तार-केबल बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी पॉलीकैब इंडिया ने सितंबर तिमाही में अब तक की सबसे बड़ी दूसरी तिमाही दर्ज की है। गुरुवार 15 अक्टूबर को आए Polycab Q2 Results में रेवेन्यू 53% और मुनाफा करीब 43% बढ़ा। फिर भी नतीजों के बाद उसी दिन शेयर दिन की ऊंचाई से फिसल गया। आंकड़ों के भीतर इसकी वजह छिपी है।
Polycab Q2 Results: मुख्य आंकड़े
- रेवेन्यू: ₹9,899 करोड़, पिछले साल की इसी तिमाही के ₹6,477 करोड़ से 52.8% ज्यादा।
- EBITDA: ₹1,423 करोड़, सालाना 39.4% और तिमाही आधार पर 25% ज्यादा।
- EBITDA मार्जिन: 14.4%, पिछले साल 15.8% था। पिछली तिमाही (13.8%) से बेहतर।
- शुद्ध मुनाफा: NDTV प्रॉफिट और बिजनेसलाइन के मुताबिक समेकित शुद्ध मुनाफा ₹977 करोड़, सालाना 42.6% ज्यादा। कंपनी के प्रेस नोट में PAT 9,900 मिलियन रुपये (करीब ₹990 करोड़) और 43% बढ़त दिखाई गई है।
कहां से आई इतनी ग्रोथ
वायर और केबल
कंपनी के मुताबिक वायर-केबल कारोबार 47% बढ़ा, जिसमें घरेलू रेवेन्यू 50% ऊपर रहा। इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च और जमीनी स्तर पर अमल को इसका श्रेय दिया गया। इस कारोबार में वायर ने केबल से बेहतर प्रदर्शन किया और डीलर-चैनल की बिक्री संस्थागत बिक्री से तेज बढ़ी। विदेशी कारोबार 17% बढ़ा।
FMEG यानी पंखे, लाइट और सोलर
फास्ट मूविंग इलेक्ट्रिकल गुड्स (FMEG) का रेवेन्यू सालाना 124% बढ़ा, यानी दोगुने से भी ज्यादा। सोलर इस सेगमेंट का सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा। पहली बार इस कारोबार का EBIT मार्जिन दो अंकों में, 10.1% पर पहुंचा। EPC कारोबार 53% बढ़ा और उसका EBIT मार्जिन 7.2% रहा।
पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में कंपनी का रेवेन्यू पहली बार ₹18,000 करोड़ के पार, ₹18,108.6 करोड़ रहा, जो सालाना 46% ज्यादा है। 30 सितंबर तक कंपनी के पास ₹4,520 करोड़ की नेट कैश पोजीशन थी।
चेयरमैन और MD इंदर टी. जयसिंघानी ने कहा कि घरेलू मांग उत्साहजनक है, जिसे इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च, बढ़ते विद्युतीकरण और निजी निवेश का सहारा मिल रहा है। कंपनी अपनी ‘प्रोजेक्ट स्प्रिंग’ पहल के तहत ग्रोथ और प्रीमियम उत्पादों पर जोर दे रही है।
शेयर क्यों फिसला
NDTV प्रॉफिट के मुताबिक गुरुवार को शेयर ₹8,440 की ऊंचाई तक गया, लेकिन नतीजों के बाद दोपहर करीब 1:22 बजे ₹8,125 पर आ गया, जो पिछले बंद भाव ₹8,335 से करीब 2.5% नीचे था। रिपोर्ट के अनुसार बाजार ने इस बात को तौला कि EBITDA की 39.4% ग्रोथ, रेवेन्यू की 52.8% ग्रोथ से पीछे रही। आसान भाषा में, बिक्री जितनी तेजी से बढ़ी, कमाई का मार्जिन उतना नहीं बढ़ा।
अलग से, Asier Metals Private Limited बनाम Polycab India मामले में कंपनी की अपील पर NCLAT में 15 अक्टूबर को सुनवाई तय थी, जिसकी जानकारी कंपनी ने 14 अक्टूबर की फाइलिंग में दी थी।
आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या
- शेयरधारक: रिकॉर्ड बिक्री के बावजूद मार्जिन पर दबाव ही अगली तिमाहियों का मुख्य सवाल रहेगा। अच्छी बात यह है कि मार्जिन तिमाही आधार पर सुधरा है।
- सेक्टर का संकेत: वायर-केबल की यह मांग बताती है कि मकान, बिजली और इंफ्रा प्रोजेक्ट्स में खर्च जारी है। इसका असर इस सेक्टर की दूसरी कंपनियों के नतीजों पर भी दिख सकता है।
- आम ग्राहक: सोलर उत्पादों की तेज बिक्री दिखाती है कि घरों की छतों पर सोलर का चलन बढ़ रहा है। खरीदारी से पहले अलग-अलग ब्रांड की वारंटी और सर्विस जरूर मिलाएं।
- आगे क्या: NCLAT मामले की अगली जानकारी और तीसरी तिमाही में तांबे जैसे कच्चे माल की कीमतें शेयर की दिशा तय करने में अहम होंगी।
यह लेख जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Polycab का Q2 FY27 में मुनाफा कितना रहा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक समेकित शुद्ध मुनाफा ₹977 करोड़ रहा, जो सालाना करीब 43% ज्यादा है।
रेवेन्यू में कितनी बढ़त हुई?
रेवेन्यू 52.8% बढ़कर ₹9,899 करोड़ पहुंचा।
नतीजे अच्छे थे तो शेयर क्यों गिरा?
EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर 15.8% से घटकर 14.4% रहा और कमाई की ग्रोथ बिक्री से पीछे रही। गुरुवार दोपहर शेयर करीब 2.5% नीचे था।

