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7 नवम्बर 2026, शनि

दिल्ली में CEC के इस्तीफे को लेकर चल रहे प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार के दो मंत्रियों ने एक स्वर में जवाब दे दिया है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और रामदास आठवले ने साफ कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस (12 अक्टूबर 2026) समेत कई मीडिया रिपोर्ट्स में दोनों नेताओं के बयान छापे गए। पासवान पटना में बोल रहे थे, आठवले श्रीनगर में। दोनों ने CJP के प्रदर्शन को लेकर सख्त रुख अपनाया।

चिराग पासवान का पटना वाला बयान

लोजपा (राम विलास) के नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने CJP पर आरोप लगाया कि वह दिल्ली प्रदर्शनों के जरिए “अराजकता” फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। मुद्दा SIR (Special Intensive Revision) से जुड़े वोटर लिस्ट अनियमितताओं का था, जिस पर विपक्ष प्रदर्शन कर रहा है।

पासवान ने केंद्र को श्रेय दिया कि स्थिति नियंत्रण में रखी गई। उन्होंने साफ किया कि CEC के इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। साथ ही उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि दिल्ली के आम नागरिकों को परेशानी हो रही है।

रामदास आठवले: “जितना आंदोलन करो, CEC नहीं हटेंगे”

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने श्रीनगर में और भी सीधा संदेश दिया। उनका कहना था—“Whatever agitation you do, CEC Gyanesh Kumar will not resign.” यानी जितना भी आंदोलन करो, CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे।

आठवले ने बताया कि देशभर में करीब 13 करोड़ वोटर नाम अलग-अलग कारणों से डिलीट हुए, जिनमें “हमारे मतदाता” भी शामिल हैं। उन्होंने राहुल गांधी और विपक्ष पर सरकार को घेरने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों को जेल की चेतावनी भी दी। हिंदुस्तान टाइम्स, द प्रिंट/पीटीआई और डेली एक्सेलसियर ने उनके बयान रिपोर्ट किए।

विवाद का मूल मुद्दा क्या है?

CJP गठबंधन चुनावी नामावली में कथित अनियमितताओं और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग लेकर सड़क पर है। दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर अनुमति से इनकार किया था, जिसके बाद सेंट्रल दिल्ली में प्रदर्शन और तनाव की खबरें आईं। उसी पृष्ठभूमि में ये मंत्री-स्तरीय बयान आए हैं।

NDA का साझा रुख

दोनों मंत्री NDA का हिस्सा हैं। अलग-अलग शहरों से एक जैसा संदेश—CEC नहीं हटेंगे—सरकार की लाइन को मजबूत करता दिखता है। पासवान ने अराजकता का आरोप लगाया, आठवले ने आंदोलन की सीमा और कानूनी कार्रवाई का जिक्र किया। दोनों ने विपक्ष पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप दोहराया।

चुनाव आयोग स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। मंत्रियों के बयान राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं; आयोग की आधिकारिक स्थिति अलग दस्तावेजों में दर्ज रहती है। फिलहाल विपक्ष प्रदर्शन जारी रखने का संकेत दे रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इस्तीफे की मांग को खारिज कर चुका है।

आगे की निगाह कहाँ?

दिल्ली में कानून-व्यवस्था, प्रदर्शन की अनुमति और वोटर लिस्ट विवाद—तीनों मुद्दे आने वाले दिनों में चर्चा में रहेंगे। नागरिकों के लिए जरूरी है कि वे सत्यापित खबरों पर भरोसा करें।

संक्षेप में, CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा की मांग पर चिराग पासवान और रामदास आठवले ने दरवाजा बंद कर दिया है—इस्तीफा नहीं होगा, और प्रदर्शन को अराजकता या कानूनी सीमा के उल्लंघन से जोड़ा जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

किसने कहा कि CEC इस्तीफा नहीं देंगे?

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (पटना) और रामदास आठवले (श्रीनगर) दोनों ने यह रुख साफ किया।

आठवले ने कितने वोटर डिलीशन का जिक्र किया?

उन्होंने कहा कि देशभर में करीब 13 करोड़ वोटर नाम विभिन्न कारणों से हटाए गए, जिनमें उनके कुछ मतदाता भी शामिल हैं।

चिराग पासवान ने CJP पर क्या आरोप लगाया?

उन्होंने कहा कि CJP दिल्ली प्रदर्शनों के जरिए अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहा है, और केंद्र ने स्थिति संभाली।

ये बयान कब आए?

अक्टूबर 2026 में—न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने 12 अक्टूबर को दोनों नेताओं के रुख को कवर किया; आठवले के बयान इससे पहले भी कई अखबारों में छपे।

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