उत्तराखंड की 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या (2022) के न्याय की मांग लेकर भारत गेट पर बैठे माता-पिता को गुरुवार तड़के हिरासत में लिया गया और कुछ घंटों बाद छोड़ दिया गया। India Today, The Hindu और Economic Times/PTI के अनुसार दिल्ली पुलिस ने करीब सुबह 4 बजे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया; माता-पिता को करीब 5 बजे रिहा कर दिया गया। विरोध का केंद्र था—भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति।
प्रदर्शन और हिरासत—क्या हुआ
अंकिता के परिवार और कार्यकर्ता भारत गेट के पास धरने पर थे। उनकी मांग थी कि CBI जांच पूरी होने तक गौतम की नियुक्ति रोकी जाए। परिवार का आरोप है कि गौतम मामले से जुड़े ‘VIP’ हैं; गौतम इन आरोपों से इनकार करते हैं और उनके खिलाफ मानहानि की कार्रवाई भी बताई गई है।
बुधवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भारत गेट पर अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की थी। गुरुवार तड़के पुलिस कार्रवाई में कांग्रेस नेता भी हिरासत में आए—रिपोर्ट्स में सुप्रिया श्रीनाते, उदय भानु चिब, पवन खेड़ा समेत अन्य नाम हैं। सभी को बाद में रिहा कर दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को कठोर बताया और कहा कि न्याय मांग रहे माता-पिता के साथ दुर्व्यवहार हुआ।
24 घंटे का अल्टीमेटम
Economic Times/PTI के अनुसार हिरासत के दौरान अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने केंद्र को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया कि दुष्यंत की नियुक्ति रद्द की जाए, नहीं तो देशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा। परिवार राष्ट्रपति से भी अपील कर चुका है कि CBI जांच पूरी होने तक नियुक्ति न हो।
अंकिता भंडारी केस—पृष्ठभूमि
अंकिता 18 सितंबर 2022 को ऋषिकेश के वनंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं। चार दिन बाद उनका शव चिल्ला नहर से मिला। रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य (पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य के पुत्र) और दो अन्य पर आरोप तय हुए। India Today/ET के मुताबिक मई 2025 में कोटद्वार कोर्ट ने उन्हें हत्या समेत आरोपों में उम्रकैद की सजा सुनाई। राजनीतिक विवाद ‘अज्ञात VIP’ एंगल पर बना रहा; परिवार गौतम का नाम जोड़ता रहा है। गौतम पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी रह चुके हैं; सोमवार को सिक्किम राज्यपाल नियुक्त किए गए—रिपोर्ट्स के अनुसार।
आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या
- न्याय और संवैधानिक पद: विवाद का मूल सवाल है—क्या विवादास्पद आरोपों वाले व्यक्ति को राज्यपाल जैसा पद तब तक मिलना चाहिए जब तक जांच पूरी न हो? यह कानूनी-राजनीतिक बहस आगे भी चलेगी।
- प्रदर्शन का अधिकार: शांतिपूर्ण धरना बनाम रात/तड़के हिरासत—दोनों पक्षों के बयान आने के बाद तस्वीर साफ होगी।
- CBI जांच: परिवार की मांग जांच पूरी होने तक नियुक्ति स्थगित रखने की है; अगले 24–48 घंटे में सरकार की प्रतिक्रिया पर नजर।
- सामान्य नागरिक: वायरल क्लिप्स को पूरा संदर्भ देखकर समझें; एकतरफा आरोप या बचाव दोनों को जांच का इंतजार चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
अंकिता भंडारी के माता-पिता को क्यों हिरासत में लिया गया?
वे भारत गेट पर दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम राज्यपाल नियुक्ति के खिलाफ धरने पर थे; पुलिस ने तड़के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
उन्हें कब छोड़ा गया?
रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब सुबह 5 बजे रिहा कर दिया गया।
24 घंटे के अल्टीमेटम में क्या मांग है?
पिता ने कहा कि नियुक्ति रद्द की जाए, नहीं तो देशव्यापी आंदोलन होगा।
क्या राहुल-प्रियंका से मुलाकात हुई थी?
हां, बुधवार को दोनों ने भारत गेट पर माता-पिता से मुलाकात की थी।
स्रोत: India Today, The Hindu, Economic Times/PTI, Indian Express, NDTV, 15 अक्टूबर 2026।

