नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) अब अपने अगले फेज में पहुंच गया है। आयोग के सामने मेमोरेंडम जमा करने की विंडो 15 जून 2026 को बंद हो गई है, और अब कोई एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा। आयोग ने साफ कर दिया है कि केवल वही सबमिशन मान्य होंगे जिनके पास वैलिड यूनीक मेमो आईडी होगी – फिजिकल कॉपी, ईमेल या PDF के जरिए भेजे गए सबमिशन को अब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
8वां वेतन आयोग कब बना था?
भारत सरकार ने 3 नवंबर 2025 को गजट नोटिफिकेशन के जरिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का औपचारिक गठन किया था। यह आयोग करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों की समीक्षा करेगा। आयोग की अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं।
आयोग को अपनी रिपोर्ट 18 महीने के भीतर सौंपनी है, और सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद है, हालांकि रिपोर्ट की फाइनल टाइमलाइन 2027 के मध्य तक खिंच सकती है।
कर्मचारी यूनियनों की मुख्य मांगें क्या हैं?
मेमोरेंडम सबमिशन के दौरान कर्मचारी यूनियनों ने कई अहम मांगें रखी हैं:
ऊंचा मिनिमम पे: कर्मचारी संगठन न्यूनतम वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं।
संशोधित फिटमेंट फैक्टर: फिटमेंट फैक्टर वह मल्टीप्लायर है जिससे बेसिक सैलरी तय होती है (नई बेसिक सैलरी = पुरानी बेसिक सैलरी x फिटमेंट फैक्टर)। कुछ रिपोर्ट्स में 2.28 के फिटमेंट फैक्टर का अनुमान लगाया गया है, जिससे न्यूनतम वेतन में 34.1% तक बढ़ोतरी हो सकती है।
पेंशन सुधार: पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग भी प्रमुखता से उठी है, हालांकि सरकार ने अभी इस पर कोई फाइनल फैसला नहीं लिया है।
DA मर्जर: मौजूदा महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक पे में मर्ज करने पर भी चर्चा हो रही है। जनवरी 2026 तक DA बढ़कर लगभग 60-70% तक पहुंच सकता है। मर्जर के बाद DA दर रीसेट होकर फिर से 0% से शुरू होगी।
ताजा अपडेट: DA में बढ़ोतरी
बता दें कि केंद्रीय कैबिनेट ने 1 जनवरी 2026 से प्रभावी अतिरिक्त 2% महंगाई भत्ता (DA और DR) मंजूर किया है, जिससे DA दर 58% से बढ़कर 60% हो गई है।
राज्यवार कंसल्टेशन भी जारी
आयोग का स्टेट-लेवल कंसल्टेशन शेड्यूल भी जारी है, जिसमें लखनऊ, उत्तर प्रदेश में 22-23 जून 2026 को स्टेकहोल्डर मीटिंग्स शामिल हैं।
ध्यान देने वाली बात
यह स्पष्ट रहे कि 8वें वेतन आयोग ने अभी तक फाइनल फिटमेंट फैक्टर, संशोधित सैलरी मैट्रिक्स, HRA स्ट्रक्चर या पेंशन रिवीजन फॉर्मूला तय नहीं किया है। अभी जो भी सैलरी कैलकुलेशन चर्चा में हैं, वे सभी कंसल्टेशन-स्टेज के प्रस्तावों और अनुमानों पर आधारित हैं। फाइनल सिफारिशें स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन पूरा होने और आयोग की रिपोर्ट जमा होने के बाद ही तय होंगी।
7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रहा है, जो 2016 में लागू हुआ था।