Breaking
7 नवम्बर 2026, शनि

एशियाई पैरा खेल 2026: मानसी जोशी-थुलासिमथि ने चीनी जोड़ी को हराकर पक्का किया बैडमिंटन पदक, उद्घाटन से पहले भारत की शानदार शुरुआत—जानिए आगे का शेड्यूल

पेरिस पैरालंपिक 2024 के बैडमिंटन SU5 फाइनल में भारत की जर्सी में शॉट खेलती थुलासिमथि मुरुगेसन (फ़ाइल फोटो)

जापान के नागोया में चल रहे एशियाई पैरा खेल 2026 (Asian Para Games 2026) में भारत के लिए एक पदक पक्का हो गया है। अनुभवी मानसी जोशी और पैरालंपिक रजत पदक विजेता थुलासिमथि मुरुगेसन की जोड़ी ने शनिवार, 17 अक्टूबर को महिला युगल SL3-SU5 वर्ग में चीन की यूमेई लियू और टोंगटोंग ली को 21-10, 21-17 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। पैरा बैडमिंटन में सेमीफाइनल हारने वाली दोनों जोड़ियों को कांस्य पदक मिलता है, इसलिए इस जीत के साथ ही भारत का कम से कम कांस्य तय हो गया। खास बात यह है कि खेलों का औपचारिक उद्घाटन रविवार, 18 अक्टूबर को होना है, यानी उद्घाटन से पहले ही भारत ने पदक की गारंटी कर ली है।

मुकाबले में क्या हुआ

PTI (भाषा) और इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक यह भारतीय जोड़ी की ग्रुप A में लगातार दूसरी जीत थी। शुक्रवार को मानसी और थुलासिमथि ने इंडोनेशिया की राहायु वारिनिंग और कोनिताह इख्तियार स्याकुरोह को हराया था। शनिवार की जीत के बाद एक मैच बाकी रहते ही उन्होंने ग्रुप में शीर्ष दो में जगह पक्की कर ली, जिससे सीधे सेमीफाइनल का टिकट मिल गया।

अब सोमवार, 19 अक्टूबर को उनका आखिरी ग्रुप मुकाबला चीन की यांग क्यूशिया और शियाओ जुशियान से है। यह मैच तय करेगा कि भारतीय जोड़ी ग्रुप में पहले स्थान पर रहती है या दूसरे पर, जिसका असर सेमीफाइनल के प्रतिद्वंद्वी पर पड़ेगा। यांग क्यूशिया वही खिलाड़ी हैं, जिन्होंने पेरिस पैरालंपिक 2024 के SU5 एकल फाइनल में थुलासिमथि को हराया था। इसलिए यह मुकाबला थुलासिमथि के लिए निजी तौर पर भी खास रहेगा।

कौन हैं मानसी जोशी और थुलासिमथि मुरुगेसन

मानसी जोशी (37) का जन्म गुजरात के राजकोट में हुआ और वह मुंबई में पली-बढ़ीं। इंजीनियरिंग के बाद वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर थीं, जब दिसंबर 2011 में एक सड़क हादसे के बाद उनका एक पैर काटना पड़ा। इसके बाद उन्होंने पैरा बैडमिंटन को गंभीरता से अपनाया और 2019 में बासेल (स्विट्ज़रलैंड) में हुई पैरा बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में SL3 एकल का स्वर्ण जीता। अक्टूबर 2020 में वह TIME मैगज़ीन की “नेक्स्ट जनरेशन लीडर्स” सूची में शामिल हुईं और पत्रिका के एशिया संस्करण के कवर पर दिखीं।

थुलासिमथि मुरुगेसन (24) तमिलनाडु के कांचीपुरम की हैं। जन्म से उनके बाएं हाथ में विकृति है, जिससे उसकी हरकत सीमित रहती है। हांगझोउ में हुए पिछले एशियाई पैरा खेलों में उन्होंने तीन पदक जीते थे: SU5 एकल में स्वर्ण, मानसी के साथ महिला युगल में रजत और नितेश कुमार के साथ मिश्रित युगल में कांस्य। पेरिस पैरालंपिक 2024 में SU5 एकल का रजत जीतकर वह पैरालंपिक में रजत जीतने वाली पहली भारतीय महिला शटलर बनीं।

यानी यह जोड़ी नई नहीं है। हांगझोउ 2023 में दोनों ने साथ मिलकर रजत जीता था और लगातार दूसरे एशियाई पैरा खेलों में वे पोडियम पर पहुंचने जा रही हैं।

SL3-SU5, SH6, WH1: ये वर्ग क्या होते हैं?

पैरा बैडमिंटन में खिलाड़ियों को उनकी दिव्यांगता के आधार पर अलग-अलग वर्गों में बांटा जाता है, ताकि मुकाबला बराबरी का रहे। PTI और इंडिया टुडे की रिपोर्ट के आधार पर आसान भाषा में:

  • SL3: खड़े होकर खेलने वाले खिलाड़ी, जिनके निचले अंगों में ज़्यादा गंभीर दिव्यांगता है (मानसी इसी वर्ग में खेलती हैं)।
  • SL4: खड़े होकर खेलने वाले खिलाड़ी, जिनके निचले अंगों में अपेक्षाकृत कम दिव्यांगता है।
  • SU5: खड़े होकर खेलने वाले खिलाड़ी, जिनके ऊपरी अंगों (हाथ) में दिव्यांगता है (थुलासिमथि का वर्ग)।
  • SH6: कम कद (शॉर्ट स्टैचर) वाले खिलाड़ी।
  • WH1 और WH2: व्हीलचेयर पर खेलने वाले खिलाड़ी; WH1 में दिव्यांगता ज़्यादा गंभीर होती है।

महिला युगल SL3-SU5 एक संयुक्त वर्ग है, जिसमें एक जोड़ी में निचले या ऊपरी अंगों की दिव्यांगता वाली खिलाड़ी साथ खेल सकती हैं। मानसी (SL3) और थुलासिमथि (SU5) की जोड़ी इसी का उदाहरण है।

शनिवार को बाकी भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन

  • टोक्यो पैरालंपिक चैंपियन कृष्णा नागर ने पुरुष एकल SH6 में इंडोनेशिया के सुभान को 21-13, 21-15 से हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह पक्की की।
  • पेरिस पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार ने पुरुष एकल SL3 में थाईलैंड के नत्थापोल चमननवेट को 21-6, 21-7 से हराया। टोक्यो के स्वर्ण विजेता प्रमोद भगत ने चीन के शियोंग लिचुआन को 21-17, 21-16 से मात दी।
  • SL4 में नवीन शिवकुमार और सूर्यकांत यादव जीते, जबकि सुकांत कदम ने दक्षिण कोरिया के शिन क्यॉन्ग ह्वान को तीन गेम में 21-17, 18-21, 21-9 से हराया।
  • थुलासिमथि ने SU5 एकल में ब्रुनेई की ज़ैनब मोहम्मद को 21-2, 21-2 से हराया। वहीं मानसी को SL3 एकल में जापान की शिनो कावाई से 3-21, 3-21 से हार मिली।
  • मिश्रित युगल SL3-SU5 में भारत की दोनों जोड़ियां हार गईं, हालांकि व्हीलचेयर मिश्रित युगल में अल्फिया जेम्स और प्रेम कुमार आले जीते।
  • आउटलुक के मुताबिक पैरा टेबल टेनिस में टोक्यो पैरालंपिक की रजत विजेता भाविना पटेल ने जॉर्डन की फ़ातेन एलेइमात को हराकर अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि ब्लाइंड फुटबॉल में भारत को मेज़बान जापान से 1-6 से हार मिली।

एशियाई पैरा खेल 2026: तारीख, जगह और भारतीय दल

अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (IPC) के मुताबिक पांचवें एशियाई पैरा खेल जापान के आइची-नागोया में 18 से 24 अक्टूबर 2026 तक होंगे, जिनमें करीब 2,700 खिलाड़ी 18 खेलों में 492 स्वर्ण पदकों के लिए उतरेंगे। उद्घाटन समारोह मिज़ुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में होगा। पैरा बैडमिंटन, ब्लाइंड फुटबॉल, पैरा टेबल टेनिस और व्हीलचेयर बास्केटबॉल के मुकाबले 16 अक्टूबर से ही शुरू हो चुके हैं।

खेल मंत्रालय ने भारत के लिए 281 सदस्यों का दल मंज़ूर किया है। ट्रिब्यून (ANI) और आउटलुक के मुताबिक इसमें 168 खिलाड़ी (112 पुरुष, 56 महिलाएं), 98 टीम अधिकारी व सपोर्ट स्टाफ और 15 दल-स्टाफ शामिल हैं। भारत 11 खेलों में हिस्सा ले रहा है, जिनमें इस बार बोचिया भी है। पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) के CEO राहुल स्वामी शेफ-डी-मिशन हैं और उद्घाटन समारोह में प्रमोद भगत व भाविना पटेल तिरंगा लेकर चलेंगे।

पिछली बार 111 पदक, इस बार चुनौती क्यों बड़ी है

हांगझोउ 2023 में भारत ने एशियाई पैरा खेलों में रिकॉर्ड 111 पदक जीते थे। द हिंदू के मुताबिक उनमें से 55 पदक (18 स्वर्ण, 17 रजत, 20 कांस्य) अकेले पैरा एथलेटिक्स से आए थे। लेकिन इस बार दल काफ़ी छोटा है। हांगझोउ में भारत के 303 खिलाड़ी उतरे थे, जबकि नागोया में 168 हैं। द हिंदू के अनुसार पैरा एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों की संख्या 123 से घटकर 62 रह गई है। अख़बार ने इसकी वजह भागीदारी के सख़्त कोटा और स्पर्धाओं में हुए बदलाव को बताया है।

रिपोर्ट यह भी बताती है कि पैरा शूटिंग और पैरा साइक्लिंग में चयन को लेकर विवाद हुआ। द हिंदू के अनुसार करीब 150 पैरा शूटरों ने चयन दिशानिर्देशों के उल्लंघन समेत कई आरोप लगाते हुए भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) से स्वतंत्र जांच की मांग की थी, जबकि PCI अध्यक्ष देवेंद्र झाझड़िया ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चयन पूरी तरह योग्यता के आधार पर हुआ। यह मामला अभी आरोप और जवाब के स्तर पर है।

ऐसे में पैरा बैडमिंटन, तीरंदाज़ी, शूटिंग (अवनि लेखरा जैसी पैरालंपिक चैंपियन के साथ) और टेबल टेनिस भारत के लिए सबसे भरोसेमंद खेल माने जा रहे हैं। उद्घाटन से पहले ही बैडमिंटन में पदक पक्का होना इस लिहाज़ से अच्छी शुरुआत है।

आगे क्या: कब और कैसे देखें भारत के मुकाबले

  • 18 अक्टूबर (रविवार): औपचारिक उद्घाटन समारोह, भारतीय दल की अगुवाई प्रमोद भगत और भाविना पटेल करेंगे।
  • 19 अक्टूबर (सोमवार): मानसी-थुलासिमथि बनाम चीन की यांग क्यूशिया-शियाओ जुशियान (आखिरी ग्रुप मैच)। इसके बाद सेमीफाइनल।
  • 24 अक्टूबर तक: सभी खेलों के फाइनल। पैरा एथलेटिक्स और शूटिंग शुरू होने के बाद भारत की पदक संख्या तेज़ी से बढ़ने की उम्मीद रहती है।

समय का ध्यान रखें: जापान का समय भारत से साढ़े तीन घंटे आगे है। यानी नागोया में सुबह 10 बजे का मैच भारत में सुबह 6:30 बजे शुरू होगा। ज़्यादातर बैडमिंटन मुकाबले भारत में सुबह के समय होंगे।

इसी साल एशियन गेम्स 2026 में भारत के प्रदर्शन पर हमारी रिपोर्ट यहां पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मानसी-थुलासिमथि का पदक पक्का है?
हां। वे सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं और सेमीफाइनल हारने वाली दोनों जोड़ियों को कांस्य मिलता है, इसलिए कम से कम कांस्य तय है।

एशियाई पैरा खेल 2026 कहां और कब हैं?
जापान के आइची-नागोया में, 18 से 24 अक्टूबर 2026 तक। कुछ खेलों के मुकाबले 16 अक्टूबर से शुरू हो गए।

भारत के कितने खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं?
खेल मंत्रालय की मंज़ूरी के मुताबिक 168 खिलाड़ी, 11 खेलों में।

स्रोत: PTI/भाषा (न्यूज़18, IBC24), इंडिया टुडे, आउटलुक इंडिया, द हिंदू, ट्रिब्यून (ANI), अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (paralympic.org); खिलाड़ियों का पिछला रिकॉर्ड BWF/विकिपीडिया रिकॉर्ड पर आधारित। — TrendFlash Desk

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *