तमिलनाडु के थेनी जिले की थेक्कमपट्टी सब-जेल से 26 अक्टूबर 2026 को भागे सभी 17 कैदी अब पुलिस हिरासत में हैं। बुधवार, 28 अक्टूबर को बचे चार कैदियों में से दो को ड्रोन की मदद से जंगल में पकड़ा गया, जबकि दो भाइयों ने कंबम थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। हिंदुस्तान टाइम्स और एनडीटीवी की रिपोर्टों के आधार पर यहां पूरा घटनाक्रम दिया गया है।
जेल से कैसे भागे कैदी
पुलिस के हवाले से हिंदुस्तान टाइम्स ने लिखा कि जेल के तीसरे ब्लॉक में एक कैदी ने मिर्गी का दौरा पड़ने का बहाना किया और बाकी ने गार्डों को काबू में कर लिया। एनडीटीवी के अनुसार जब एक गार्ड हालत देखने पहुंचा तो साफ हुआ कि दौरे की बात झूठी थी। कैदियों ने स्टाफ पर हमला किया, प्रवेश द्वार पर तैनात गार्डों पर काबू पाया, चाबियां ले लीं और मुख्य गेट खोलकर निकल गए। ये सभी जानकारियां शुरुआती ब्योरे हैं और जांच में इनमें बदलाव हो सकता है।
पुलिस की तलाश: 17 टीमें, ड्रोन और 16 चेकपोस्ट
साउथ जोन के आईजी विजयेंद्र बिदारी ने एनडीटीवी को बताया कि जेल के आसपास का इलाका घने जंगल और पहाड़ी है, इसलिए पुलिस ने पहले सभी निकासी रास्तों की घेराबंदी की और व्यवस्थित तलाशी शुरू की। दिन निकलने पर तीन खास ड्रोन और 17 विशेष टीमें लगाई गईं। ड्रोन फुटेज से बड़े इलाके की निगरानी हुई और कैदियों की सटीक लोकेशन मिली। एनडीटीवी के अनुसार ड्रोन फुटेज में भागे कैदी जंगल में दौड़ते दिखे, जब उन्हें लगा कि उन्हें ऊपर से देख लिया गया है। इलाके में 16 जगह चेकपोस्ट लगाए गए और बस अड्डों पर खास जांच हुई। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार तमिलनाडु के डीजीपी ने केरल के डीजीपी से बात कर सीमावर्ती जिलों में सतर्कता रखने का अनुरोध किया। आर्म्ड रिजर्व, तमिलनाडु स्पेशल पुलिस और एसटीएफ की सेवाएं भी ली गईं।
किस दिन कितने पकड़े गए
- मंगलवार, 27 अक्टूबर: 17 में से 13 कैदी दोबारा पकड़े गए।
- बुधवार, 28 अक्टूबर: पी. पोन्मुथुसेल्वम समेत दो कैदी कोट्टैपट्टी की तलहटी के घने जंगल में ड्रोन की मदद से पकड़े गए। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के.एस. प्रवीण गौतम की अगुवाई वाली टीम ने की।
- भाई के. थिरुपति और के. मीनाक्षी सुंदरम ने दोपहर बाद कंबम थाने में आत्मसमर्पण किया। जेल महानिदेशक (कारागार) संदीप राय राठौड़ ने एचटी को इसकी पुष्टि की।
इस तरह अब सभी 17 कैदी हिरासत में हैं।
कौन थे ये कैदी
एनडीटीवी के अनुसार ये विचाराधीन कैदी थे, जिन पर हत्या के प्रयास और नशीले पदार्थों से जुड़े गंभीर आरोप थे। हिंदुस्तान टाइम्स ने इन्हें हत्या, डकैती, नशीले पदार्थ और आर्म्स एक्ट के मामलों से जुड़ा बताया। पुलिस रिकॉर्ड के हवाले से एनडीटीवी ने लिखा कि ज्यादातर भागे कैदी 19 से 26 साल के युवा हैं और मदुरै, शिवगंगा, रामनाथपुरम, सलेम, कन्याकुमारी और थेनी समेत कई जिलों से आते हैं। इस मामले में गांडामनूर थाने में कई मामले दर्ज किए गए हैं।
जेल प्रशासन पर कार्रवाई
जांच में लापरवाही पाए जाने पर दो जेल वार्डन समेत कुल नौ जेलकर्मी निलंबित किए गए हैं। डीजीपी (कारागार) राठौड़ ने एनडीटीवी से कहा कि ड्यूटी में कमी और लापरवाही रही है। 27 अक्टूबर को राज्य के डीजीपी, कारागार डीजीपी और आईजी (कारागार) ने जेल जाकर हालात की समीक्षा की। थेनी जिला जेल 10 जनवरी 2019 से चल रही है और इसकी क्षमता 200 कैदियों की है।
सियासी बयानबाजी
घटना पर तमिलनाडु में राजनीति गरमा गई। एनडीटीवी के अनुसार डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने राज्य सरकार को “निकम्मा” बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में कैदियों का एक साथ भागना 1995 के बाद पहली बार बताया जा रहा है। एआईएडीएमके महासचिव एडप्पाडी पलानीस्वामी ने भी हैरानी जताते हुए कानून-व्यवस्था पर ध्यान देने की मांग की। ये राजनीतिक दलों के बयान हैं, तथ्यों की पुष्टि नहीं। हिंदुस्तान टाइम्स ने याद दिलाया कि इससे करीब एक हफ्ता पहले, 13 अक्टूबर को चेन्नई के पास पुझल की केंद्रीय जेल से दो कैदी भागे थे, जिन्हें दो दिन बाद चेन्नई में पकड़ लिया गया था।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
थेनी जेल से कितने कैदी भागे थे?
26 अक्टूबर 2026 को थेक्कमपट्टी सब-जेल से 17 कैदी भागे थे।
क्या सभी कैदी पकड़ लिए गए हैं?
हां, 28 अक्टूबर को अंतिम चार कैदियों के पकड़े जाने या आत्मसमर्पण के बाद सभी 17 हिरासत में हैं।
कैदी कैसे भागे?
पुलिस के अनुसार एक कैदी ने मिर्गी के दौरे का बहाना किया, फिर गार्डों पर हमला कर गेट खोला गया।
अब तक क्या कार्रवाई हुई?
नौ जेलकर्मी निलंबित किए गए हैं और मामले की जांच जारी है।
नोट: जानकारी हिंदुस्तान टाइम्स (28 अक्टूबर 2026) और एनडीटीवी की रिपोर्टों पर आधारित है। जांच आगे बढ़ने पर ब्योरे बदल सकते हैं।

