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7 नवम्बर 2026, शनि

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्र से राज्य में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के कम से कम दो केंद्र खोलने की मांग की है। शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को पटना के संवाद हॉल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ समीक्षा बैठक में उन्होंने 211 नए सरकारी डिग्री कॉलेजों के लिए 5,275 करोड़ रुपये की बुनियादी सहायता भी मांगी।

बैठक में क्या मांगा गया?

मुख्यमंत्री ने कहा कि BHU के केंद्र छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के मौके बढ़ाएँगे और राज्य में अकादमिक गतिविधि मजबूत होगी। उन्होंने 211 नए सरकारी डिग्री कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए प्रति कॉलेज 25 करोड़ रुपये—कुल 5,275 करोड़—की मांग रखी। जोशी और सम्राट ने उच्च व स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता तथा संस्थानों के बुनियादी ढाँचे पर चर्चा की।

बैठक में केंद्र के अतिरिक्त सचिव आनंद राव बी. पाटिल, अर्चना शर्मा अवस्थी, अमरजीत डुग्गल और बिहार शिक्षा/उच्च शिक्षा सचिव राजीव रौशन सहित अधिकारियों ने योजनाओं की प्रस्तुति दी। दोनों पक्षों ने समयबद्ध अमल और पहुँच सुधारने पर जोर दिया।

विक्रमशिला और केंद्रीय विद्यालय

सम्राट चौधरी ने भागलपुर के पास विक्रमशिला विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना पर भी अमल की मांग की। उन्होंने बताया कि इस साल 15 जुलाई को विश्वविद्यालय को 220 एकड़ जमीन हस्तांतरित की जा चुकी है और अब केंद्र को अगले कदम तेज करने चाहिए। राज्य में और केंद्रीय विद्यालय खोलने की अपील भी की गई, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण स्कूल शिक्षा आसानी से मिले।

सेवा ही संकल्प समारोह

उसी दिन पहले सम्राट और जोशी ने पटना के बापू सभागार में सेवा चित्र व भाषण प्रतियोगिताओं के राज्य-स्तरीय पुरस्कार वितरण का उद्घाटन किया। शिक्षा विभाग के “सेवा ही संकल्प” अभियान के तहत 38 जिलों के 95,195 सरकारी और निजी स्कूलों के छात्रों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने छात्रों को बधाई दी।

छात्रों और अभिभावकों के लिए मतलब

BHU जैसे ब्रांड से जुड़े केंद्र अगर बिहार में खुलते हैं तो उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने का दबाव कुछ हद तक घट सकता है—लेकिन यह अभी मांग है, मंजूरी नहीं। 211 नए कॉलेजों को लैब, लाइब्रेरी और भवन चाहिए; 25 करोड़ प्रति कॉलेज का आंकड़ा उसी जरूरत को रेखांकित करता है। विक्रमशिला पर जमीन हस्तांतरण के बाद निर्माण और शैक्षणिक शुरुआत की समय-रेखा अहम रहेगी।

अभिभावकों को प्रतीक्षा करनी चाहिए कि केंद्र इन मांगों पर क्या लिखित जवाब देता है। छात्रों के लिए फिलहाल मौजूदा कॉलेज सुविधाएँ, छात्रवृत्ति और केंद्रीय विद्यालय सीटें ही व्यावहारिक विकल्प हैं।

उच्च शिक्षा की जमीनी हकीकत

बिहार से लाखों छात्र हर साल अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों का रुख करते हैं। BHU केंद्र या विक्रमशिला जैसी परियोजनाएँ अगर समय पर साकार हों तो पलायन घटेगा, लेकिन भूमि, शिक्षक भर्ती और बजट तीनों बिना अटकें आगे बढ़ने चाहिए। 211 नए डिग्री कॉलेज खोलना आसान हिस्सा था; उन्हें लैब, पुस्तकालय, छात्रावास और योग्य फैकल्टी देना असली परीक्षा है।

केंद्रीय विद्यालयों की मांग स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ी है। जहाँ KV खुलते हैं, वहाँ प्रतिस्पर्धा और परिणाम दोनों पर असर दिखता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे केवल घोषणाओं पर निर्भर न रहें—राज्य बोर्ड, प्रवेश परीक्षा कैलेंडर और मौजूदा कॉलेज की नैक/सुविधा स्थिति भी जाँचें। केंद्र-राज्य बैठक सकारात्मक संकेत है, पर लिखित स्वीकृति और फंड रिलीज के बिना यह समाचार मांग-पत्र के स्तर पर ही रहता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

मुख्यमंत्री ने BHU के कितने केंद्र मांगे?

कम से कम दो BHU केंद्र बिहार में खोलने की मांग की गई है।

5,275 करोड़ रुपये किस लिए?

211 नए सरकारी डिग्री कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए—प्रति कॉलेज 25 करोड़ रुपये के हिसाब से।

विक्रमशिला पर क्या स्थिति है?

मुख्यमंत्री के अनुसार 15 जुलाई को 220 एकड़ जमीन विश्वविद्यालय को दी जा चुकी है; आगे के कदम केंद्र से अपेक्षित हैं।

बैठक कहाँ हुई?

पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद हॉल में, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ।

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