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7 नवम्बर 2026, शनि

शुभमन गिल अपनी जेब से ले जाएंगे 4-5 निजी नेट गेंदबाज़: न्यूज़ीलैंड टेस्ट की अनोखी तैयारी, 23-24 अक्टूबर को रवाना—पूरा शेड्यूल और मायने

प्रेस कॉन्फ्रेंस में माइक के सामने बोलते क्रिकेटर शुभमन गिल, सिर पर नीली टोपी (फ़ाइल फोटो, 2019)

भारत के टेस्ट कप्तान शुभमन गिल न्यूज़ीलैंड दौरे की तैयारी के लिए ऐसा कदम उठाने जा रहे हैं, जो भारतीय क्रिकेट में अब तक नहीं देखा गया। समाचार एजेंसी PTI ने BCCI के एक अधिकारी के हवाले से बताया है कि गिल अपने साथ चार से पांच निजी नेट गेंदबाज़ न्यूज़ीलैंड ले जाएंगे और उनका पूरा खर्च खुद उठाएंगे। ये गेंदबाज़ सिर्फ़ गिल के साथ अभ्यास करेंगे। यह खबर 16 अक्टूबर की रात आई और शनिवार को भी क्रिकेट फैंस के बीच सबसे ज़्यादा चर्चा में रही। नीचे समझिए कि खबर में ठीक-ठीक क्या कहा गया है, नेट गेंदबाज़ों की ज़रूरत क्यों पड़ती है, गिल का अगले छह हफ्तों का कार्यक्रम क्या है और न्यूज़ीलैंड में टेस्ट जीतना भारत के लिए इतना मुश्किल क्यों रहा है।

खबर क्या है: PTI की रिपोर्ट में क्या कहा गया

इंडिया टुडे, आउटलुक, मनीकंट्रोल और न्यूज़18 ने PTI की जो रिपोर्ट छापी है, उसके मुताबिक विदेशी दौरों पर BCCI भी भारतीय खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए नेट गेंदबाज़ों का इंतज़ाम करता है। लेकिन किसी भारतीय क्रिकेटर का अपनी जेब से गेंदबाज़ों का पूरा समूह ले जाना, जो सिर्फ़ उसी के साथ ट्रेनिंग करे, पहली बार हो रहा है। रिपोर्ट ने यह बात “समझा जाता है” कहकर लिखी है, यानी यह आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं बल्कि बोर्ड के भीतर की जानकारी है।

BCCI अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर PTI से कहा (अंग्रेज़ी बयान का हिंदी अनुवाद): “यह दिलचस्प है। गिल भारत-ए के टेस्ट नहीं खेल रहे, क्योंकि उन्हें वनडे भी खेलने हैं। इसलिए वह 23 या 24 अक्टूबर को न्यूज़ीलैंड रवाना होंगे। उनके साथ जाने वाले चार-पांच गेंदबाज़ों का पूरा खर्च गिल उठाएंगे।”

ध्यान देने वाली बात यह है कि रिपोर्ट में इन गेंदबाज़ों के नाम नहीं बताए गए हैं। वे तेज़ गेंदबाज़ होंगे या स्पिनर, और इस पर कितना खर्च आएगा, यह भी साफ़ नहीं है। गिल या BCCI की ओर से अब तक इस पर कोई औपचारिक बयान नहीं आया है।

शुभमन गिल नेट गेंदबाज़ साथ क्यों ले जा रहे हैं? पहले समझिए नेट गेंदबाज़ कौन होते हैं

नेट गेंदबाज़ वे खिलाड़ी होते हैं जो टीम के आधिकारिक स्क्वॉड में नहीं होते, लेकिन अभ्यास सत्र में बल्लेबाज़ों को गेंद डालते हैं। अक्सर ये घरेलू क्रिकेट के युवा या स्थानीय क्लबों के गेंदबाज़ होते हैं। टीम के मुख्य तेज़ गेंदबाज़ों का वर्कलोड सीमित रखना पड़ता है, इसलिए बल्लेबाज़ों को लंबे सत्र देने के लिए अतिरिक्त गेंदबाज़ चाहिए होते हैं।

टीम के साझा नेट सत्र में हर बल्लेबाज़ के हिस्से सीमित समय आता है। अपने गेंदबाज़ होने पर गिल अपनी ज़रूरत के हिसाब से अभ्यास तय कर सकेंगे, जैसे ऑफ़ स्टंप के बाहर की गेंद छोड़ने का अभ्यास, उछाल वाली शॉर्ट गेंद या नई गेंद की स्विंग। न्यूज़ीलैंड में टेस्ट कूकाबुरा गेंद से खेले जाते हैं और ठंडे मौसम व घास वाली पिचों पर तेज़ गेंदबाज़ों को सीम और स्विंग मिलती है। भारत में घरेलू टेस्ट SG गेंद से होते हैं, इसलिए बल्लेबाज़ों को वहां के हालात में ढलने के लिए समय चाहिए। इंडिया टुडे की रिपोर्ट भी कहती है कि जल्दी रवाना होने से गिल को वहां के माहौल में ढलने और अपने रेड-बॉल खेल पर काम करने का अतिरिक्त समय मिलेगा।

गिल का आगे का कार्यक्रम: रणजी से न्यूज़ीलैंड टेस्ट तक

PTI, BCCI और न्यूज़ीलैंड क्रिकेट (NZC) के घोषित कार्यक्रम को जोड़कर देखें तो गिल का शेड्यूल कुछ ऐसा है:

  • 18 अक्टूबर से: पंजाब बनाम छत्तीसगढ़, रणजी ट्रॉफी, मुल्लांपुर। गिल निजी कारणों से पंजाब का पहला मैच नहीं खेले थे, लेकिन इस दूसरे मैच में उनके उतरने की उम्मीद है।
  • 23 या 24 अक्टूबर: न्यूज़ीलैंड के लिए रवाना। गिल भारत-ए बनाम न्यूज़ीलैंड-ए के चार दिवसीय मैच नहीं खेलेंगे।
  • 4, 7 और 10 नवंबर: पहले तीन वनडे (ऑकलैंड, वेलिंगटन, हैमिल्टन), जिनमें गिल कप्तान हैं। BCCI के मुताबिक वनडे भारतीय समय सुबह 7:30 बजे शुरू होंगे।
  • 13 और 15 नवंबर: चौथा और पांचवां वनडे (माउंट मॉन्गनुई)। इन दो मैचों में कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे और गिल वनडे स्क्वॉड में नहीं हैं।
  • 19 से 23 नवंबर: पहला टेस्ट, बेसिन रिज़र्व, वेलिंगटन।
  • 27 नवंबर से 1 दिसंबर: दूसरा टेस्ट, हेगली ओवल, क्राइस्टचर्च। BCCI के मुताबिक दोनों टेस्ट भारतीय समय से तड़के 3:30 बजे शुरू होंगे।

दौरे की शुरुआत 22 अक्टूबर को पांच टी20 मैचों की सीरीज़ से होगी, लेकिन गिल टी20 टीम में नहीं हैं। NZC के मुताबिक 12 अंतरराष्ट्रीय मैचों वाला यह दौरा उसके इतिहास में किसी मेहमान टीम का सबसे ज़्यादा मैचों वाला दौरा है। वनडे और टेस्ट के दोनों स्क्वॉड की पूरी सूची हमारी टीम घोषणा वाली रिपोर्ट में पढ़ें। भारत-ए के न्यूज़ीलैंड दौरे से जुड़ी खबर यहां है।

न्यूज़ीलैंड में टेस्ट जीतना भारत के लिए क्यों मुश्किल रहा है

गिल इतनी तैयारी क्यों कर रहे हैं, यह आंकड़ों से समझ आता है। ESPNcricinfo और ICC के रिकॉर्ड के मुताबिक भारत ने न्यूज़ीलैंड में अब तक सिर्फ़ दो टेस्ट सीरीज़ जीती हैं: 1967-68 में मंसूर अली ख़ान पटौदी की कप्तानी में 3-1 से और 2008-09 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 1-0 से। 2009 की वह जीत 41 साल बाद आई थी। पिछले टेस्ट दौरे (फरवरी-मार्च 2020) पर भारत दोनों टेस्ट हार गया था और संयोग से वे दोनों मैच भी वेलिंगटन और क्राइस्टचर्च में ही खेले गए थे।

इसके अलावा 2024 में न्यूज़ीलैंड ने भारत को उसके घर में 3-0 से हराया था। यानी इस बार सिर्फ़ विदेशी ज़मीन का दबाव नहीं, उस हार का हिसाब बराबर करने की उम्मीद भी टीम पर होगी। ICC के मुताबिक भारत अभी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 की तालिका में पांचवें स्थान पर है, इसलिए दो टेस्ट के इस दौरे का हर अंक फाइनल की दौड़ के लिए अहम है।

कप्तान के तौर पर गिल का रिकॉर्ड भरोसा देता है। PTI के मुताबिक उन्होंने इंग्लैंड में पांच टेस्ट की सीरीज़ में 754 रन बनाए थे। लेकिन न्यूज़ीलैंड की परिस्थितियां इंग्लैंड से भी अलग हैं, और वहां हवा व नमी अक्सर बल्लेबाज़ों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है।

इस फैसले के मायने: टीम और फैंस के लिए

  • पेशेवर सोच का संकेत: कई खिलाड़ी निजी कोच या ट्रेनर के साथ काम करते हैं, लेकिन गेंदबाज़ों का पूरा समूह साथ ले जाना नई बात है। इससे संदेश जाता है कि कप्तान टेस्ट क्रिकेट को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं।
  • युवा गेंदबाज़ों के लिए मौका: अगर ये घरेलू स्तर के गेंदबाज़ हैं, तो भारत के टेस्ट कप्तान के साथ हफ्तों तक अभ्यास करना उनके लिए बड़ा अनुभव होगा। हालांकि उनके नाम सामने आने तक इस पर पक्के तौर पर कुछ कहना ठीक नहीं होगा।
  • कुछ सवाल अब भी बाकी: रिपोर्ट से यह साफ़ नहीं है कि ये गेंदबाज़ टीम के आधिकारिक अभ्यास सत्र में भी शामिल होंगे या अलग से अभ्यास करेंगे, और क्या दूसरे खिलाड़ी भी आगे ऐसा करेंगे। BCCI के नियम या नीति पर भी अभी कोई टिप्पणी नहीं आई है।
  • वर्कलोड का संतुलन: गिल रणजी, तीन वनडे और फिर दो टेस्ट खेलेंगे। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक आखिरी दो वनडे में अय्यर को कप्तानी देने के पीछे गिल का वर्कलोड संभालना ही वजह है, ताकि 19 नवंबर से पहले उन्हें तैयारी का समय मिल सके।

आगे क्या देखें

सबसे पहले नज़र 18 अक्टूबर से मुल्लांपुर में होने वाले पंजाब के रणजी मैच पर रहेगी। गिल वहां खेलते हैं तो उन्हें न्यूज़ीलैंड से पहले लाल गेंद से मैच अभ्यास मिलेगा। इसके बाद यह देखना होगा कि BCCI या गिल की ओर से निजी नेट गेंदबाज़ों के नाम और भूमिका पर कोई आधिकारिक जानकारी आती है या नहीं। टेस्ट टीम में ऋषभ पंत का चयन BCCI ने फ़िटनेस क्लीयरेंस की शर्त के साथ किया है, इसलिए उनकी फ़िटनेस अपडेट भी अहम रहेगी।

जो फैंस टेस्ट सीरीज़ लाइव देखना चाहते हैं, वे ध्यान रखें कि मैच भारत में रात के आखिरी पहर, यानी तड़के 3:30 बजे से शुरू होंगे, जबकि वनडे सुबह 7:30 बजे से।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या गिल सच में अपने पैसे से गेंदबाज़ ले जा रहे हैं?
PTI ने BCCI अधिकारी के हवाले से यही बताया है कि चार-पांच गेंदबाज़ों का पूरा खर्च गिल उठाएंगे। गिल या BCCI ने अब तक औपचारिक बयान नहीं दिया है।

गिल न्यूज़ीलैंड कब जाएंगे?
रिपोर्ट के मुताबिक 23 या 24 अक्टूबर को, यानी पहले वनडे (4 नवंबर) से करीब 10 दिन पहले।

भारत-न्यूज़ीलैंड टेस्ट सीरीज़ कब है?
पहला टेस्ट 19-23 नवंबर (वेलिंगटन) और दूसरा 27 नवंबर-1 दिसंबर (क्राइस्टचर्च)।

स्रोत: PTI की रिपोर्ट (इंडिया टुडे, आउटलुक, मनीकंट्रोल, न्यूज़18 में प्रकाशित, 16-17 अक्टूबर 2026); BCCI की टीम घोषणा (16 अक्टूबर 2026); न्यूज़ीलैंड क्रिकेट और ICC का दौरा कार्यक्रम; ऐतिहासिक आंकड़े ESPNcricinfo/ICC। — TrendFlash Desk

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