देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में करीब तीन दशक पहले खत्म की गई लांस नायक और नायक रैंक फिर से लौट सकती हैं। समाचार एजेंसी PTI ने शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को अधिकारियों के हवाले से बताया कि CRPF इन दोनों सैन्य रैंकों को दोबारा शुरू करने पर विचार कर रहा है। इसका मुख्य मकसद सिपाहियों (कांस्टेबल) को समय पर प्रमोशन देना है, जिन्हें अभी पहली पदोन्नति के लिए औसतन 22 से 25 साल इंतजार करना पड़ता है। साथ ही सेना से रिटायर होने वाले अग्निवीरों के लिए CRPF की नौकरी को ज्यादा आकर्षक बनाना भी इस कदम के पीछे की सोच बताई जा रही है। ध्यान रहे, अभी यह सिर्फ एक प्रस्ताव है और इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। नीचे जानिए पूरा मामला, इसका इतिहास और जवानों व भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए इसका मतलब।
क्या है प्रस्ताव: 48 घंटे में जवानों से मांगी राय
PTI के मुताबिक CRPF मुख्यालय ने देशभर में फैली अपनी सैकड़ों फील्ड यूनिटों से कहा है कि वे दो दिन के भीतर ‘सैनिक सम्मेलन’ या हितधारकों के साथ बैठकें करके जवानों की राय लें। आजतक और अमर उजाला ने इसे 48 घंटे की समय-सीमा बताया है। News18 की रिपोर्ट के अनुसार, एक आंतरिक पत्र में कहा गया है कि सक्षम प्राधिकारी (competent authority) ने इस प्रस्ताव पर निचली इकाइयों के विचार और सुझाव जुटाने को कहा है। ये सुझाव सेक्टर स्तर पर इकट्ठा करके 18 अक्टूबर तक CRPF निदेशालय भेजे जाने हैं, जिसके बाद प्रस्ताव सक्षम प्राधिकारी के सामने रखा जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक इन दोनों रैंकों को वापस लाने से सिपाहियों को हेड कांस्टेबल बनने से पहले दो अतिरिक्त प्रमोशन मिल सकेंगे। इससे उनकी शिकायतें दूर होंगी और मनोबल बढ़ेगा।
1997 में क्यों खत्म हुई थीं ये रैंक
लांस नायक और नायक मूल रूप से सेना की रैंक हैं और भारतीय सेना में आज भी मौजूद हैं। PTI के मुताबिक CRPF और सीमा सुरक्षा बल (BSF) में भी ये रैंक सेना की इन्फैंट्री बटालियनों की तर्ज पर रखी गई थीं। News18 के अनुसार गृह मंत्रालय (MHA) के 10 अक्टूबर 1997 के एक आदेश के तहत केंद्रीय पुलिस संगठनों के नॉन-गजेटेड कर्मियों के रैंक ढांचे और वेतनमान को सरल बनाया गया था। इसी आदेश में लांस नायक को कांस्टेबल में और नायक को हेड कांस्टेबल में मिला दिया गया। इस तरह CRPF में सैन्य रैंकों की जगह पुलिस रैंक रह गईं।
इसका नतीजा यह हुआ कि सिपाही से हेड कांस्टेबल के बीच कोई सीढ़ी नहीं बची। आज करीब 3.25 लाख जवानों वाले इस बल में प्रमोशन में भारी ठहराव है। PTI के मुताबिक एक सिपाही को पहली पदोन्नति औसतन 22-25 साल में मिलती है। यानी कई जवान लगभग पूरी नौकरी एक ही रैंक पर बिता देते हैं।
नई व्यवस्था में कब मिलेगा कौन-सा प्रमोशन?
यहां रिपोर्ट्स में थोड़ा फर्क है, इसलिए दोनों बातें साफ-साफ रख रहे हैं:
- PTI (The Hindu, Telegraph): इस पदानुक्रम में सिपाही को 5 साल में लांस नायक, 10 साल में नायक और 20 साल में हेड कांस्टेबल का प्रमोशन मिलता था। Telegraph ने इसे “पहले का प्रमोशन ढांचा” बताया है।
- आजतक और हिंदुस्तान: प्रस्ताव के तहत 5 साल की सेवा पर लांस नायक, 10 साल पर नायक और 15 साल पर हेड कांस्टेबल बनाने की योजना है।
यानी 5 और 10 साल वाली बात पर सभी रिपोर्ट्स एक जैसी हैं, लेकिन हेड कांस्टेबल का प्रमोशन 15 साल में होगा या 20 साल में, यह आधिकारिक आदेश आने पर ही साफ होगा। CRPF या गृह मंत्रालय ने अभी तक इस पर कोई सार्वजनिक अधिसूचना जारी नहीं की है। यह भी अभी साफ नहीं है कि नई रैंकों के साथ वेतन या भत्ते में कोई बदलाव होगा या नहीं। उपलब्ध रिपोर्ट्स में इस पर कोई जानकारी नहीं है।
अभी क्या व्यवस्था है? PTI के मुताबिक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में फिलहाल एक अस्थायी इंतजाम है, जिसमें कुछ सिपाहियों की वर्दी पर ‘सीनियर कांस्टेबल’ का बैज लगाया जाता है। यह रैंक मंजूर (sanctioned) नहीं है, लेकिन इसे लांस नायक के बराबर माना जाता है। नायक जैसी किसी रैंक की कोई व्यवस्था नहीं है।
अग्निवीरों से क्या है कनेक्शन
अग्निपथ योजना के तहत सेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल के लिए अग्निवीरों की भर्ती होती है। PTI के मुताबिक अग्निवीरों का पहला बैच इस साल के आखिर में रिटायर होना शुरू होगा और वे CRPF समेत सभी CAPF में भर्ती के पात्र होंगे। सेना में लांस नायक और नायक जैसी रैंक देख चुके इन युवाओं के लिए अगर CRPF में भी वैसा ही ढांचा हो, तो तालमेल आसान रहेगा और नौकरी ज्यादा आकर्षक लगेगी।
केंद्र सरकार पहले ही पूर्व अग्निवीरों के लिए बड़ी रियायतें घोषित कर चुकी है। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की 21 जुलाई 2026 की विज्ञप्ति के मुताबिक CAPF और असम राइफल्स में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी)/राइफलमैन की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए:
- 50% पद आरक्षित किए गए हैं,
- ऊपरी आयु सीमा में 3 साल की छूट (पहले बैच के लिए 5 साल) है,
- और उन्हें शारीरिक मानक परीक्षा (PST), शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और लिखित परीक्षा से छूट दी गई है।
इसी विज्ञप्ति के अनुसार गृह मंत्रालय में पूर्व अग्निवीरों के लिए एक अलग विंग भी बनाई गई है।
पूर्व जवान और अधिकारी क्या कह रहे हैं
हर कोई इसे सीधे फायदे का सौदा नहीं मान रहा। PTI से बातचीत में एक्स-पैरामिलिट्री पर्सनल एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने कहा कि यह योजना जवानों के लिए तभी फायदेमंद होगी, जब उन्हें समयबद्ध प्रमोशन मिले, वरना यह पूरी कवायद बेकार साबित होगी। एक वरिष्ठ CRPF कमांडेंट ने कहा कि इन दो सैन्य रैंकों की वापसी “सिर्फ दिखावटी कदम” नहीं होनी चाहिए और यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि बटालियन का अनुशासन बना रहे। उनके मुताबिक 1,000 से ज्यादा जवानों वाली एक बटालियन में अभी 20 से ज्यादा सबऑर्डिनेट ऑफिसर होते हैं, इसलिए कोई भी नीति बनाते वक्त यूनिट के रेजिमेंटेशन और ऑपरेशनल क्षमता का ध्यान रखा जाना चाहिए।
आप पर क्या असर पड़ेगा
CRPF में तैनात जवानों के लिए: अगर प्रस्ताव मंजूर होता है, तो दशकों तक एक ही रैंक पर रहने की समस्या कुछ हद तक कम हो सकती है। लेकिन असली फायदा इस पर निर्भर करेगा कि प्रमोशन तय समय पर मिलें और उनके साथ वेतन या भत्ते में भी कुछ बढ़ोतरी हो। अपनी यूनिट में होने वाले सैनिक सम्मेलन में अपनी राय जरूर रखें, क्योंकि फीडबैक इसी स्तर से ऊपर जा रहा है।
SSC GD या CAPF भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए: भर्ती की प्रक्रिया पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं बताया गया है। भर्ती कांस्टेबल के पद पर ही होगी। बदलाव नौकरी में आने के बाद के करियर ग्रोथ में होगा, जो लंबे समय में इस नौकरी को और आकर्षक बना सकता है। हाल के SSC GD कांस्टेबल नतीजों और अगले चरण की जानकारी के लिए हमारी यह रिपोर्ट पढ़ें।
पूर्व अग्निवीरों के लिए: 50% आरक्षण और परीक्षाओं में छूट के साथ, अगर सेना जैसा रैंक ढांचा भी मिलता है, तो CAPF उनके लिए दूसरी पारी का मजबूत विकल्प बन सकता है।
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आगे क्या
सबसे पहले 18 अक्टूबर तक फील्ड यूनिटों का फीडबैक CRPF निदेशालय पहुंचेगा। इसके बाद प्रस्ताव सक्षम प्राधिकारी के पास जाएगा। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक सुझावों को समेकित करके गृह मंत्रालय भेजा जाएगा, जिसके बाद अंतिम मुहर लगेगी। आम तौर पर रैंक ढांचे में ऐसे बदलाव के लिए सेवा नियमों में संशोधन और औपचारिक अधिसूचना की जरूरत होती है, इसलिए इसे लागू होने में समय लग सकता है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि BSF, ITBP या दूसरे CAPF में भी ऐसा कोई कदम उठाया जाएगा या नहीं। रिपोर्ट्स सिर्फ CRPF के प्रस्ताव की बात करती हैं। कोई आधिकारिक आदेश आने पर हम यह खबर अपडेट करेंगे।
स्रोत: PTI (The Hindu और The Telegraph में प्रकाशित, 17 अक्टूबर 2026), News18 (16 अक्टूबर 2026), आजतक, हिंदुस्तान और अमर उजाला की रिपोर्ट्स, तथा पूर्व अग्निवीरों के आरक्षण पर PIB की 21 जुलाई 2026 की विज्ञप्ति। यह लेख प्रस्ताव पर आधारित है। अंतिम नियम आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही मान्य होंगे।

