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7 नवम्बर 2026, शनि

NMC का बड़ा फैसला: MBBS फर्स्ट प्रोफेशनल परीक्षा के लिए एक और मौका (मर्सी अटेम्प्ट), 2019-20 से दाखिल छात्रों को कुल 5 प्रयास—जानें कौन पात्र, कौन नहीं

सफेद एप्रन पहने भारतीय MBBS छात्र मेडिकल कॉलेज की कक्षा में किताबों के साथ पढ़ाई करते हुए—प्रतीकात्मक फाइल फोटो

MBBS के पहले साल की परीक्षा में अटके छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) ने 15 अक्टूबर 2026 को एक सार्वजनिक सूचना जारी कर शैक्षणिक सत्र 2019-20 और उसके बाद दाखिला लेने वाले पात्र छात्रों को फर्स्ट प्रोफेशनल MBBS परीक्षा पास करने के लिए एक अतिरिक्त प्रयास (मर्सी अटेम्प्ट) देने का फैसला किया है। यानी अब तय 4 प्रयासों की जगह कुल 5 प्रयास मिल सकेंगे। गूगल ट्रेंड्स इंडिया पर “nmc extra attempt first professional mbbs” आज तेजी से सर्च हुआ। लेकिन यह राहत हर किसी के लिए नहीं है—कुछ साफ शर्तें हैं। हमने NMC का मूल नोटिस पढ़कर पूरी बात आसान भाषा में समझाई है।

NMC ने आधिकारिक नोटिस में क्या कहा?

NMC के अंडर ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (UGMEB) की सार्वजनिक सूचना (संख्या N-U013(21)/1/2026-UGMEB-NMC) के अनुसार आयोग ने यह मुद्दा 23 सितंबर 2026 को हुई अपनी 18वीं बैठक में विचार के लिए लिया। नोटिस कहता है कि छात्रों, विश्वविद्यालयों और अन्य हितधारकों की ओर से अतिरिक्त प्रयास की मांग वाले कई प्रतिवेदन मिले थे। इनमें कोविड-19 महामारी से पढ़ाई में आई रुकावट, स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं और अन्य निजी कठिनाइयों जैसी असाधारण परिस्थितियों का हवाला दिया गया था। नोटिस में आयोग के पुराने फैसलों का भी जिक्र है, जिनमें 2019-20 और 2020-21 बैच के छात्रों को एक बार मर्सी अटेम्प्ट दिया गया था।

नोटिस पर UGMEB/PGMEB/MARB के अध्यक्ष डॉ. एम. के. रमेश के डिजिटल हस्ताक्षर हैं। इसके साथ NMC सचिव डॉ. राघव लंगर का पत्र सभी मेडिकल कॉलेजों के डायरेक्टर/प्रिंसिपल/डीन और 2019-20 से दाखिल छात्रों को संबोधित है। Times of India और India Today ने भी 16 अक्टूबर को इसी नोटिस के आधार पर यही ब्योरा प्रकाशित किया है।

किसे मिलेगा अतिरिक्त प्रयास? (पात्रता की शर्तें)

  • दाखिला वर्ष: MBBS में दाखिला शैक्षणिक सत्र 2019-20 या उसके बाद हुआ हो।
  • प्रयासों की सीमा: तय 4 प्रयासों के ऊपर एक और, यानी अधिकतम 5 प्रयास।
  • चार साल की अवधि पार होने पर भी: अगर फर्स्ट प्रोफेशनल पूरा करने की तय चार साल की अवधि निकल चुकी है, तब भी यह प्रयास मिल सकता है।
  • दाखिला वैध हो: छात्र का एडमिशन अब भी वैध होना चाहिए।
  • रद्द न हुआ हो: संबंधित विश्वविद्यालय या कॉलेज ने दाखिला रद्द न किया हो।

किसे नहीं मिलेगा? ये बातें जरूर ध्यान रखें

नोटिस के खंड B के मुताबिक जो छात्र पहले ही आयोग के किसी पुराने फैसले या किसी अदालत के निर्देश के तहत एक मर्सी अटेम्प्ट लेकर कुल पांच प्रयास इस्तेमाल कर चुके हैं, उन्हें इस फैसले के तहत कोई और मर्सी अटेम्प्ट नहीं मिलेगा। NMC ने साफ लिखा है कि इस छूट से किसी छात्र को छठा प्रयास नहीं मिलेगा।

दूसरी बड़ी शर्त कोर्स की कुल अवधि की है। कंपल्सरी रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप (CRMI) समेत पूरा MBBS कोर्स दाखिले की तारीख से 10 साल के भीतर पूरा करना होगा। अतिरिक्त प्रयास मिलने का मतलब यह नहीं कि 10 साल की यह सीमा बढ़ गई है।

एक उदाहरण से समझें

मान लीजिए किसी छात्र ने 2020-21 सत्र में MBBS में दाखिला लिया, कोविड के दौरान पढ़ाई प्रभावित हुई और वह चार प्रयासों में फर्स्ट प्रोफेशनल पास नहीं कर पाया। अगर उसका दाखिला रद्द नहीं हुआ है और उसने पहले कोई मर्सी अटेम्प्ट नहीं लिया, तो इस नोटिस के तहत उसे पांचवां प्रयास मिल सकता है। लेकिन उसे ध्यान रखना होगा कि इंटर्नशिप समेत पूरा कोर्स दाखिले की तारीख से 10 साल के भीतर खत्म करना है—यानी आगे की पढ़ाई के लिए समय सीमित रहेगा। (यह सिर्फ समझाने के लिए उदाहरण है; अंतिम फैसला आपके विश्वविद्यालय द्वारा नियमों के अनुसार होगा।)

क्या यह स्थायी नियम है? नहीं

NMC ने इसे “एक बार की असाधारण संक्रमणकालीन छूट” बताया है, जो आयोग के सामने लंबित पात्र मामलों में राहत देने के लिए है। नोटिस में लिखा है कि इसे प्रयासों की संख्या से जुड़े संशोधित नियम का पिछली तारीख से लागू होना नहीं माना जाएगा, और न ही आगे के बैचों के लिए इसे मिसाल (precedent) समझा जाएगा। यानी 2026 या बाद में दाखिला लेने वाले छात्रों को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि भविष्य में भी ऐसी छूट मिलेगी।

छात्रों पर क्या असर, अब क्या करें?

  • कॉलेज से संपर्क करें: NMC ने विश्वविद्यालयों और मेडिकल कॉलेजों से पात्र मामलों को इसी नोटिस की शर्तों के हिसाब से निपटाने को कहा है। अपने कॉलेज के परीक्षा विभाग या डीन ऑफिस से लिखित में पूछें कि अगली फर्स्ट प्रोफेशनल परीक्षा कब है और फॉर्म कैसे भरना है।
  • दस्तावेज तैयार रखें: दाखिले का प्रमाण, पिछले प्रयासों की मार्कशीट/रिजल्ट और यह सबूत कि दाखिला रद्द नहीं हुआ है।
  • 10 साल की गिनती करें: अपनी दाखिला तारीख से 10 साल जोड़कर देखें कि बाकी प्रोफेशनल परीक्षाएं और इंटर्नशिप उस सीमा में पूरी हो सकती हैं या नहीं।
  • तैयारी की रणनीति: फर्स्ट प्रोफेशनल में आमतौर पर एनाटॉमी, फिजियोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री जैसे विषय होते हैं। यह आखिरी मौका हो सकता है, इसलिए कमजोर विषयों पर फोकस और फैकल्टी से मार्गदर्शन लें।
  • फर्जी सूचनाओं से बचें: सोशल मीडिया पर “सबको छठा प्रयास” जैसे दावों पर भरोसा न करें; केवल nmc.org.in पर जारी मूल नोटिस और अपने विश्वविद्यालय की सूचना मानें।

मेडिकल शिक्षा से जुड़ी अन्य खबरें भी पढ़ें—तमिलनाडु NEET राउंड 3 सीट आवंटन और लखनऊ में बॉन्ड डॉक्टरों का प्रदर्शन।

आगे क्या?

अब गेंद विश्वविद्यालयों के पाले में है। अलग-अलग स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय अपनी सप्लीमेंट्री/अगली परीक्षाओं के शेड्यूल और आवेदन प्रक्रिया जारी करेंगे। जिन छात्रों का मामला पहले से आयोग के पास लंबित है, उनके लिए यह फैसला सबसे सीधी राहत है। TrendFlash इस पर विश्वविद्यालयों की अधिसूचनाएं आने पर अपडेट देगा।

(स्रोत: NMC सार्वजनिक सूचना दिनांक 15-10-2026, nmc.org.in; Times of India, India Today। यह लेख सूचना के लिए है—अपनी पात्रता की अंतिम पुष्टि अपने कॉलेज/विश्वविद्यालय से करें।)

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