देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने 27 अक्टूबर 2026 को सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे घोषित किए। बिक्री और राजस्व दोनों बढ़े, लेकिन कमोडिटी की ऊंची कीमतों, विदेशी मुद्रा के नुकसान और म्यूचुअल फंड निवेश पर घाटे से मुनाफा घट गया। बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार समेकित शुद्ध मुनाफा 26.4% गिरकर ₹2,466.1 करोड़ रहा।
नतीजों के आंकड़े
बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक समेकित (consolidated) आधार पर मारुति का मुनाफा पिछले साल की इसी तिमाही के ₹3,349 करोड़ से घटकर ₹2,466.1 करोड़ रह गया। परिचालन से राजस्व 26% बढ़कर करीब ₹53,355 करोड़ हुआ, जो एक साल पहले ₹42,344.2 करोड़ था। कुल खर्च करीब 29.7% बढ़कर लगभग ₹50,619 करोड़ हो गया, यानी खर्च राजस्व से तेज बढ़ा।
फ्री प्रेस जर्नल ने एक्सचेंज फाइलिंग के आधार पर स्टैंडअलोन आंकड़े दिए हैं:
- शुद्ध मुनाफा: 26.9% घटकर ₹2,414.9 करोड़ (पिछले साल ₹3,302.8 करोड़)।
- परिचालन से राजस्व: 26% बढ़कर ₹53,340.2 करोड़।
- कर पूर्व मुनाफा: 26.2% घटकर ₹3,165.8 करोड़।
- अन्य आय: ₹966.1 करोड़ से घटकर ₹429.4 करोड़।
- पिछली तिमाही से तुलना: अप्रैल-जून के ₹3,352.1 करोड़ के मुकाबले मुनाफा 28% कम रहा, जबकि राजस्व 1.7% बढ़ा।
- पहली छमाही (H1): मुनाफा 18.3% घटकर ₹5,767 करोड़ और राजस्व 30.7% बढ़कर ₹1,05,795.9 करोड़ रहा।
समेकित और स्टैंडअलोन आंकड़ों में फर्क इसलिए है कि दोनों अलग-अलग दायरे की गणना है। इसी वजह से अलग-अलग खबरों में 26% और 27% की गिरावट बताई गई है।
बिक्री और मार्जिन
बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार कंपनी ने तिमाही में 6,96,654 वाहन बेचे, जो सालाना आधार पर 26.5% ज्यादा है। मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) अरनब रॉय ने बताया कि पिछली तिमाही के मुकाबले परिचालन प्रदर्शन सुधरा और EBITDA मार्जिन 8.6% से बढ़कर 9.4% हुआ। हिंदू बिजनेसलाइन में छपे ब्रोकरेज नोट्स में तिमाही का EBITDA मार्जिन 8.9% बताया गया है। दोनों आंकड़े अलग-अलग गणना पर आधारित हो सकते हैं, इसलिए इन्हें एक साथ देखना चाहिए।
कंपनी की प्रस्तुति के अनुसार मार्जिन पर दबाव पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच कमोडिटी की ऊंची कीमतों, प्रतिकूल विदेशी मुद्रा विनिमय और कम गैर-परिचालन आय से आया। बेहतर प्राप्ति, ऑपरेटिंग लीवरेज और लागत घटाने के उपायों ने इसे आंशिक रूप से संभाला।
कीमत और मांग पर प्रबंधन की बातें
- प्रबंध निदेशक और सीईओ हिसाशी टाकेउची ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 में अब तक तीन बार दाम बढ़ाए जा चुके हैं और अगले छह महीनों में उचित समय पर एक और बढ़ोतरी की योजना है।
- मार्केटिंग और सेल्स के पार्थो बनर्जी के अनुसार ईंधन के ऊंचे दामों के कारण सीएनजी वाहनों की मांग मजबूत है, पर सीएनजी किट की उपलब्धता अभी बाधा है।
- पहली छमाही में ग्रामीण बाजार में पैठ 2.2 प्रतिशत अंक बढ़कर करीब 52% हुई। हालांकि राजस्थान, मध्य प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में कमजोर बारिश का असर दिख सकता है, क्योंकि IMD के आंकड़ों के हवाले से करीब 20% की कमी बताई गई। फिलहाल त्योहारी सीजन में मांग पर बड़ा असर नहीं दिखा है।
- चेयरमैन आर. सी. भार्गव ने कहा कि 2047 में भी देश में छोटी कारों का बड़ा बाजार रहेगा, क्योंकि बड़ी आबादी को सस्ती गतिशीलता चाहिए।
आगे का रुख
हिंदू बिजनेसलाइन में दर्ज ब्रोकरेज नोट्स के अनुसार मारुति ने वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में घरेलू होलसेल में करीब 10% बढ़त का अनुमान दिया है। सीएलएसए के नोट में दशहरा के अंत तक करीब 2.70 लाख इकाइयों की ऑर्डर बुक और सिर्फ 17 दिन की इन्वेंट्री का जिक्र है। गोल्डमैन सैक्स के नोट के अनुसार प्रबंधन फरवरी 2027 के भारत मोबिलिटी शो में नई इलेक्ट्रिक कार उतारने की उम्मीद रखता है। कई ब्रोकरेज ने मार्जिन की रिकवरी को धीमा बताया और कुछ ने कमाई के अनुमान घटाए। ये उनकी राय हैं, निवेश सलाह नहीं।
फ्री प्रेस जर्नल के अनुसार कंपनी ने यह भी बताया कि एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल्स रूल्स, 2025 के तहत अपनी देनदारी का भरोसेमंद अनुमान अभी नहीं लगा सकती, क्योंकि उसे तय करने का ढांचा उपलब्ध नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
मारुति सुजुकी का Q2 FY27 का मुनाफा कितना रहा?
समेकित मुनाफा ₹2,466.1 करोड़ (26.4% कम) और स्टैंडअलोन मुनाफा ₹2,414.9 करोड़ (26.9% कम) रहा।
मुनाफा क्यों घटा?
कमोडिटी की ऊंची कीमतों, प्रतिकूल विदेशी मुद्रा और म्यूचुअल फंड निवेश पर घाटे के कारण।
तिमाही में कितने वाहन बिके?
6,96,654 वाहन, जो सालाना आधार पर 26.5% ज्यादा हैं।
क्या कारों के दाम और बढ़ेंगे?
प्रबंधन के अनुसार अगले छह महीनों में उचित समय पर एक और बढ़ोतरी की योजना है।
नोट: जानकारी बिजनेस स्टैंडर्ड और फ्री प्रेस जर्नल (27-28 अक्टूबर 2026) की रिपोर्टों और हिंदू बिजनेसलाइन के नोट्स पर आधारित है। यह निवेश की सलाह नहीं है।

