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6 Jul 2026, Mon

JEE Advanced में बड़ा बदलाव? सिर्फ PCM नहीं, अब Aptitude टेस्ट भी होगा शामिल – जानें पूरा प्रस्ताव

नई दिल्ली: देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शुमार JEE Advanced के पैटर्न में बड़े बदलाव की चर्चा जोरों पर है। IIT कानपुर ने एक नया प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत पारंपरिक फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) के साथ-साथ अब एप्टीट्यूड-बेस्ड सवाल भी जोड़े जा सकते हैं। हालांकि यह साफ कर देना जरूरी है कि यह सिर्फ एक प्रस्ताव है, अभी तक इसे आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है।

क्या है नया प्रस्ताव?

IIT कानपुर ने एक नए तरह के असेसमेंट मॉडल पर काम शुरू किया है, जो छात्रों की क्षमता को सिर्फ रटे हुए फॉर्मूलों से नहीं, बल्कि एनालिटिकल रीजनिंग और कॉन्सेप्चुअल समझ के आधार पर परखेगा। यह एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर तैयार किया जा रहा है, जिसे लागू करने से पहले IIT रुड़की की मंजूरी जरूरी होगी। IIT काउंसिल और ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड (JAB) में इस प्रस्ताव पर पहले ही चर्चा शुरू हो चुकी है।

Adaptive Testing System क्या है?

इस प्रस्ताव का सबसे बड़ा हिस्सा है “एडेप्टिव टेस्टिंग सिस्टम”। इसका मतलब है कि हर छात्र को एक जैसा प्रश्न पत्र नहीं मिलेगा – बल्कि सिस्टम छात्र के जवाबों के आधार पर अगले सवाल की मुश्किल का स्तर खुद तय करेगा। यानी लाखों छात्रों का एग्जाम जर्नी अलग-अलग होगा।

किस बैच पर पड़ेगा असर?

सबसे जरूरी बात – 2026 में JEE Advanced देने वाले छात्रों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। एक भरोसेमंद, कानूनी रूप से मजबूत एडेप्टिव सिस्टम बनाने में काफी समय लगता है, इसलिए इसका पूर्ण रूप से लागू होना 2027 या 2028 बैच के लिए ज्यादा संभावित माना जा रहा है।

विशेषज्ञों की राय बंटी हुई

इस प्रस्ताव को लेकर शिक्षा विशेषज्ञों की राय अलग-अलग है। कुछ का मानना है कि यह कोचिंग सेंटर्स पर निर्भरता कम करेगा और छात्रों की असली समझ को परखेगा। वहीं कुछ विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि एडेप्टिव फॉर्मेट से तैयारी ज्यादा जटिल हो सकती है, और जिन छात्रों के पास संसाधनों की कमी है, उनके लिए असमानता बढ़ सकती है। पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

JEE Advanced 2026 का मौजूदा पैटर्न

बता दें कि JEE Advanced 2026 परीक्षा 17 मई 2026 को आयोजित हो चुकी है, जिसका आयोजन इस बार IIT रुड़की ने किया। मौजूदा पैटर्न के अनुसार परीक्षा दो पेपर (Paper 1 और Paper 2) में होती है, हर पेपर 3 घंटे का होता है, और इसमें सिंगल करेक्ट, मल्टीपल करेक्ट और न्यूमेरिकल टाइप सवाल पूछे जाते हैं। फिलहाल इस मौजूदा फॉर्मेट में कोई आधिकारिक बदलाव नहीं हुआ है।

छात्रों के लिए सलाह

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अभी यह प्रस्ताव शुरुआती चरण में है और इसे लागू होने में अभी समय लगेगा। छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे सिर्फ आधिकारिक सूचना ब्रोशर और jeeadv.ac.in पर दी गई जानकारी पर भरोसा करें, और किसी भी अफवाह से बचें।

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