं कह सकते कि गायक किस चीज के असर में थे। उनका कहना है कि अगर तबीयत खराब थी तो जनता को पहले बताना चाहिए था और शो के लिए मना कर देना चाहिए था। इंडियन एक्सप्रेस से उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें गायक के दवा लेने वाला बयान जारी करने के लिए कुछ फोन आए, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उनियाल का दावा है कि उन्होंने कोई अपशब्द नहीं कहा और उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था।

मीका सिंह ने मांगी माफी, CM धामी से कार्रवाई की अपील

दलेर के छोटे भाई और गायक मीका सिंह शुरुआत से कह रहे हैं कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते और उनकी हालत हाल में हुई सर्जरी की वजह से थी। बुधवार को मीका ने X पर लिखा कि दलेर के शराब पीने के आरोप “पूरी तरह गलत” हैं और जिम्मेदार व्यक्ति को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंत्री के व्यवहार पर संज्ञान लेने की अपील की और मंत्री से 35 लाख रुपये के भुगतान की रसीद सार्वजनिक करने को भी कहा। मीका ने यह भी लिखा कि अगर नेता कलाकारों का अपमान करेंगे तो कलाकार वहां परफॉर्म करने क्यों आएंगे।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक बुधवार शाम तक दलेर मेहंदी की ओर से खुद कोई बयान नहीं आया था।

राजपाल यादव से लेकर कपिल शर्मा तक, कौन क्या बोला

  • राजपाल यादव: इंस्टाग्राम वीडियो में उन्होंने कहा कि एक मंत्री का दशकों से देश-दुनिया को अपनी आवाज देने वाले गायक से इस तरह बात करना पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उनके मुताबिक “कला खरीदी नहीं जा सकती”। उन्होंने बताया कि उन्होंने दलेर के साथ ‘वेलकम टू द जंगल’ में काम किया है, दलेर शराब नहीं पीते और उनकी सेहत ठीक नहीं है।
  • कपिल शर्मा: उन्होंने मीका का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि दलेर की एक गंभीर सर्जरी हुई है, जिसके बारे में लोगों को पता नहीं है।
  • अनुपम खेर, बादशाह, हर्षदीप कौर, शान, पलाश सेन, अलीशा चिनॉय: इन कलाकारों ने भी सार्वजनिक रूप से अपमान की आलोचना करते हुए दलेर का समर्थन किया।
  • वीर दास: उन्होंने याद किया कि उनका पहला इंटरनेशनल शो दुबई में दलेर मेहंदी के कॉन्सर्ट में ही हुआ था और दलेर ने एक युवा कॉमेडियन के तौर पर उनका साथ दिया था।

सोना महापात्रा ने उठाया दूसरा पहलू

गायिका सोना महापात्रा ने सार्वजनिक अपमान को गलत बताया, लेकिन पेशेवर जवाबदेही का सवाल भी उठाया। उन्होंने लिखा कि 1 मार्च 2026 को दिल्ली के सुंदर नर्सरी में हुए एक फेस्टिवल में भी उन्हें दलेर की परफॉर्मेंस निराशाजनक लगी थी, हालांकि उन्होंने साफ किया कि वे उनकी सेहत के बारे में कुछ नहीं जानतीं। उनका कहना है कि वरिष्ठ कलाकार सम्मान के हकदार हैं, लेकिन टिकट या पैसे देकर आने वाले दर्शक भी ईमानदार परफॉर्मेंस के हकदार हैं।

इस विवाद से उठे असली सवाल

यह मामला सिर्फ दो लोगों की तकरार नहीं है। इसमें तीन बड़े सवाल हैं, जो बड़े मेलों और महोत्सवों में जाने वाले हर दर्शक से जुड़े हैं:

  1. लाइव बनाम रिकॉर्डेड: बड़े कॉन्सर्ट में बैकिंग ट्रैक का इस्तेमाल आम है, लेकिन दर्शक को कितना लाइव गायन मिलेगा, यह आमतौर पर आयोजक और कलाकार के अनुबंध पर निर्भर करता है। ऐसे विवाद आयोजकों के लिए साफ शर्तें तय करने की जरूरत दिखाते हैं।
  2. सेहत और पारदर्शिता: अगर किसी कलाकार की तबीयत ठीक नहीं है, तो पहले से घोषणा करना या शो टालना दर्शकों के भरोसे के लिए बेहतर होता है। मंत्री ने आज तक से बातचीत में दावा किया कि उन्होंने गायिका सुनंदा शर्मा को भी एक शो में बुलाया था और अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने पूरा पैसा लौटा दिया था।
  3. शिकायत का तरीका: शिकायत जायज हो तो भी, खुले मंच पर बिना जांच के नशे का आरोप लगाना सही था या नहीं, इसी पर सबसे ज्यादा बहस हो रही है। अनुपम खेर जैसे कलाकारों ने पूछा है कि यह बात निजी तौर पर क्यों नहीं कही गई।

आगे क्या

अब सबकी नजर दलेर मेहंदी के अपने बयान पर है, जो अब तक नहीं आया है। मीका सिंह की माफी की मांग और मुख्यमंत्री से की गई अपील पर उत्तराखंड सरकार की ओर से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। फीस के भुगतान और मेला कमेटी के अनुबंध से जुड़े दस्तावेज सामने आने पर तस्वीर और साफ होगी। दलेर मेहंदी या राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक बयान आने पर TrendFlash यह खबर अपडेट करेगा।

स्रोत: NDTV इंडिया, न्यूज18 उत्तराखंड, आज तक, इंडियन एक्सप्रेस, NDTV, हिंदुस्तान टाइम्स और ANI की 19 से 21 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट्स, साथ ही संबंधित कलाकारों के सोशल मीडिया पोस्ट। नशे से जुड़ा आरोप मंत्री का है, जिसकी किसी जांच से पुष्टि नहीं हुई है और दलेर मेहंदी के परिवार ने इसे खारिज किया है।

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