बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान (आमिर खान के भतीजे) को मुंबई के विदेशियों के क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) ने 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ने का नोटिस दिया है। कारण—10 अक्टूबर को अगस्त क्रांति मैदान पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाले प्रदर्शन में शामिल होना। इमरान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास OCI कार्ड है। उनके वकील ने कहा है कि वे बॉम्बे हाईकोर्ट में इस आदेश को चुनौती देंगे।
नोटिस क्यों और किस कानून के तहत
मुंबई पुलिस के बयान (BBC, The Hindu) के मुताबिक इमरान खान अगस्त क्रांति मैदान पर CJP से जुड़े प्रदर्शन में शामिल हुए थे, जबकि वे भारतीय नागरिक नहीं हैं। FRRO ने उन्हें देश छोड़ने का निर्देश दिया। The Hindu के अनुसार कार्रवाई Immigration and Foreigners Act, 2025 की धारा 7 के तहत बताई गई; India Today के अनुसार नोटिस में धारा 7(2)(c) के साथ धारा 29 का भी उल्लेख है। धारा 7 विदेशी नागरिकों के प्रवेश, प्रस्थान और भारत में रहने को नियंत्रित करने की शक्ति देती है; धारा 29 हटाने (removal) से जुड़ी है।
एक अहम विरोधाभास भी है। The Hindu ने वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से लिखा कि कार्रवाई suo motu है और किसी निजी शिकायत पर नहीं। वहीं NDTV और BBC रिपोर्ट करते हैं कि BJP नेता कीर्ति सोमैया की शिकायत गामदेवी थाने/पुलिस के जरिए FRRO तक पहुंची, जिसके बाद नोटिस जारी हुआ। सोमैया ने खुद सोशल मीडिया पर शिकायत और “Leave India” नोटिस की बात कही है।
10 अक्टूबर को क्या हुआ था
NDTV के अनुसार इमरान खान के साथ उनकी पार्टनर लेखा वाशिंगटन और कजिन ज़ेयने मैरी खान भी प्रदर्शन में थीं; तीनों को थोड़ी देर हिरासत में लेकर छोड़ दिया गया। इमरान ने पुलिस वैन से फोटो शेयर कर कैप्शन लिखा था—“Apparently I’m going for a drive.” प्रदर्शन स्थल पर उन्होंने कहा था कि वे किसी संगठन के प्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि शहर में रहने वाले व्यक्ति के रूप में वहां हैं और आवाजाही पर पाबंदी तथा आवाज़ दबाने को लेकर सवाल पूछ रहे हैं (BBC/NDTV)।
वकील और OCI का सवाल
वकील ज़ुलफ़िकार मेमन बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे (NDTV)। पक्ष का तर्क है कि OCI नियमों में प्रदर्शन पर स्पष्ट पाबंदी नहीं है। India Today में उद्धृत अधिवक्ताओं का भी यही कहना है कि केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होना अपने आप में उल्लंघन साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं; अधिकारियों को स्पष्ट प्रावधान और प्रक्रिया दिखानी होगी। OCI को दोहरी नागरिकता नहीं माना जाता; मतदान या चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होता, लेकिन भारत में रहने वाले हर व्यक्ति पर समानता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संवैधानिक संरक्षण का सवाल अदालत में उठ सकता है।
आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या
- OCI धारकों के लिए: राजनीतिक रैलियों/प्रदर्शनों में शामिल होने से पहले visa/OCI शर्तें और स्थानीय आदेश जांच लें। गलती से भी “विदेशी नागरिक + राजनीतिक गतिविधि” का आरोप महंगा पड़ सकता है।
- अदालती रास्ता: याचिका दायर करना अपने आप में नोटिस नहीं रोकता। 28 अक्टूबर से पहले अंतरिम राहत न मिले तो निर्देश लागू रह सकता है—यह India Today में कानूनी विशेषज्ञों का साफ कहना है।
- प्रक्रिया: एकल स्रोत दावे (धारा संख्या, शिकायत मार्ग) को आधिकारिक नोटिस/अदालती फाइल से मिलाकर ही अंतिम मानें।
- आगे क्या: बॉम्बे HC में सुनवाई, FRRO/पुलिस का जवाब, और क्या OCI रद्द करने की अलग प्रक्रिया चलेगी—ये अगले पड़ाव होंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
इमरान खान को कब तक भारत छोड़ना है?
FRRO नोटिस के मुताबिक 28 अक्टूबर 2026 तक।
क्या वे भारतीय नागरिक हैं?
नहीं। वे अमेरिकी नागरिक हैं और OCI कार्ड धारक हैं।
क्या वे अदालत जाएंगे?
हां, वकील ने कहा है कि बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
शिकायत किसकी थी?
सोमैया ने शिकायत का दावा किया है; The Hindu पुलिस को suo motu कार्रवाई बताता है। दोनों बातें अलग-अलग रिपोर्ट में हैं।

