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7 नवम्बर 2026, शनि

IMF ने बढ़ाया भारत का GDP ग्रोथ अनुमान: FY27 में 7% रफ्तार, दुनिया 3.1% पर; महंगाई और तेल पर चेतावनी

वॉशिंगटन डीसी में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का मुख्यालय भवन

दुनिया की अर्थव्यवस्था जहां पश्चिम एशिया के युद्ध, महंगे तेल और कर्ज के बोझ से जूझ रही है, वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत के लिए अच्छी खबर दी है। IMF ने अपनी ताजा World Economic Outlook रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7.0% कर दिया है। यानी 60 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी।

सिर्फ इतना ही नहीं, अगले वित्त वर्ष 2027-28 का अनुमान भी 6.7% से बढ़ाकर 7.0% किया गया है। Indian Express और Financial Express की रिपोर्ट के मुताबिक IMF ने साफ कहा है कि भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं में अलग दिखता है, जहां अनुमान ऊपर की तरफ बदले गए हैं।

IMF ने भारत के बारे में क्या कहा?

IMF के शब्दों में यह बढ़ोतरी “उम्मीद से ज्यादा मजबूत रफ्तार” को दिखाती है, जिसे घरेलू मांग और सर्विस सेक्टर की दमदार गतिविधि सहारा दे रही है। फंड ने यह भी कहा कि अनुकूल जनसंख्या ढांचा, बड़ा और बढ़ता घरेलू बाजार और लगातार चल रहे संरचनात्मक सुधार भारत की ग्रोथ क्षमता को मजबूत बना रहे हैं।

गौर करने वाली बात यह है कि IMF अकेला नहीं है। Financial Express के अनुसार पिछले हफ्ते RBI और विश्व बैंक, दोनों ने FY27 के लिए भारत की ग्रोथ का अनुमान 7.1% किया था। इससे पहले एशियन डेवलपमेंट बैंक और OECD भी अपने अनुमान बढ़ा चुके हैं। FY26 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8% बढ़ी थी और अप्रैल-जून 2026 तिमाही में भी ग्रोथ 7.8% रही।

महंगाई और चालू खाते पर IMF की राय

  • CPI महंगाई: FY27 में औसतन 5.0% और FY28 में 4.4% रहने का अनुमान। RBI का अनुमान इससे थोड़ा ऊपर, 5.2% है।
  • चालू खाता घाटा (CAD): FY26 के 0.7% से बढ़कर FY27 में GDP का 1.5% होने का अनुमान, FY28 में 1.3%।
  • कच्चा तेल: IMF ने 2026 में तेल का औसत भाव 95.74 डॉलर प्रति बैरल माना है, जो 2025 से करीब 41% ज्यादा है।

याद रहे, सितंबर में खुदरा महंगाई 5.54% पर पहुंच गई थी, जो करीब दो साल का ऊंचा स्तर है। यानी ग्रोथ अच्छी है, लेकिन महंगाई की चुनौती खत्म नहीं हुई।

दुनिया की तस्वीर कैसी है?

वैश्विक स्तर पर IMF ने 2026 की ग्रोथ का अनुमान 3.0% से बढ़ाकर 3.1% किया है, जबकि 2027 के लिए 3.4% का अनुमान बरकरार रखा है। अमेरिका के लिए 2026 में 2.3% और चीन के लिए 4.5% ग्रोथ का अनुमान है।

सबसे बुरा हाल पश्चिम एशिया का है। IMF के मुताबिक बहरीन, इराक, कुवैत और कतर जैसे देशों की अर्थव्यवस्था 2026 में दहाई अंक में सिकुड़ सकती है, और सऊदी अरब में भी 3.3% गिरावट का अनुमान है। IMF ने चेताया है कि युद्ध लंबा खिंचने से देशों के पास झटके झेलने की गुंजाइश कम होती जा रही है। ये अनुमान थाईलैंड के बैंकॉक में चल रही IMF-विश्व बैंक की सालाना बैठकों के दौरान जारी हुए हैं।

आप पर क्या असर पड़ेगा

GDP अनुमान का असर आखिरकार आम आदमी की जेब तक पहुंचता है। तेज ग्रोथ का मतलब आमतौर पर ज्यादा कारोबार, ज्यादा निवेश और नौकरियों के ज्यादा मौके होते हैं। जब IMF जैसी संस्था भरोसा जताती है तो विदेशी निवेशकों का नजरिया भी सुधरता है, जिसका फायदा शेयर बाजार और रुपये को मिल सकता है।

लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू भी है। IMF खुद मान रहा है कि तेल महंगा रहेगा और चालू खाता घाटा बढ़ेगा। इसका सीधा मतलब है कि पेट्रोल-डीजल, ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की चीजों के दाम पर दबाव बना रह सकता है। महंगाई 5% के आसपास रहने का अनुमान है, इसलिए होम लोन या कार लोन लेने वालों को ब्याज दरों में बड़ी राहत की उम्मीद फिलहाल सोच-समझकर रखनी चाहिए।

व्यावहारिक सलाह यही है कि ग्रोथ की खबर से जोश में आकर कोई बड़ा वित्तीय फैसला न लें। निवेश करते हैं तो लंबी अवधि का नजरिया रखें, और घर का बजट बनाते समय महंगाई की 5% वाली हकीकत को ध्यान में रखें।

आगे क्या

अब नजर सरकार के आधिकारिक आंकड़ों पर रहेगी। जुलाई-सितंबर तिमाही के GDP आंकड़े आने के बाद पता चलेगा कि IMF का भरोसा जमीन पर कितना सही बैठता है। साथ ही पश्चिम एशिया के हालात और कच्चे तेल की कीमतें आने वाले महीनों में सबसे बड़ा फैक्टर रहेंगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

IMF ने भारत की ग्रोथ का अनुमान कितना किया है?

IMF ने 2026-27 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7.0% किया है। 2027-28 के लिए भी अनुमान 7.0% है।

दुनिया की ग्रोथ का अनुमान क्या है?

IMF के मुताबिक 2026 में वैश्विक ग्रोथ 3.1% और 2027 में 3.4% रह सकती है।

भारत में महंगाई को लेकर IMF क्या कहता है?

IMF का अनुमान है कि FY27 में CPI महंगाई औसतन 5.0% और FY28 में 4.4% रहेगी।

RBI का ग्रोथ अनुमान कितना है?

RBI ने हाल ही में FY27 के लिए भारत की ग्रोथ का अनुमान 7.1% किया है। विश्व बैंक का अनुमान भी 7.1% है।

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