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8 नवम्बर 2026, रवि

इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस: अमेरिकी नागरिक, OCI कार्डधारक अभिनेता जाएंगे बॉम्बे हाईकोर्ट

अभिनेता इमरान खान की फाइल फोटो—भारत छोड़ने के FRRO नोटिस की खबर

बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को देश छोड़ने का नोटिस मिला है। मुंबई के विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) ने उन्हें 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ने को कहा है। वजह है 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुआ वह प्रदर्शन, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। इमरान उस दिन प्रदर्शन में शामिल हुए थे और पुलिस ने उन्हें कुछ देर के लिए हिरासत में भी लिया था।

इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास OCI (ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया) कार्ड है। अब वे इस नोटिस को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में हैं।

नोटिस में क्या कहा गया है

The Hindu के मुताबिक नोटिस इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के उल्लंघन के आधार पर जारी हुआ है। वरिष्ठ अधिकारियों ने अखबार को बताया कि कार्रवाई इस कानून की धारा 7 के तहत शुरू की गई है, जो केंद्र सरकार को विदेशी नागरिकों के भारत में रहने, आने-जाने और ठहरने पर रोक या शर्तें लगाने का अधिकार देती है। एक अधिकारी के शब्दों में, “उनके कृत्य वीजा शर्तों और फॉरेनर्स एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन हैं।”

Bar & Bench और Moneycontrol के अनुसार FRRO के निर्देश में उनकी अमेरिकी नागरिकता और राजनीतिक प्रदर्शन में भागीदारी को आधार बनाया गया है।

शिकायत बनाम स्वतः संज्ञान—दो बातें सामने

Indian Express और Bar & Bench के अनुसार भाजपा नेता किरीट सोमैया ने गामदेवी पुलिस स्टेशन में शिकायत दी थी, जिसे पुलिस ने FRRO को भेजा। सोमैया ने Indian Express से कहा कि अभिनेता का निर्वासन “दूसरों के लिए मिसाल” बनना चाहिए। उन्होंने विदेशी फंडिंग का आरोप भी लगाया, हालांकि अखबार के मुताबिक उन्होंने न किसी फंडर का नाम लिया, न कोई सबूत दिया।

वहीं The Hindu से बात करते हुए पुलिस ने किसी निजी शिकायत पर कार्रवाई की बात से इनकार किया और कहा कि मामला स्वतः संज्ञान (suo motu) से शुरू हुआ। यानी कार्रवाई की शुरुआत को लेकर अलग-अलग बयान हैं।

हाईकोर्ट में क्या दलील होगी

Bar & Bench के मुताबिक इमरान की ओर से MZM Legal के वकील ज़ुल्फिकार मेमन, परवेज मेमन और चिराग नाइक पेश होंगे। Moneycontrol के अनुसार याचिका शुक्रवार या सोमवार तक दाखिल हो सकती है, और उसमें यह दलील होगी कि कोई कानून या नियम OCI कार्डधारक को विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने से नहीं रोकता। याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की जाएगी।

Indian Express ने लिखा है कि OCI नियम सार्वजनिक प्रदर्शन में जाने के लिए पहले से अनुमति लेने की बात स्पष्ट रूप से नहीं कहते, लेकिन संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत बोलने और शांतिपूर्ण सभा की आजादी सिर्फ भारतीय नागरिकों को मिलती है। यही कानूनी पेच इस केस का केंद्र बनेगा।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

The Hindu के मुताबिक NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि विरोध का अधिकार सबका है, जबकि शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा कि अगर युवाओं का साथ देने पर किसी को देश छोड़ने को कहा जा रहा है तो सरकार डरी हुई है।

करियर पर असर का सवाल

इमरान, अभिनेता आमिर खान के भांजे हैं और 2008 की जाने तू… या जाने ना से हीरो बने थे। Indian Express के अनुसार 2015 की कट्टी बट्टी के बाद वे करीब 11 साल फिल्मों से दूर रहे, इस साल एक कैमियो से लौटे और निर्देशक दानिश असलम के साथ उनकी अगली फिल्म पोस्ट-प्रोडक्शन में बताई गई है। नोटिस बरकरार रहा तो शूटिंग, प्रमोशन और कामकाज पर असर पड़ सकता है।

आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या

  • OCI कार्डधारकों के लिए सबक: यह केस तय कर सकता है कि वे किस हद तक सार्वजनिक या राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं। तब तक कोई भी OCI धारक राजनीतिक प्रदर्शन से पहले अपनी वीजा/OCI शर्तें ध्यान से पढ़े।
  • 28 अक्टूबर अहम तारीख: हाईकोर्ट से अंतरिम राहत नहीं मिली तो नोटिस की समय-सीमा लागू रहेगी।
  • बड़ा सवाल: विरोध का अधिकार सिर्फ नागरिकों का है या भारत में रह रहे OCI धारकों पर भी कुछ हद तक लागू होता है—अदालत की व्याख्या आगे के मामलों की दिशा तय करेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस क्यों मिला?

10 अक्टूबर को मुंबई में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन में शामिल होने को FRRO ने विदेशी नागरिकों से जुड़े कानून का उल्लंघन माना है।

उन्हें किस तारीख तक देश छोड़ना है?

नोटिस के मुताबिक 28 अक्टूबर 2026 तक।

क्या इमरान खान भारतीय नागरिक नहीं हैं?

नहीं, वे अमेरिकी नागरिक हैं और OCI कार्डधारक हैं। OCI से भारत में रहने-आने की सुविधा मिलती है, पर नागरिकता या वोट जैसे राजनीतिक अधिकार नहीं।

अब आगे क्या होगा?

वे बॉम्बे हाईकोर्ट में नोटिस को चुनौती देंगे और तत्काल सुनवाई की मांग करेंगे।

स्रोत: The Hindu, Indian Express, Bar & Bench, Moneycontrol — 15 अक्टूबर 2026।

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