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7 नवम्बर 2026, शनि

आर्मी डे परेड 2025: पहली बार जंगी रोबोट करेंगे करतब, NCC की महिलाएं भी दिखाएंगी दमखम

आर्मी डे परेड में एचएएल ध्रुव हेलीकॉप्टर और पिनাকা — भारतीय सेना के आधुनिकीकरण का प्रतीक

15 जनवरी 2025 को भारतीय सेना ने अपना 77वां आर्मी डे मनाया। मुख्य परेड इस बार पुणे के बॉम्बे इंजीनियर ग्रुप (BEG) एंड सेंटर में हुई, जो दक्षिणी कमान के अंतर्गत आता है। दिल्ली की जगह अलग कमान क्षेत्र में परेड कराने का सिलसिला 2023 से चला आ रहा है—पहले बेंगलुरु, फिर लखनऊ, फिर पुणे। परेड की सबसे चर्चित बातें थीं पहली बार परेड में शामिल रोबोटिक म्यूल्स, महिला अग्निवीर टुकड़ी और महाराष्ट्र डायरेक्टोरेट की ऑल-गर्ल एनसीसी टुकड़ी।

रोबोटिक म्यूल्स क्या थे

रक्षा स्रोत और पीटीआई रिपोर्टों के अनुसार परेड में 12 रोबोटिक म्यूल्स दो पंक्तियों में अपने हैंडलरों के साथ चले। ये चौपाये अनmanned ग्राउंड वाहन हैं, जिन्हें टोही, परिधि सुरक्षा और दुर्गम इलाकों में सामान पहुंचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। सेना ने इन्हें पिछले वर्ष शामिल किया था। इन्हें सिर्फ “जंगी रोबोट” कहना अधूरा है—आधिकारिक और मीडिया कवरेज में नाम रोबोटिक म्यूल / MULE (Multi Utility Legged Equipment) ही रहा। जनवरी के अंत में कोलकाता की गणतंत्र दिवस परेड में भी MULE दिखाए गए; वे आर्मी डे परेड का स्थानापन्न नहीं थे।

महिला अग्निवीर और एनसीसी

पहली बार कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस की महिला अग्निवीर टुकड़ी और एनसीसी की ऑल-गर्ल मार्चिंग टुकड़ी मुख्य आर्मी डे परेड में शामिल हुईं। यह सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का प्रतीक रहा। परेड में नेपाल आर्मी बैंड भी शामिल हुआ। उड़ान प्रदर्शन में सुखोई और सेना के हेलीकॉप्टर रहे।

कौन-कौन से प्लेटफॉर्म दिखे

  • के-9 वज्र स्व-चालित होवित्जर
  • बीएमपी-2 सारथ और टी-90 टैंक
  • स्वाती वेपन लोकेटिंग रडार
  • सर्वत्र ब्रिजिंग सिस्टम और मल्टी-बैरेल रॉकेट सिस्टम
  • ड्रोन जैमर और मोबाइल कम्युनिकेशन नोड्स

कोलकाता के विजय दुर्ग (पूर्व फोर्ट विलियम) पर पूर्वी कमान ने अलग से पुष्पांजलि और यूनिट प्रशस्ति समारोह किए। मुख्य भव्य परेड पुणे में ही केंद्रित रही—पुरानी अफवाह कि “कलकत्ता में जंगी रोबोट” मुख्य आकर्षण हैं, सही नहीं थी।

आर्मी डे क्यों मनाया जाता है

15 जनवरी 1949 को फील्ड मार्शल के. एम. करियप्पा भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने थे। उसी दिन को आर्मी डे के रूप में मनाया जाता है। हर साल यह मौका शहीदों को श्रद्धांजलि, आधुनिकीकरण की झलक और जनता के सामने सेना की क्षमता दिखाने का होता है।

आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या

आर्मी डे की परेड आम नागरिक के दिन-रात को सीधे नहीं बदलती, लेकिन रोबोटिक म्यूल जैसी तकनीक बताती है कि सेना खतरनाक इलाकों में मानव जोखिम कम करने की दिशा में बढ़ रही है। रोजगार या एनसीसी से जुड़े युवाओं के लिए महिला टुकड़ियों की भागीदारी प्रेरणा का विषय है। बाद में गणतंत्र दिवस 2025 की लाल किला/रेड रोड परेड में भी MULE जैसी क्षमताएं दिखाए जाने की खबरें आईं—यानी आर्मी डे सिर्फ एक दिन का शो नहीं, चल रहे आधुनिकीकरण का प्रदर्शन था। रक्षा खरीद या ठेकों की अफवाहों को आधिकारिक PIB/ADGPI बयान के बिना सच मत मानें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2025 की मुख्य आर्मी डे परेड कहां हुई?

पुणे के BEG एंड सेंटर में, दक्षिणी कमान के अंतर्गत।

क्या पहली बार रोबोट परेड में आए?

हां। 12 रोबोटिक म्यूल्स पहली बार मुख्य आर्मी डे परेड में मार्च करते दिखे।

एनसीसी की महिलाओं की क्या भूमिका थी?

महाराष्ट्र डायरेक्टोरेट की ऑल-गर्ल एनसीसी टुकड़ी पहली बार इस परेड में शामिल हुई।

क्या परेड दिल्ली में होती है?

पारंपरिक रूप से दिल्ली में होती थी, लेकिन 2023 से अलग कमान क्षेत्रों—बेंगलुरु, लखनऊ, पुणे—में भी कराई जा रही है।

स्रोत: PIB (PRID 2093060); ADGPI/PTI रिपोर्टिंग via CNBC-TV18 व NDTV; The Economic Times; Times of India (कोलकाता MULE संदर्भ)।

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