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7 नवम्बर 2026, शनि

नाना पाटेकर का पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट: दिल का दौरा पक्का, हत्या की आशंका खारिज

नाना पाटेकर, आईएफएफआई गोवा 2017

वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था—आखिर मौत का असली कारण क्या था? रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को गोवा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) के सीनियर डॉक्टर ने साफ जवाब दे दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक नाना पाटेकर की मौत दिल के दौरे से हुई है। डॉक्टरों ने इसे प्राकृतिक कारण बताया है और किसी भी तरह की foul play की आशंका को खारिज कर दिया है।

पोस्टमॉर्टम में क्या निकला?

GMCH की रिपोर्ट के अनुसार मौत का मेडिकल कारण अक्यूट मायोकार्डियल इन्फार्क्शन है। यानी दिल का अचानक दौरा। इसकी जड़ में लेफ्ट मेन कोरोनरी आर्टरी में थ्रॉम्बोसिस यानी खून का थक्का था। यह थक्का एथेरोस्क्लेरोटिक ऑक्लूसिव कोरोनरी आर्टरी डिजीज की वजह से बना था। आसान भाषा में कहें तो नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल और ब्लॉकेज ने खून का रास्ता बंद कर दिया, और दिल रुक गया।

डॉक्टरों ने साफ कहा कि यह प्राकृतिक मौत है। IANS और PTI की रिपोर्ट्स में भी यही बात दोहराई गई है कि किसी बाहरी हस्तक्षेप या foul play का कोई संकेत नहीं मिला।

गुरुवार सुबह क्या हुआ था?

नाना पाटेकर का निधन गुरुवार सुबह उनके गोवा स्थित निवास पर हुआ। उम्र 75 साल थी। दिल का दौरा पड़ने के बाद 45 मिनट तक CPR चलाया गया, लेकिन जान नहीं बच सकी। उन्हें सुबह 5:10 बजे मृत घोषित कर दिया गया।

परिवार और करीबी लोगों के लिए ये खबर झटका थी। बॉलीवुड और मराठी सिनेमा दोनों में दशकों से अपनी मजबूत उपस्थिति रखने वाले नाना पाटेकर की अचानक विदाई ने पूरे फिल्मी जगत को शोक में डाल दिया।

अंतिम संस्कार: पुणे से दोंजे गांव तक

शरीर को पहले पुणे ले जाया गया, फिर दोंजे गांव के फार्महाउस पर अंतिम संस्कार किया गया। राज्य सरकार ने उन्हें पूर्ण राजकीय सम्मान दिया। अंतिम यात्रा में महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले और मुरलीधर मोहोल, अभिनेता जैकी श्रॉफ, मकरंद अनासपुरे समेत कई नाम जुटे।

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार इस बात का संकेत था कि नाना पाटेकर सिर्फ स्क्रीन पर ही नहीं, समाज और संस्कृति में भी एक बड़ा नाम थे।

करियर की झलक: पद्मश्री से प्रहार तक

नाना पाटेकर को 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। हिंदी सिनेमा में उनका डेब्यू 1978 की फिल्म गमन से हुआ। उन्होंने प्रहार जैसी फिल्म का निर्देशन भी किया, जो आज भी कई सिनेमा प्रेमियों की याद में जिंदा है।

साल 2026 में उनकी आखिरी स्क्रीन उपस्थिति प्राइम वीडियो की फिल्म सुबेदार में कैमियो के रूप में रही। इस फिल्म में अनिल कपूर और राधिका मदान भी हैं। छोटे रोल में भी नाना पाटेकर की मौजूदगी दर्शकों के लिए खास मानी जाती रही।

फैन और इंडस्ट्री का मूड

ऑटोप्सी रिपोर्ट आने के बाद सोशल मीडिया पर राहत और शोक दोनों दिखे। कई लोगों ने कहा कि कम से कम अफवाहों पर विराम लग गया। कुछ ने दिल की बीमारियों के प्रति जागरूकता की बात भी उठाई—खासकर 70 पार उम्र में नियमित चेकअप की जरूरत।

फिल्म इंडस्ट्री में नाना पाटेकर की छवि सख्त, ईमानदार और बेबाक कलाकार की रही। चाहे स्क्रीन पर हो या ऑफ स्क्रीन, उन्होंने अक्सर साफ बात कही। उनकी विदाई के बाद भी यही बात याद की जा रही है।

संक्षेप में मुख्य बातें

नाना पाटेकर की मौत दिल के दौरे से हुई। पोस्टमॉर्टम में लेफ्ट मेन कोरोनरी आर्टरी में थक्का मिला। foul play की कोई गुंजाइश नहीं। शरीर को पुणे और फिर दोंजे ले जाकर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। खबरों के स्रोत मुख्य रूप से हिंदुस्तान टाइम्स, ETV भारत, IANS और द गोअन हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नाना पाटेकर की मौत का कारण क्या था?

गोवा मेडिकल कॉलेज की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार मौत अक्यूट मायोकार्डियल इन्फार्क्शन यानी दिल के दौरे से हुई। लेफ्ट मेन कोरोनरी आर्टरी में थक्का पाया गया।

क्या foul play की आशंका थी?

नहीं। डॉक्टरों ने मौत को प्राकृतिक कारण बताया और foul play को खारिज कर दिया।

अंतिम संस्कार कहां हुआ?

शरीर को पुणे ले जाया गया और फिर दोंजे गांव के फार्महाउस पर पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

नाना पाटेकर को कौन से सम्मान मिले थे?

उन्हें 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। हिंदी सिनेमा में डेब्यू गमन (1978) से हुआ और उन्होंने प्रहार जैसी फिल्म का निर्देशन भी किया।

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