एविएं-ले-बेंस (फ्रांस): G7 समिट के मौके पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात हुई, जिसमें ट्रंप ने मोदी की खुलकर तारीफ की और दोनों देशों के बीच किसी भी तनाव की बात को सिरे से नकार दिया।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारत-अमेरिका संबंधों में हाल के दिनों में कई मुद्दों पर खटास आई थी – जिसमें ट्रेड टैरिफ, रूस से तेल खरीद पर प्रतिबंध, और सबसे अहम, एक अमेरिकी मिलिट्री स्ट्राइक शामिल है जिसमें तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई थी।
क्या हुआ था नाविकों के साथ?
बीते हफ्ते ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) में एक टैंकर पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए थे। यह हमला अमेरिका द्वारा होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल शिपमेंट्स को रोकने के लिए चलाई जा रही नाकाबंदी (blockade) के दौरान हुआ। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर औपचारिक रूप से आपत्ति जताई थी।
मुलाकात में क्या हुई बात?
G7 समिट की साइडलाइन पर हुई इस मुलाकात में ट्रंप ने मोदी को अपना “वफादार दोस्त” बताया और कहा, “हमारा रिश्ता सबसे बेहतरीन है। हम इससे ज्यादा करीब नहीं हो सकते।” उन्होंने मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें एक सख्त और चतुर ट्रेड नेगोशिएटर भी बताया।
जब मोदी की बारी आई बोलने की, तो उन्होंने सीधे तौर पर हमले का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि दुनिया भर के जहाजों पर लाखों भारतीय नागरिक काम करते हैं, जिनमें होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र भी शामिल है। मोदी ने कहा, “उनकी सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है।” उन्होंने ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के समझौते के लिए ट्रंप को धन्यवाद भी दिया और भरोसा जताया कि इस समझौते को लागू करते समय नाविकों के मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
ट्रेड डील पर क्या बोले ट्रंप?
ट्रेड को लेकर ट्रंप ने कहा कि एक नई डील “बहुत करीब” है। बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने पिछले साल भारत के निर्यात पर भारी टैरिफ लगाए थे, जिसकी एक वजह भारत का रूस से तेल खरीदना भी था। हालांकि दोनों देशों के बीच एक अंतरिम ट्रेड डील हो चुकी है, लेकिन बड़े समझौते पर बातचीत अभी भी जारी है।
मोदी-ट्रंप के पुराने रिश्ते
ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान मोदी के साथ उनके रिश्ते काफी गर्मजोशी भरे रहे थे। 2020 में ट्रंप की दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान मोदी ने उनके लिए एक क्रिकेट स्टेडियम में बड़ी रैली आयोजित की थी। इससे पहले, ट्रंप ह्यूस्टन में आयोजित “हाउडी मोदी” रैली में भी शामिल हुए थे, जिसमें टेक्सास के भारतीय समुदाय की बड़ी भागीदारी देखी गई थी।
हालांकि इस बार रूस-यूक्रेन युद्ध और ट्रेड विवादों ने दोनों नेताओं के रिश्ते को थोड़ा जटिल बना दिया है, फिर भी G7 में हुई इस मुलाकात से साफ है कि दोनों देश आपसी संबंधों को मजबूत बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।
मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के मेहमान के तौर पर इस G7 समिट में शामिल हुए, जहां कई अन्य वैश्विक नेता भी मौजूद थे।
