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7 नवम्बर 2026, शनि

केंद्र सरकार ने गरीब मेधावी छात्रों के लिए चलाई जा रही नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम (NMMSS) की आवेदन समयसीमा बढ़ा दी है। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए नई अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 है। ये जानकारी प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की आधिकारिक रिलीज पर आधारित है। टाइम्स ऑफ इंडिया और इंडिया टुडे जैसी खबरों ने भी इसी विस्तार की पुष्टि की है।

कितनी मिलेगी स्कॉलरशिप?

चयनित छात्रों को सालाना ₹12,000 मिलते हैं। पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए बैंक खाते में जाता है। हर साल लगभग 1 लाख नई (फ्रेश) स्कॉलरशिप्स दी जाती हैं। कक्षा 9 में चयन के बाद कक्षा 10, 11 और 12 में रिन्यूअल पर स्कॉलरशिप जारी रहती है—बशर्ते शर्तें पूरी हों।

पात्रता क्या है?

ये स्कीम राज्य सरकार, सरकारी सहायता प्राप्त और लोकल बॉडी स्कूलों के छात्रों के लिए है। माता-पिता की सालाना आय ₹3.50 लाख या उससे कम होनी चाहिए। कक्षा 8 में कम से कम 55% अंक जरूरी हैं। SC/ST छात्रों को 5% की छूट मिलती है।

आवेदन के लिए राज्य/केंद्रशासित प्रदेश की चयन परीक्षा पास करनी होती है। यानी सिर्फ फॉर्म भरना काफी नहीं—मेरिट लिस्ट में आना भी जरूरी है।

कहां और कैसे आवेदन करें?

आवेदन नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर होते हैं। सबसे पहले One-Time Registration (OTR) पूरा करना अनिवार्य है। OTR के बिना फॉर्म आगे नहीं बढ़ता—ये बात बार-बार दोहराई जा रही है ताकि छात्र लास्ट मिनट पर अटकें नहीं।

30 सितंबर 2026 तक आंकड़े ये रहे: 88,522 फ्रेश और 1,97,133 रिन्यूअल आवेदन आ चुके थे। डेडलाइन बढ़ने से और छात्र फॉर्म पूरा कर सकते हैं।

वेरिफिकेशन की नई तारीखें

आवेदन जमा करने के बाद स्कूल और जिला स्तर पर जांच होती है। इंस्टीट्यूट नोडल ऑफिसर को 15 नवंबर तक वेरिफाई करना है। डिस्ट्रिक्ट नोडल ऑफिसर की समयसीमा 30 नवंबर है। देर से वेरिफिकेशन होने पर स्कॉलरशिप अटक सकती है—इसलिए स्कूल प्रशासन से फॉलो-अप रखना फायदेमंद है।

छात्रों और अभिभावकों के लिए प्रैक्टिकल टिप्स

बैंक खाता छात्र के नाम पर हो, आधार लिंक चेक करें, और आय प्रमाण पत्र अपडेट रखें। पोर्टल पर दस्तावेज साफ स्कैन करके अपलोड करें। अगर OTR में दिक्कत आ रही हो तो जल्दी हेल्पलाइन या स्कूल नोडल ऑफिसर से संपर्क करें—31 अक्टूबर के बाद इंतजार नहीं चलेगा।

PIB प्राथमिक स्रोत है; टाइम्स ऑफ इंडिया और इंडिया टुडे जैसी रिपोर्ट्स ने भी डेडलाइन विस्तार की बात दोहराई है। सरकारी योजनाओं में आधिकारिक नोटिस ही अंतिम शब्द माना जाता है।

क्यों जरूरी है ये स्कीम?

बहुत से प्रतिभाशाली छात्र फीस और किताबों के खर्च की वजह से आगे पढ़ाई जारी नहीं रख पाते। NMMSS उन्हें कक्षा 9 से 12 तक सालाना सहायता देकर उसी दबाव को कम करती है। DBT मॉडल से पैसा सीधे खाते में पहुंचता है, जिससे बीच में कटौती की शिकायतें भी घटती हैं।

डेडलाइन बढ़ने का मतलब है कि जो छात्र अभी फॉर्म अधूरा छोड़कर बैठे हैं, उनके पास एक और मौका है। स्कूल नोडल ऑफिसर से संपर्क करें, दस्तावेज पूरे करें, और 31 अक्टूबर से पहले पोर्टल पर सबमिट कर दें। रिन्यूअल वाले छात्रों को भी तारीख याद रखनी चाहिए—पुराना आवेदन अपने आप आगे नहीं बढ़ता।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

NMMSS आवेदन की नई डेडलाइन क्या है?

शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 है।

स्कॉलरशिप की राशि कितनी है?

चयनित छात्रों को सालाना ₹12,000 DBT के जरिए बैंक खाते में मिलते हैं। हर साल करीब 1 लाख फ्रेश स्कॉलरशिप्स दी जाती हैं।

पात्रता की मुख्य शर्तें क्या हैं?

सरकारी/सहायता प्राप्त/लोकल बॉडी स्कूल, पारिवारिक आय ₹3.50 लाख तक, कक्षा 8 में न्यूनतम 55% (SC/ST को 5% छूट), और राज्य/UT चयन परीक्षा पास करना।

वेरिफिकेशन कब तक होना चाहिए?

इंस्टीट्यूट नोडल ऑफिसर 15 नवंबर तक और डिस्ट्रिक्ट नोडल ऑफिसर 30 नवंबर तक वेरिफिकेशन पूरा करें।

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