नई दिल्ली: NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले सरकार द्वारा Telegram पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को लेकर विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस फैसले पर तीखा हमला बोला है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “‘Telegram Ban’ – मोदी सरकार का पेपर लीक रोकने का नया नुस्खा। यानी चोर को पकड़ने के बजाय, पीड़ित के घर पर ताला लटका दो। लाखों छात्र सालों से Telegram पर पढ़ते हैं – नोट्स, टेस्ट सीरीज, डिस्कशन, तैयारी। वो सुविधा छीन लेना पेपर लीक का समाधान कैसे हुआ? और यह फूलप्रूफ भी नहीं है।”
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि केंद्र सरकार ने मंगलवार को NEET-UG 2026 की 21 जून को होने वाली री-एग्जाम से पहले Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का कहना है कि यह कदम चीटिंग रैकेट्स और गलत सूचना फैलाने वाले गिरोहों पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।
राहुल गांधी ने सरकार की तैयारियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “परीक्षा के दिन छात्रों की तलाशी ली जाएगी, जेबें कैंची से काटी जाएंगी, प्रश्न पत्र एयरफोर्स के जरिए भेजे जाएंगे। नाटकबाजी की कोई कमी नहीं होगी। लेकिन बीमारी की जड़ पर एक भी वार नहीं होगा – क्योंकि पेपर लीक माफिया इस सरकार के राज में ही फल-फूल रहा है, और देश के युवाओं को खून के आंसू रुला रहा है। मोदी जी – नाटकबाजी छोड़िए। माफिया पर वार करिए, छात्रों पर नहीं।”
केजरीवाल ने भी साधा निशाना
राहुल गांधी के अलावा आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस फैसले की आलोचना की। उनका कहना है कि मोदी सरकार पेपर लीक रोकने में गंभीर नहीं है, और इसी वजह से ऐसे “बेतुके कदम” उठाए जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने यह भी सवाल किया कि क्या आगे चलकर WhatsApp पर भी इसी तरह का प्रतिबंध लगाया जाएगा।
Telegram के फाउंडर ने भी जताई आपत्ति
इस बीच Telegram के फाउंडर और CEO पावेल दुरोव ने भी इस बैन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने X पर लिखा, “इसे अस्थायी रूप से भी बैन करना एक गलती है। भारत की IT मिनिस्ट्री ने कुछ यूजर्स द्वारा लीक हुए एग्जाम सवाल शेयर करने पर पूरे Telegram को एक हफ्ते के लिए बैन कर दिया। इससे भारत के 15 करोड़ से ज्यादा सामान्य यूजर्स को सजा मिल रही है – न कि उन लोगों को जिन्होंने एग्जाम मैटेरियल लीक किया। और इस बैन से कुछ रुका भी नहीं है, लीक बस दूसरे ऐप्स पर शिफ्ट हो गए हैं।”
VPN से अब भी हो रहा इस्तेमाल
गौर करने वाली बात यह है कि Telegram को पारंपरिक तरीकों से एक्सेस करना भारत में अभी मुमकिन नहीं है, लेकिन यूजर्स VPN के जरिए लगातार इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे इस अस्थायी प्रतिबंध की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं, जबकि देश इस साल की सबसे ज्यादा चर्चित परीक्षाओं में से एक के लिए तैयारी कर रहा है।
सरकार का क्या कहना है?
NTA ने छात्रों और पैरेंट्स को उन सोशल मीडिया ग्रुप्स से सावधान रहने की चेतावनी दी है जो लीक हुए प्रश्न पत्र होने का दावा करते हैं। अधिकारियों का कहना है कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं कि परीक्षा बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न हो।
