Breaking
6 नवम्बर 2026, शुक्र

टाटा संस के नेतृत्व को लेकर चल रहा विवाद बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को सियासी बहस में बदल गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि टाटा समूह को “आपराधिक तरीके से तबाह किया जा रहा है” और कोई कारोबारी नेता इस पर कुछ बोलने की हिम्मत नहीं कर रहा। इसके कुछ घंटे बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब में उन पर कारोबारी मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। ये आरोप-प्रत्यारोप संबंधित नेताओं के बयान हैं, तथ्यों की पुष्टि नहीं।

राहुल गांधी ने क्या कहा

पीटीआई (बिजनेस स्टैंडर्ड) के अनुसार राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “टाटा को आपराधिक तरीके से तबाह किया जा रहा है और कोई कारोबारी नेता एक शब्द कहने की हिम्मत नहीं करता। आप कब तक चुप रहेंगे? जब तक वे आपके मालिक न बन जाएं?” उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय कारोबार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का “खिलौना” नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि “हम इन अपराधों के लिए न्याय सुनिश्चित करेंगे।” पीटीआई ने लिखा कि इस पर सरकार या टाटा समूह की तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी।

सीतारमण का जवाब

लाइवमिंट के अनुसार करीब छह घंटे बाद वित्त मंत्री सीतारमण ने एक्स पर लिखा कि कारोबारी और कानूनी मामलों को सरसरी तौर पर “आपराधिक” बताना अस्वीकार्य है। उन्होंने गांधी पर भारतीय उद्योगों और उद्यमियों की उपलब्धियों की बार-बार आलोचना करने का आरोप लगाया। उदारीकरण से पहले की नीतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लाइसेंस-कोटा राज ने उद्यमशीलता को सीमित किया। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार भारतीय कारोबार को रोजगार, निवेश और विकास का बड़ा स्रोत मानती है।

शाम को राहुल गांधी ने एक और पोस्ट में पूछा कि टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के प्रतिनिधियों की पिछले साल 7 अक्टूबर को अमित शाह के आवास पर वित्त मंत्री और गृह मंत्री के साथ हुई बैठक में कौन सा “कानूनी और व्यावसायिक मामला” था। लाइवमिंट के अनुसार उस बैठक में क्या हुआ, इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं है।

टाटा संस का विवाद क्या है

लाइवमिंट के अनुसार विवाद नेतृत्व और नियंत्रण को लेकर है, साथ ही इस सवाल पर भी कि टाटा संस को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना चाहिए या नहीं।

  • 12 अगस्त को एन. चंद्रशेखरन ने कहा था कि वे अगले साल फरवरी में कार्यकाल खत्म होने पर दोबारा नियुक्ति नहीं मांगेंगे। उन्होंने इसके पीछे टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के विरोध का हवाला दिया।
  • 17 सितंबर को टाटा संस बोर्ड के अनुरोध पर वे सहमत हुए और उन्हें तीसरा पांच साल का कार्यकाल मिला, जबकि नोएल ने आपत्ति जताई थी।
  • टाटा ट्रस्ट्स ने इस प्रक्रिया को “अवैध” बताया और कहा कि यह टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के नियमों के अनुरूप नहीं है।
  • लाइवमिंट के अनुसार 17 सितंबर की बोर्ड बैठक के बाद नोएल पांच पत्र बोर्ड को लिख चुके हैं, जिनमें प्रस्तावों की मंजूरी में खामियों का आरोप है। उन्होंने चर्चा के मिनट्स दर्ज न करने और वीडियो रिकॉर्डिंग साझा न करने पर भी सवाल उठाए।

टाटा संस में किसकी कितनी हिस्सेदारी

लाइवमिंट के अनुसार टाटा ट्रस्ट्स 14 परमार्थ संस्थाओं का समूह है, जिनमें से सात के पास टाटा संस के शेयर हैं। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के पास 27.98% और सर रतन टाटा ट्रस्ट के पास 23.56% हिस्सेदारी है। पांच छोटे ट्रस्टों के पास 14.36% हैं, यानी परमार्थ संस्थाओं की कुल हिस्सेदारी 65.9% है। शापूरजी पल्लोनजी परिवार के पास 18.38%, समूह की नौ कंपनियों के पास 12.86% और सात व्यक्तियों के पास 2.87% हिस्सा है। टाटा संस 26 सूचीबद्ध कंपनियों की निगरानी करती है, जिनका बाजार मूल्य मार्च 2026 के अंत में 277 अरब डॉलर था।

नियामकीय सवाल

लाइवमिंट के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक ने सितंबर 2022 में टाटा संस को अपर-लेयर एनबीएफसी की श्रेणी में रखा और सितंबर 2025 तक सूचीबद्ध होने को कहा था। कंपनी ने कर्ज चुकाकर खुद को कर्ज-मुक्त किया और मार्च 2024 में कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) पंजीकरण रद्द करने का अनुरोध किया, लेकिन आरबीआई ने इसे नहीं माना। रिपोर्ट के अनुसार 12 सितंबर को आरबीआई ने फिर पत्र लिखकर अनुरोध खारिज किया और नियमों का पालन करने को कहा। महाराष्ट्र के चैरिटी कमिश्नर के 15 मई के आदेश ने सर रतन टाटा ट्रस्ट को बैठकें करने और फैसले लेने से रोक दिया है, जिसका अंतिम आदेश बाकी है। इसी वजह से टाटा संस की सालाना आम बैठक 18 अगस्त को नहीं हो पाई, और अब यह 31 दिसंबर से पहले होने की उम्मीद है।

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील एच.पी. रानीना ने लाइवमिंट से कहा कि फिलहाल इसका कोई सबूत नहीं है कि आरबीआई या चैरिटी कमिश्नर के फैसलों में किसी तरह की राजनीतिक भूमिका है, और इनमें से किसी ने अंतिम फैसला नहीं दिया है।

आगे क्या देखें

अगली अहम घटना टाटा संस की सालाना आम बैठक होगी, जिसमें शेयरधारक चंद्रशेखरन के निदेशक बने रहने पर वोट करेंगे। साथ ही चैरिटी कमिश्नर और आरबीआई के फैसलों पर नजर रहेगी। जैसे-जैसे आधिकारिक बयान आएंगे, स्थिति और साफ होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

राहुल गांधी ने टाटा समूह पर क्या कहा?

उन्होंने एक्स पर आरोप लगाया कि टाटा को “आपराधिक तरीके से तबाह किया जा रहा है”। यह उनका राजनीतिक बयान है।

वित्त मंत्री ने क्या जवाब दिया?

निर्मला सीतारमण ने इसे कारोबारी मामले का राजनीतिकरण बताया।

टाटा संस का विवाद किस बारे में है?

चंद्रशेखरन की चेयरमैन के रूप में दोबारा नियुक्ति और टाटा संस की संभावित लिस्टिंग को लेकर टाटा ट्रस्ट्स और बोर्ड के बीच मतभेद।

टाटा संस की एजीएम कब होगी?

लाइवमिंट के अनुसार इसके 31 दिसंबर से पहले होने की उम्मीद है।

नोट: जानकारी लाइवमिंट (28 अक्टूबर 2026) और पीटीआई/बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्टों पर आधारित है। बयान संबंधित नेताओं के हैं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *