रवींद्र जडेजा ने रणजी ट्रॉफी में वही किया जिसकी उनसे उम्मीद थी। राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में छत्तीसगढ़ के ख़िलाफ़ सौराष्ट्र के लिए उन्होंने सोमवार को शानदार शतक जमाया। जडेजा ने 102 रन बनाए। यह उनके फर्स्ट-क्लास करियर का 16वां शतक है।
पहले दिन का खेल ख़त्म होने तक जडेजा 154 गेंदों पर 72 रन बनाकर नाबाद थे। दूसरे दिन सुबह उन्हें शतक तक पहुंचने के लिए सिर्फ 51 गेंदें और लगीं।
रवींद्र जडेजा शतक: मुश्किल वक्त में संभाली पारी
सौराष्ट्र को पहले बल्लेबाज़ी के लिए उतरना पड़ा। चिराग जानी ने ऊपर 83 रन की अच्छी पारी खेली, लेकिन इसके बाद छत्तीसगढ़ ने वापसी की और सौराष्ट्र का स्कोर 151 रन पर 4 विकेट हो गया।
यहीं से जडेजा और प्रेरक मांकड़ ने मोर्चा संभाला। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 205 रन की साझेदारी की और मैच का रुख़ बदल दिया। मांकड़ ने भी शतक लगाया और 129 रन बनाकर टीम के टॉप स्कोरर रहे।
नाम एक जैसा, विकेट भी उसी के नाम
जडेजा की पारी का अंत दिलचस्प रहा। उन्हें छत्तीसगढ़ के गेंदबाज़ धर्मेंद्रसिंह जडेजा ने अपनी ही गेंद पर कैच कर लिया। जडेजा सौराष्ट्र के आख़िरी आउट होने वाले बल्लेबाज़ रहे और टीम की पहली पारी 392 रन पर सिमटी।
छत्तीसगढ़ के लिए देव आदित्य सिंह सबसे कामयाब गेंदबाज़ रहे। उन्होंने 67 रन देकर सबसे ज़्यादा विकेट अपने नाम किए।
न्यूज़ीलैंड दौरे से पहले की तैयारी
यह शतक जडेजा के लिए सिर्फ आंकड़ा नहीं है। भारत को अगले महीने न्यूज़ीलैंड में दो टेस्ट मैच खेलने हैं। पहला टेस्ट 19 से 23 नवंबर तक वेलिंगटन में और दूसरा 27 नवंबर से 1 दिसंबर तक क्राइस्टचर्च में होगा।
जडेजा का पिछला रेड-बॉल असाइनमेंट श्रीलंका में टेस्ट सीरीज़ था। हाल ही में वह वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ वनडे सीरीज़ में खेले, जिसे भारत ने 2-1 से जीता। उस सीरीज़ में उन्होंने दो मैचों में दो विकेट लिए, लेकिन बल्लेबाज़ी का मौका नहीं मिला। ऐसे में रणजी में 200 से ज़्यादा गेंदें खेलना न्यूज़ीलैंड की तेज़ और उछाल भरी पिचों से पहले उनके लिए अच्छी प्रैक्टिस है।
रणजी में जडेजा का पुराना रिकॉर्ड
रणजी ट्रॉफी में जडेजा का बल्ला पहले भी खूब बोला है। वह रणजी में तीन तिहरे शतक लगाने वाले इकलौते भारतीय हैं। पहला तिहरा शतक 2011-12 सीज़न में ओडिशा के ख़िलाफ़ आया था और अगले सीज़न में उन्होंने गुजरात और रेलवे के ख़िलाफ़ दो और तिहरे शतक जड़े।
यानी लंबी पारी खेलना जडेजा के लिए नई बात नहीं। सौराष्ट्र के लिए वह बरसों से बल्ले और गेंद, दोनों से भरोसेमंद नाम रहे हैं।
सौराष्ट्र के लिए अहम सीज़न
रणजी ट्रॉफी का यह 92वां सीज़न 11 अक्टूबर से शुरू हुआ है। पिछले सीज़न सौराष्ट्र शुरुआती दौर में ही बाहर हो गई थी। इस बार टीम एलीट ग्रुप B में है, जहां उसके साथ आंध्र, असम, छत्तीसगढ़, हैदराबाद, कर्नाटक, पंजाब और त्रिपुरा हैं। घर पर 392 रन का स्कोर टीम को अच्छी शुरुआत देता है। अब नज़र इस पर रहेगी कि सौराष्ट्र के गेंदबाज़, जिनमें जडेजा भी हैं, छत्तीसगढ़ को कितने पर रोकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रवींद्र जडेजा ने रणजी में कितने रन बनाए?
जडेजा ने छत्तीसगढ़ के ख़िलाफ़ राजकोट में 102 रन बनाए। यह उनका 16वां फर्स्ट-क्लास शतक है।
जडेजा को किसने आउट किया?
छत्तीसगढ़ के धर्मेंद्रसिंह जडेजा ने उन्हें अपनी ही गेंद पर कैच किया।
सौराष्ट्र की पहली पारी कितने रन पर ख़त्म हुई?
सौराष्ट्र की पहली पारी 392 रन पर ख़त्म हुई। प्रेरक मांकड़ ने 129 और चिराग जानी ने 83 रन बनाए।
भारत का न्यूज़ीलैंड टेस्ट दौरा कब है?
पहला टेस्ट 19-23 नवंबर को वेलिंगटन में और दूसरा 27 नवंबर से 1 दिसंबर तक क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा।

