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6 नवम्बर 2026, शुक्र

दिल्ली-NCR में GRAP-3 लागू: BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियों पर रोक, कक्षा 5 तक हाइब्रिड; दिवाली से पहले एहतियाती कदम

दिल्ली में वायु प्रदूषण और स्मॉग की मोटी परत में ढकी इमारतें, फाइल फोटो

दिवाली से ठीक दो दिन पहले दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर खतरे की लकीर के पास पहुँच गई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की GRAP उप-समिति ने शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को एहतियाती कदम उठाते हुए पूरे दिल्ली-एनसीआर में ग्रैडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया। The Hindu और NDTV की रिपोर्ट्स के मुताबिक राजधानी पर घना स्मॉग छाया रहा और औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) करीब 391 दर्ज हुआ, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है और ‘गंभीर’ स्तर (400+) के बेहद करीब। सुबह 9 बजे 59 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से करीब 30 पर हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में बताई गई।

आमतौर पर GRAP-3 तब लागू होता है जब AQI 401 से 450 के बीच यानी ‘Severe’ श्रेणी में पहुँचे। इस बार आयोग ने दिवाली (8 नवंबर) से पहले प्रदूषण और मौसम की स्थिति देखते हुए इसे एहतियातन लागू किया है, ताकि हालात और न बिगड़ें। इससे पहले GRAP-1 21 अक्टूबर को और GRAP-2 2 नवंबर को लागू हो चुके थे; स्टेज-3 के साथ निचले चरणों के नियम भी लागू रहते हैं।

GRAP-3 में क्या-क्या बंद होगा?

The Hindu के अनुसार स्टेज-3 के तहत BS-III पेट्रोल और BS-IV या उससे नीचे के डीजल लाइट मोटर व्हीकल (चार पहिया) पर दिल्ली के साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में पाबंदी लगाई गई है। दिव्यांग उपयोग के लिए विशेष रूप से तैयार वाहनों को निजी इस्तेमाल में छूट का प्रावधान बताया गया है। Aaj Tak/आधिकारिक पॉइंट्स के मुताबिक दिल्ली में रजिस्टर्ड पुराने डीजल मीडियम गुड्स व्हीकल और बाहर से आने वाले कुछ BS-IV डीजल LCV पर भी जरूरी सेवाओं को छोड़कर रोक का निर्देश है।

पूरे NCR में धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) कामों पर रोक रहेगी—खुदाई, पाइलिंग, RMC प्लांट, मलबा ढुलाई और कच्ची सड़कों पर निर्माण सामग्री की ढुलाई जैसी गतिविधियाँ इसके दायरे में आती हैं। रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, अस्पताल, हाईवे, बिजली-पानी-सीवेज और रक्षा जैसे जरूरी प्रोजेक्ट्स को नियमों के साथ छूट मिल सकती है। पूरे NCR में स्टोन क्रशर और खनन बंद रहेंगे। डीजल जेनरेटर सेट सिर्फ आपात/जरूरी सेवाओं के लिए ही चल सकेंगे।

स्कूल और दफ्तर: हाइब्रिड क्लास व WFH

दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में कक्षा 5 तक की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में चलेगी—यानी जहाँ ऑनलाइन विकल्प उपलब्ध हो, अभिभावक स्कूल या ऑनलाइन में से चुन सकते हैं। निजी कंपनियों को वर्क-फ्रॉम-होम/हाइब्रिड अपनाने की सलाह दी गई है; राज्य सरकारें और केंद्र अपने कर्मचारियों के लिए WFH पर अलग से फैसला कर सकते हैं। NDTV रिपोर्ट में इंटर-स्टेट डीजल बसों पर भी पाबंदी/प्रतिबंध का जिक्र है।

आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या

  • गाड़ी वाले: अगर आपकी चार पहिया BS-III पेट्रोल या BS-IV डीजल है, तो उल्लिखित जिलों में न निकालें—जुर्माना/रोक की संभावना है। मेट्रो, बस, CNG/EV या कार-पूल चुनें।
  • अभिभावक: कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए स्कूल के हाइब्रिड आदेश देखें; सुबह-शाम आउटडोर खेल सीमित रखें।
  • मरीज और बुजुर्ग: अस्थमा, सांस या दिल की समस्या होने पर N95/मास्क, इनडोर रहना और डॉक्टर की सलाह जरूरी।
  • निर्माण/व्यापार: गैर-जरूरी C&D और स्टोन क्रशर बंद; जरूरी प्रोजेक्ट्स को धूल-नियंत्रण नियमों का पालन करना होगा।
  • दिवाली: सुप्रीम कोर्ट के अनुसार 7–8 नवंबर को सिर्फ तय स्लॉट में प्रमाणित ग्रीन पटाखे; बाहर के समय और अवैध पटाखे प्रतिबंधित। प्रदूषण और बढ़ने पर GRAP-4 जैसे और सख्त कदम भी संभव हैं।

CAQM नागरिकों से अपील करता है कि छोटी दूरी पैदल/साइकिल से तय करें, सार्वजनिक परिवहन अपनाएँ, गैर-जरूरी गाड़ी न निकालें, कोयला-लकड़ी न जलाएँ और गार्ड/कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक हीटर दें। आधिकारिक अपडेट के लिए CAQM, दिल्ली सरकार और CPCB/AQI ऐप पर नजर रखें—अफवाहों पर नहीं।

स्रोत: The Hindu, NDTV, Aaj Tak/CAQM निर्देश (6 नवंबर 2026)। आँकड़े और आदेश समय के साथ बदल सकते हैं; अंतिम जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन से लें।

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