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7 नवम्बर 2026, शनि

गैंगस्टर हिमांशु भाऊ अमेरिका में गिरफ्तार: FBI ने लास वेगास से पकड़ा, 18 मामलों में वांटेड; जानें कब लाया जाएगा भारत

गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में पकड़ने वाली एजेंसी FBI की मुहर

हरियाणा और दिल्ली पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में पकड़ लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने उसे लास वेगास (नेवाडा) इलाके से हिरासत में लिया। भारतीय एजेंसियों ने उसकी लोकेशन ट्रैक करके अमेरिकी एजेंसियों से साझा की थी। अब भारत उसे वापस लाने की कोशिश में जुट गया है। यह गिरफ्तारी इसलिए भी बड़ी मानी जा रही है क्योंकि पुलिस करीब चार साल से उसकी तलाश कर रही थी।

कैसे पकड़ा गया हिमांशु भाऊ?

The Indian Express ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के एक सूत्र के हवाले से लिखा है कि तकनीकी निगरानी और सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर लास वेगास में उसकी लोकेशन का पता लगाया गया। ये कोऑर्डिनेट्स अमेरिका की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दिए गए, जिसके बाद उसे पकड़ा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इसी कार्रवाई में एक और फरार आरोपी नीरज फरीदपुरिया को भी पकड़ा गया, जो इस साल हिरासत और जमानत के बाद अपना एंकल ट्रैकर हटाकर फरार हो गया था।

ध्यान देने वाली बात यह है कि गिरफ्तारी की जानकारी अभी सूत्रों के हवाले से ही आई है। FBI या भारत सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है।

कौन है हिमांशु भाऊ?

India Today के मुताबिक, हिमांशु भाऊ का असली नाम हिमांशु रिटोलिया है और वह हरियाणा के रोहतक जिले के रिटोली गांव का रहने वाला है। Indian Express के अनुसार उसकी उम्र करीब 23 साल है और उसका एक नाम कुणाल भी बताया जाता है। रिपोर्ट्स कहती हैं कि उसने रोहतक की सब्जी मंडी इलाके में वसूली से अपराध की दुनिया में कदम रखा था। उस पर गांव के ही एक युवक सनी की हत्या का आरोप है, और 2020 में वह हिसार के एक बाल सुधार गृह से फरार हो गया था।

Times of India के मुताबिक, मार्च 2022 में 24 दिनों के अंदर तीन हत्याओं के बाद वह फर्जी दस्तावेजों से बने पासपोर्ट के सहारे देश छोड़कर पहले दुबई और फिर पुर्तगाल पहुंचा। आरोप है कि वहीं से वह एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए अपने शूटरों को निर्देश देता था। जांचकर्ताओं को शक है कि वह 2024 के आखिर या 2025 की शुरुआत में “डंकी रूट” से अमेरिका पहुंचा।

किन मामलों में वांटेड है?

  • इंटरपोल रेड नोटिस: अगस्त 2023 में भारतीय एजेंसियों के अनुरोध पर जारी हुआ। India Today के अनुसार तब पुलिस ने बताया था कि वह हत्या, हत्या की कोशिश, वसूली, धमकी और जालसाजी के 18 मामलों में वांटेड है।
  • गैंग पर दर्ज केस: Times Now के मुताबिक उसके सिंडिकेट पर दो दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं।
  • इलाका: दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में गैंग सक्रिय बताया जाता है; NDTV के अनुसार कुछ मामले उत्तर प्रदेश से भी जुड़े हैं।
  • एल्विश यादव केस: रिपोर्ट्स के मुताबिक यूट्यूबर एल्विश यादव के घर के बाहर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी हिमांशु भाऊ गैंग ने ली थी।
  • राजौरी गार्डन वारदात: TOI के अनुसार पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन में एक फास्ट-फूड आउटलेट पर एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या भी उसके गैंग से जोड़ी जाती है।

ये सभी आरोप हैं, जिन पर अदालत में फैसला होना बाकी है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग से दुश्मनी

हिमांशु भाऊ को जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का कट्टर विरोधी माना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार उसके संबंध नीरज बवाना और नवीन बाली गैंग से रहे हैं। Indian Express के मुताबिक पुर्तगाल से वह योगेश कादियान उर्फ बॉबी, साहिल और नीरज फरीदपुरिया की मदद से गैंग चलाता था। उत्तर भारत में गैंगवार और कारोबारियों से रंगदारी की कई घटनाओं में इन गैंगों के नाम सामने आते रहे हैं।

भारत कब और कैसे लाया जाएगा?

सूत्रों के मुताबिक भारतीय एजेंसियां अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर उसकी डिपोर्टेशन प्रक्रिया तेज करने की कोशिश कर रही हैं और कागजी कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम अमेरिका जा सकती है। लेकिन यह समझना जरूरी है कि इंटरपोल का रेड नोटिस अपने आप में अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं होता। यह सिर्फ किसी वांटेड व्यक्ति की लोकेशन पता करने और प्रत्यर्पण तक अस्थायी गिरफ्तारी का अनुरोध है। भारत लाने का फैसला अमेरिका के कानूनी नियमों, प्रत्यर्पण या डिपोर्टेशन प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। इसमें कुछ हफ्तों से लेकर कई महीने भी लग सकते हैं।

पिछले कुछ समय में कई वांटेड गैंगस्टर विदेश में पकड़े गए हैं, लेकिन हर मामले में भारत वापसी की रफ्तार अलग रही है। अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचे लोगों के मामले में कई बार डिपोर्टेशन, औपचारिक प्रत्यर्पण से तेज होता है।

आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

दिल्ली-NCR और हरियाणा में कारोबारियों को आने वाली रंगदारी की कॉल और धमकियों के पीछे अक्सर विदेश में बैठे गैंगस्टरों का नाम आता है। अगर हिमांशु भाऊ भारत लाया जाता है, तो पुलिस को उसके नेटवर्क, शूटरों और पैसों के लेन-देन के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। इससे गैंग की कमर टूटने की उम्मीद है, हालांकि पुलिस यह भी मानती है कि ऐसे गैंग के दूसरे सदस्य सक्रिय रह सकते हैं।

आपके लिए सलाह: अगर आपको किसी गैंग के नाम से धमकी या रंगदारी की कॉल आती है, तो पैसे न दें और तुरंत 112 पर या नजदीकी थाने में शिकायत करें। कॉल की रिकॉर्डिंग, नंबर और मैसेज के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें, ये जांच में मदद करते हैं।

आगे क्या?

अब नजर इस पर है कि FBI या भारत सरकार गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि कब करती है और उसे भारत भेजने की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है। भारत आने के बाद दिल्ली पुलिस, हरियाणा पुलिस और NIA उससे अलग-अलग मामलों में पूछताछ कर सकती हैं। नई जानकारी आने पर हम यह खबर अपडेट करेंगे।

स्रोत: The Indian Express, Times of India, India Today, NDTV और Times Now की रिपोर्ट्स। जानकारी सूत्रों के हवाले से है।

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