भारतीय सेना ने जून 2026 में अपने ड्रेस नियमों का बड़ा अपडेट जारी किया है। “Army Uniforms-2026” नाम का यह पैम्फलेट लगभग 8 साल बाद आया व्यापक संशोधन है। द इकोनॉमिक टाइम्स, हिंदुस्तान टाइम्स और टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें औपचारिक पोशाक, विंटर वर्किंग ड्रेस, सेरेमोनियल यूनिफॉर्म, ग्रूमिंग मानक और अन्य पहलू शामिल हैं। सबसे चर्चित बात यह है कि इसमें बचे-खुचे औपनिवेशिक रीति-रिवाजों को हटाने की कोशिश की गई है।
क्या-क्या बदला?
1. बंदी जैकेट अब औपचारिक सिविल ड्रेस का हिस्सा
भारतीय अधिकारियों के लिए औपचारिक सिविल पोशाक में अब बंद गले की “बंदी जैकेट” शामिल की गई है। इसे सादे, गंभीर रंग में फुल-स्लीव शर्ट, मेल खाती फॉर्मल ट्राउजर और बंद जूतों के साथ पहनना होगा। गले का हुक लगाना वैकल्पिक रखा गया है। इसे सेना में भारतीय सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।
2. विंटर वर्किंग ड्रेस में “बैटल जैकेट”
सभी रैंकों के लिए बैटल जैकेट वाली नई विंटर वर्किंग ड्रेस (ड्रेस नंबर 3B) लाई गई है। यह धीरे-धीरे पुरानी जर्सी-आधारित विंटर यूनिफॉर्म (ड्रेस 3A) की जगह लेगी। यह बदलाव 30 जून 2029 तक पूरी तरह लागू किया जाना है। यानी सैनिकों को अचानक नई वर्दी नहीं लेनी पड़ेगी, बदलाव चरणबद्ध होगा।
3. परेड में तलवार पर नियम
परेड की समीक्षा करने वाले अधिकारियों (Reviewing Officers) के लिए तलवार रखना अब जरूरी नहीं है। तलवार रखने की अनुमति परेड कमांडर, कंटिंजेंट कमांडर और गणतंत्र दिवस जैसे बड़े औपचारिक मौकों पर तय जवानों तक सीमित की गई है।
4. “Royal” जैसे शब्द और पुरानी परंपराएं हटीं
पैम्फलेट में “Royal” जैसी पुरानी औपनिवेशिक शब्दावली को आधिकारिक उपयोग से हटाया गया है। मेस ड्रेस नंबर 5 और 6 से पाउच बेल्ट भी हटाई गई है, हालांकि कर्नल रैंक तक के कुछ शस्त्र और सेवाओं के अधिकारी रेजिमेंटल व कोर समारोहों में इसे पहन सकेंगे।
यह बदलाव क्यों?
सेना की ड्रेस नीति सर्विस रेगुलेशंस से तय होती है। पिछला बड़ा संशोधन करीब 8 साल पहले हुआ था। नया पैम्फलेट आधुनिक जरूरतों, भारतीय पहचान और सैनिकों के आराम को ध्यान में रखकर तैयार बताया गया है। यह कदम औपनिवेशिक प्रतीकों से दूरी बनाने और आत्मनिर्भरता की व्यापक सोच से भी जोड़ा जा रहा है।
आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या
- आम नागरिक: सीधा असर नहीं है। यह नियम सिर्फ सेना के कर्मियों पर लागू होते हैं। आप परेड और समारोहों में बदली हुई वेशभूषा देख सकते हैं।
- सैनिक और अधिकारी: बैटल जैकेट का चरणबद्ध बदलाव 2029 तक चलेगा।
- आगे क्या: आने वाले गणतंत्र दिवस और अन्य समारोहों में नए नियमों का असर दिख सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सेना का नया ड्रेस पैम्फलेट कौन-सा है?
“Army Uniforms-2026” पैम्फलेट, जो जून 2026 में जारी हुआ और करीब 8 साल बाद व्यापक अपडेट है।
बंदी जैकेट कौन पहनेगा?
भारतीय अधिकारियों के लिए औपचारिक सिविल पोशाक में इसे शामिल किया गया है।
बैटल जैकेट कब तक लागू होगी?
यह जून 2029 तक चरणबद्ध तरीके से पुरानी जर्सी वाली विंटर यूनिफॉर्म की जगह लेगी।
क्या परेड में तलवार पर रोक लगी है?
पूरी रोक नहीं है। समीक्षा अधिकारियों के लिए तलवार जरूरी नहीं रही, जबकि परेड/कंटिंजेंट कमांडरों और तय बड़े समारोहों में इसकी अनुमति बनी है।

