Breaking
7 नवम्बर 2026, शनि

दिल्ली में आज से बाहरी BS-4 और पुरानी गाड़ियों की एंट्री बंद: 31 जनवरी तक रोक, 50% वर्क फ्रॉम होम और दोगुनी पार्किंग फीस

दिल्ली की सड़क पर वाहनों की भीड़

दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए आज यानी 1 नवंबर 2026 से सर्दियों की सख्त पाबंदियां लागू हो गई हैं। सबसे बड़ा असर उन वाहन चालकों पर पड़ेगा जिनकी गाड़ी दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड है और BS-6 (BS-VI) मानक से नीचे की है। The Hindu और Indian Express की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसे पेट्रोल और डीजल वाहन 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली में नहीं चल सकेंगे। CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को इस रोक से छूट दी गई है।

किन वाहनों पर रोक, किन्हें छूट?

दिल्ली सरकार की तय अवधि वाली (फिक्स्ड-टर्म) सर्दियों की पाबंदियों के तहत:

  • रोक: दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड वे सभी पेट्रोल-डीजल वाहन जो BS-6 से नीचे के मानक (BS-1 से BS-4) के हैं।
  • छूट: CNG और इलेक्ट्रिक वाहन; एंबुलेंस, फायर टेंडर और पुलिस जैसे इमरजेंसी व सरकारी ड्यूटी वाले वाहन; और ऐसी कोई भी श्रेणी जिसे दिल्ली सरकार का पर्यावरण विभाग अलग से छूट दे।
  • दिल्ली में रजिस्टर्ड वाहन: इस खास रोक के दायरे में नहीं हैं, लेकिन GRAP के अलग-अलग चरणों की पाबंदियां उन पर भी लागू होती हैं।

Indian Express के अनुसार दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड जो कमर्शियल माल वाहन BS-6 मानक के नहीं हैं, उन्हें भी 1 नवंबर से एंट्री नहीं मिलेगी। CAQM के निर्देश के मुताबिक BS-4 कमर्शियल माल वाहनों को जो एक साल की अस्थायी छूट मिली थी, वह 31 अक्टूबर 2026 को खत्म हो गई। टूरिस्ट और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज जैसे परमिट पर दिल्ली आने वाली बसों का BS-6 डीजल, CNG या इलेक्ट्रिक होना जरूरी है। दिल्ली से होकर दूसरे राज्यों में जाने वाले ट्रकों को पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करना होगा।

और क्या-क्या पाबंदियां लागू हुईं?

The Hindu की रिपोर्ट के मुताबिक वाहनों के अलावा ये कदम भी उठाए गए हैं:

  • धूल पैदा करने वाले तोड़फोड़ और खुले में होने वाले निर्माण कार्यों पर रोक (1 नवंबर से 31 जनवरी तक, तय छूट के साथ)। इसके अलावा 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच निर्माण और तोड़फोड़ पर और सख्त रोक रहेगी।
  • दिल्ली सरकार और निजी दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य (1 नवंबर से 31 जनवरी तक)।
  • अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना (1 नवंबर से 28 फरवरी तक), ताकि लोग निजी गाड़ियां कम निकालें।
  • वैध प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र (PUC) के बिना पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं मिलेगा।

कितने वाहन होंगे प्रभावित?

Indian Express के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में करीब 3.02 करोड़ BS-1 से BS-4 वाहन रजिस्टर्ड हैं। इनमें से 48 लाख वाहन दिल्ली से सटे NCR जिलों (जैसे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में रजिस्टर्ड हैं, जो अक्सर रोज दिल्ली आते-जाते हैं। इन पुराने वाहनों में से लगभग तीन-चौथाई दोपहिया हैं। यानी रोज दिल्ली में नौकरी या कारोबार के लिए आने वाले बड़ी संख्या में बाइक-स्कूटर चालक भी इसकी जद में आ सकते हैं।

The Hindu के मुताबिक दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि शुरुआत में फोकस सीमाओं पर रहेगा, ताकि ऐसे वाहनों की एंट्री रोकी जा सके। उन्होंने बताया कि पड़ोसी राज्यों के परिवहन आयुक्तों से बैठक कर उन्हें BS-6 से नीचे की बसें दिल्ली न भेजने को कहा गया है।

पृष्ठभूमि: GRAP से अलग है यह नियम

ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) प्रदूषण के स्तर के हिसाब से लागू होने वाले आपात कदमों का चार चरणों वाला सेट है, जिसे CAQM घोषित करता है। Indian Express के मुताबिक दिल्ली की हवा ‘खराब’ श्रेणी में पहुंचने के बाद 21 अक्टूबर से GRAP का स्टेज-1 लागू है। BS-6 से नीचे के बाहरी वाहनों पर रोक दिल्ली सरकार का तय समय वाला सर्दियों का कदम है, जो AQI के उतार-चढ़ाव से अलग पूरे तीन महीने लागू रहेगा। BS-6 मानक वाले वाहन पुराने मानकों की तुलना में काफी कम धुआं और प्रदूषक छोड़ते हैं, इसलिए पुरानी गाड़ियों को सर्दियों में प्रदूषण का बड़ा स्रोत माना जाता है।

आप पर क्या असर पड़ेगा?

अगर आप नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद या किसी दूसरे राज्य से अपनी गाड़ी लेकर दिल्ली आते हैं, तो निकलने से पहले ये जरूर जांचें:

  • अपनी गाड़ी का BS मानक जानें: यह RC पर या परिवहन विभाग के ‘वाहन’ पोर्टल/mParivahan ऐप पर दिख जाता है। आम तौर पर अप्रैल 2020 के बाद रजिस्टर्ड नई गाड़ियां BS-6 होती हैं, फिर भी RC में दर्ज जानकारी ही मानें।
  • PUC सर्टिफिकेट वैध रखें: बिना वैध PUC के पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं मिलेगा और चालान का खतरा भी है।
  • विकल्प अपनाएं: गाड़ी BS-4 या पुरानी है तो मेट्रो, DTC/क्लस्टर बस, CNG ऑटो या कैब का इस्तेमाल करें। बॉर्डर पर चेकिंग के कारण सुबह-शाम जाम भी लग सकता है, इसलिए समय लेकर निकलें।
  • दफ्तर से बात करें: 50% वर्क फ्रॉम होम का नियम लागू है, तो अपने ऑफिस की रोस्टर व्यवस्था पता कर लें।

आगे क्या?

ये पाबंदियां 31 जनवरी 2027 तक लागू रहेंगी (पार्किंग शुल्क 28 फरवरी तक)। अगर प्रदूषण और बढ़ता है तो CAQM GRAP के ऊंचे चरण लागू कर सकता है, जिससे और पाबंदियां जुड़ सकती हैं। ट्रैफिक पुलिस की ओर से जुर्माने और छूट से जुड़े नए निर्देश आने पर स्थिति और साफ होगी।

स्रोत: The Hindu, Indian Express, CAQM के निर्देश।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *