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6 नवम्बर 2026, शुक्र

दिवाली का त्योहार इस साल नवंबर के पहले हफ्ते से शुरू हो रहा है। Drik Panchang और शुभाग्य की तालिकाओं के मुताबिक धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है, जबकि दिवाली यानी लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। नीचे पांचों दिनों की तारीख, नई दिल्ली के हिसाब से शुभ मुहूर्त और पूजा से जुड़ी जरूरी बातें 28 अक्टूबर तक की जानकारी के आधार पर दी जा रही हैं।

धनतेरस 2026: तारीख और पूजा मुहूर्त

Drik Panchang के अनुसार धनतेरस यानी धन त्रयोदशी शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को पड़ेगी। त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10:30 बजे लगेगी और 7 नवंबर को सुबह 10:47 बजे तक रहेगी। नई दिल्ली में धनतेरस की पूजा का मुहूर्त शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक यानी करीब 1 घंटा 56 मिनट का है। प्रदोष काल शाम 5:33 बजे से रात 8:09 बजे तक रहेगा और इसी में वृषभ लग्न, जिसे स्थिर लग्न माना जाता है, पूजा का सबसे अच्छा समय बताया गया है।

अलग-अलग शहरों में मुहूर्त का समय थोड़ा बदलता है। तालिका के अनुसार पुणे में शाम 6:32 से 8:31 बजे, मुंबई में 6:35 से 8:35 बजे, जयपुर में 6:11 से 8:07 बजे, चंडीगढ़ में 6:00 से 7:54 बजे, कोलकाता में 5:28 से 7:26 बजे और बेंगलुरु में 6:25 से 8:20 बजे तक मुहूर्त है। इसलिए अपने शहर का समय देखकर ही पूजा तय करें।

धनतेरस पर क्या होता है?

पंचांग के मुताबिक इस दिन देवी लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा की जाती है। यही दिन धन्वंतरि त्रयोदशी या धन्वंतरि जयंती भी है, जिसे आयुर्वेद के देवता की जयंती माना जाता है। इसी तिथि पर घर के बाहर यम दीपम यानी यमराज के नाम का दीपक जलाने की परंपरा भी है, ताकि परिवार में किसी की अकाल मृत्यु न हो।

पांच दिन की दिवाली: पूरा कैलेंडर

  • 5 नवंबर (गुरुवार): गोवत्स द्वादशी। महाराष्ट्र में दिवाली के उत्सव की शुरुआत इसी दिन से मानी जाती है।
  • 6 नवंबर (शुक्रवार): धनतेरस, धन्वंतरि त्रयोदशी और यम दीपम।
  • 8 नवंबर (रविवार): नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली की सुबह का अभ्यंग स्नान और उसी दिन दिवाली की लक्ष्मी पूजा।
  • 10 नवंबर (मंगलवार): गोवर्धन पूजा, अन्नकूट और बलि प्रतिपदा, जिसे गुजराती नववर्ष भी कहा जाता है।
  • 11 नवंबर (बुधवार): भाई दूज।

दिवाली 2026: लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त

लक्ष्मी पूजा अमावस्या की शाम को प्रदोष काल में की जाती है। Drik Panchang की गणना के अनुसार 8 नवंबर को नई दिल्ली में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक है, जबकि प्रदोष काल 5:31 बजे से 8:09 बजे तक है। पंचांग का कहना है कि दिवाली की पूजा का दिन तब तय होता है जब प्रदोष काल में अमावस्या तिथि मौजूद हो और यही समय सबसे शुभ माना जाता है।

पारंपरिक कारोबारी परिवारों में इस दिन दवात और लेखनी की पूजा होती है और नई बही-खाते शुरू किए जाते हैं। कई जगह दफ्तरों में भी लक्ष्मी-गणेश की पूजा की जाती है।

गोवर्धन पूजा और भाई दूज के मुहूर्त

शुभाग्य की सूची के अनुसार 10 नवंबर को नई दिल्ली में गोवर्धन पूजा या अन्नकूट का सुबह का मुहूर्त 6:40 से 8:50 बजे तक है। भाई दूज पर 11 नवंबर को तिलक का समय दोपहर 1:10 बजे से 3:20 बजे तक बताया गया है।

पूजा की तैयारी के आसान सुझाव

  • अपने शहर का मुहूर्त किसी भरोसेमंद पंचांग या स्थानीय पुरोहित से मिलाकर ही तय करें, क्योंकि समय स्थान के हिसाब से बदलता है।
  • पूजा से पहले घर की सफाई कर लें और मुख्य द्वार पर रंगोली व दीपक सजाएं।
  • खरीदारी या निवेश का फैसला मुहूर्त देखकर नहीं, अपने बजट और जरूरत को देखकर करें। सोने-चांदी के दाम और ऑफर अलग-अलग दुकानों पर जांच लें।
  • पटाखे जलाते समय अपने शहर के प्रदूषण और प्रशासन के नियमों का ध्यान रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

धनतेरस 2026 कब है?

धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है। नई दिल्ली में पूजा का मुहूर्त शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक है।

दिवाली 2026 कब है?

पंचांग के अनुसार दिवाली की लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर 2026 को होगी। नई दिल्ली में मुहूर्त शाम 5:54 से 7:50 बजे तक है।

गोवर्धन पूजा और भाई दूज कब हैं?

गोवर्धन पूजा 10 नवंबर (मंगलवार) को और भाई दूज 11 नवंबर (बुधवार) को है।

क्या सभी शहरों में मुहूर्त एक ही रहेगा?

नहीं। सूर्यास्त का समय हर शहर में अलग होता है, इसलिए मुहूर्त में कुछ मिनट से लेकर एक घंटे तक का अंतर आ सकता है। अपने शहर की तालिका देखें।

नोट: यह जानकारी पंचांग की गणनाओं पर आधारित है। मान्यताएं और परंपराएं क्षेत्र के हिसाब से अलग हो सकती हैं।

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