Breaking
7 नवम्बर 2026, शनि

क्रेटा बनाने वाली हुंडई मोटर इंडिया (HMIL) का जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही का मुनाफा घट गया, हालांकि बिक्री और राजस्व रिकॉर्ड स्तर पर रहे। द इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार कंपनी का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा 24% घटकर ₹1,189 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹1,570 करोड़ था। राजस्व 18% बढ़कर ₹20,191 करोड़ हुआ।

नतीजों के आंकड़े

दो रिपोर्टों में आंकड़े थोड़े अलग हैं, क्योंकि एक में स्टैंडअलोन और दूसरी में समेकित (कंसोलिडेटेड) नतीजे दिए गए हैं। दोनों में रुझान एक जैसा है:

  • स्टैंडअलोन (ईटी): मुनाफा ₹1,189 करोड़ (पिछले साल ₹1,570 करोड़), राजस्व ₹20,191 करोड़ (पिछले साल ₹17,061 करोड़)। EBITDA 20% घटकर ₹1,912 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹2,382 करोड़ था। EBITDA मार्जिन 450 बेसिस पॉइंट गिरकर 9.5% रहा, जो पिछले साल 14% था। खर्च 24% बढ़कर ₹18,845 करोड़ हो गया।
  • समेकित (हिंदू बिजनेसलाइन): मुनाफा ₹1,196.1 करोड़ (पिछले साल ₹1,572.2 करोड़), यानी 24% की गिरावट। कुल राजस्व 18.5% बढ़कर ₹20,696 करोड़ और EBITDA करीब ₹1,974.5 करोड़।

बिक्री का रिकॉर्ड, फिर भी मुनाफा क्यों घटा

बिजनेसलाइन के अनुसार कंपनी ने तिमाही में अब तक की सबसे ज्यादा 2,19,072 गाड़ियां बेचीं, जो पिछले साल की 1,90,921 से 15% ज्यादा हैं। घरेलू बिक्री 19% बढ़कर 1,65,772 यूनिट और निर्यात 4% बढ़कर 53,300 यूनिट रहा। कंपनी के अनुसार ग्रामीण हिस्सेदारी 26.6% के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंची और सीएनजी की हिस्सेदारी 19.1% का रिकॉर्ड रही।

मुनाफे पर दबाव की वजह लागत है। बिजनेसलाइन के अनुसार नतीजों पर कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक तनाव का असर पड़ा। ईटी के मुताबिक खर्च 24% बढ़े, जो राजस्व की 18% बढ़त से ज्यादा है।

SUV, हैचबैक और सेडान का मिश्रण

  • SUV की हिस्सेदारी घरेलू बिक्री में 67% (111,756 यूनिट) रही, जो पिछले साल 71% (99,220 यूनिट) थी।
  • हैचबैक की हिस्सेदारी 16% से बढ़कर 19% हुई।
  • सेडान की हिस्सेदारी 13% पर टिकी रही।

प्रबंधन ने क्या कहा

कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ तरुण गर्ग ने नतीजों के बाद पत्रकारों से कहा कि बिगड़ती भू-राजनीतिक स्थिति ने कंपनी की मूल योजनाओं पर कुछ हद तक असर डाला है। उन्होंने कहा कि आगे भी लागत का दबाव मुनाफे के लिए चुनौती रहेगा, लेकिन बेहतर कारोबारी माहौल, सोच-समझकर तय कीमतों और लागत नियंत्रण से कंपनी को दूसरी छमाही में मार्जिन सुधार का भरोसा है। गर्ग के अनुसार लागत बढ़ने पर कंपनी जनवरी की सालाना बढ़ोतरी से पहले एक और कीमत वृद्धि कर सकती है। उन्होंने दूसरी तिमाही को “माइलस्टोन” बताया, क्योंकि पहली बार तिमाही राजस्व ₹20,000 करोड़ के पार गया।

शेयर और नई लॉन्चिंग

ईटी के अनुसार नतीजों के बाद बुधवार को हुंडई मोटर इंडिया का शेयर बीएसई पर 4% से ज्यादा चढ़कर ₹1,938 तक गया। बिजनेसलाइन के अनुसार शेयर दिन के अंत में ₹1,875 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद से 1.13% ज्यादा है। ईटी ने बताया कि यह पिछले साल नवंबर के 52 सप्ताह के उच्च स्तर ₹2,467 से काफी नीचे है। ईटी के अनुसार इसी हफ्ते कंपनी ने नई एसयूवी हुंडई बायोन को ₹10 लाख की शुरुआती कीमत पर उतारा है।

आम खरीदार के लिए क्या मतलब

अगर लागत और बढ़ती है तो कंपनी के सीईओ के बयान के मुताबिक कीमतों में एक और बढ़ोतरी संभव है। हालांकि अभी कीमत या तारीख की कोई घोषणा नहीं हुई है। इच्छुक खरीदार डीलर से मौजूदा कीमत और ऑफर की पुष्टि कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

हुंडई मोटर इंडिया का मुनाफा कितना घटा?

स्टैंडअलोन आधार पर 24% घटकर ₹1,189 करोड़ रहा।

क्या बिक्री बढ़ी है?

हां, कुल बिक्री 15% बढ़कर 2,19,072 यूनिट हुई, जो कंपनी की अब तक की सबसे ज्यादा तिमाही बिक्री है।

क्या हुंडई गाड़ियों के दाम और बढ़ाएगी?

सीईओ ने कहा कि लागत बढ़ने पर जनवरी से पहले एक और बढ़ोतरी संभव है। अभी कोई घोषणा नहीं हुई।

EBITDA मार्जिन कितना रहा?

ईटी के अनुसार स्टैंडअलोन EBITDA मार्जिन 9.5% रहा, जो पिछले साल 14% था।

नोट: जानकारी द इकोनॉमिक टाइम्स और हिंदू बिजनेसलाइन (दोनों 28 अक्टूबर 2026) की रिपोर्टों पर आधारित है। यह निवेश की सलाह नहीं है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *