अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को मध्यावधि (मिडटर्म) चुनाव होने जा रहे हैं, जिनसे तय होगा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के बाकी दो साल में कांग्रेस पर किसका नियंत्रण रहेगा। अल जजीरा के अनुसार करीब 21 करोड़ पंजीकृत मतदाता वोट डालने के पात्र हैं। सीबीएस न्यूज के मुताबिक 28 अक्टूबर की सुबह तक 3.6 करोड़ से ज्यादा लोग अर्ली वोटिंग में मतदान कर चुके थे।
दांव पर क्या है
अल जजीरा और सीबीएस न्यूज के अनुसार प्रतिनिधि सभा (हाउस) की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर चुनाव होगा, जबकि 36 राज्यों में गवर्नर भी चुने जाएंगे। सीनेट की 35 सीटों में 33 सामान्य चुनाव की और दो फ्लोरिडा व ओहायो की विशेष चुनाव की हैं, जो मार्को रुबियो और जे.डी. वेंस के पद छोड़ने से खाली हुई थीं। ट्रंप खुद मतपत्र पर नहीं हैं, लेकिन चुनाव को उनके कामकाज पर जनमत संग्रह की तरह देखा जाता है। अल जजीरा ने प्रोफेसर टॉड बेल्ट के हवाले से लिखा कि 1946 के बाद से राष्ट्रपति की पार्टी मिडटर्म में औसतन 26.5 हाउस सीटें गंवाती रही है।
हाउस और सीनेट का गणित
- हाउस: बहुमत के लिए 218 सीटें चाहिए। रिपब्लिकन के पास 218 और डेमोक्रेट के पास 214 सीटें हैं; एक निर्दलीय रिपब्लिकन के साथ बैठता है और दो सीटें खाली हैं। डेमोक्रेट को नियंत्रण के लिए तीन सीटों की बढ़त चाहिए।
- सीनेट: रिपब्लिकन के पास 53 और डेमोक्रेटिक खेमे के पास 47 सीटें हैं। डेमोक्रेट को चार सीटों की शुद्ध बढ़त चाहिए। 50-50 की बराबरी पर उपराष्ट्रपति वेंस का टाई-ब्रेकिंग वोट रिपब्लिकन को नियंत्रण में रखेगा।
- नई कांग्रेस 3 जनवरी 2027 को शपथ लेगी।
सर्वे और अनुमान क्या कहते हैं
सीबीएस न्यूज के बैटलग्राउंड ट्रैकर के अनुमान में डेमोक्रेट के पास हाउस में बढ़त है और वह 229 सीटों पर पहुंचते दिख रहे हैं, हालांकि उसका दायरा 215 से 237 सीटों तक है। सीनेट में नियंत्रण कुछ टॉस-अप राज्यों पर निर्भर बताया गया है। प्यू रिसर्च के 28 सितंबर से 4 अक्टूबर के सर्वे में 44% पंजीकृत मतदाताओं ने अपने जिले में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार का और 36% ने रिपब्लिकन का समर्थन किया। यह सिर्फ सर्वे है, नतीजा नहीं।
किन सीटों पर नजर
सीबीएस न्यूज ने सीनेट की 10 अहम सीटें गिनाई हैं: रिपब्लिकन के पास मेन, नॉर्थ कैरोलिना, ओहायो, कंसास, आयोवा, टेक्सास और अलास्का तथा डेमोक्रेट के पास न्यू हैम्पशायर, मिशिगन और जॉर्जिया। उसके अनुसार टेक्सास (केन पैक्सटन बनाम जेम्स तालारिको) और ओहायो (जॉन हस्टेड बनाम शेरोड ब्राउन) टॉस-अप हैं। हाउस में सीबीएस ने 47 बैटलग्राउंड सीटें चिह्नित की हैं, जिनमें 20 डेमोक्रेट और 27 रिपब्लिकन के पास हैं।
मुख्य मुद्दे
अल जजीरा के अनुसार महंगाई और रहन-सहन की लागत मतदाताओं की सबसे बड़ी चिंता है, जिसमें पेट्रोल की कीमतें, आवास और स्वास्थ्य सेवा शामिल हैं। इसके अलावा प्रजनन अधिकार, आप्रवासन, लोकतंत्र की स्थिति, अमेरिका-इजराइल के ईरान पर युद्ध तथा एआई और डेटा सेंटरों का विस्तार भी मुद्दे हैं।
नतीजे का असर
- अगर डेमोक्रेट हाउस जीतते हैं तो वे रिपब्लिकन कानूनों को रोक सकते हैं, कमेटियों के जरिए जांच कर सकते हैं और संघीय खर्च पर दबाव बना सकते हैं। महाभियोग की शक्ति भी सिर्फ हाउस के पास है, पर टॉड बेल्ट इसे असंभावित मानते हैं।
- सीनेट जीतने पर न्यायाधीशों, कैबिनेट अधिकारियों और राजदूतों की नियुक्तियां रोकी जा सकती हैं।
- दोनों सदन जीतने पर भी ट्रंप वीटो कर सकते हैं और वीटो पलटने के लिए दो-तिहाई बहुमत चाहिए।
नतीजे कब तक
अल जजीरा के अनुसार पहले मतदान केंद्र 3 नवंबर को शाम 6 बजे ईस्टर्न टाइम (23:00 GMT) बंद होंगे, पर कांटे की टक्कर वाली सीटों के नतीजे आने में दिन या हफ्ते लग सकते हैं। मेल-इन बैलेट की गिनती के क्रम के कारण शुरुआती रुझान भ्रामक हो सकते हैं, जिसे ‘रेड मिराज’ कहा जाता है। जॉर्जिया में अगर किसी सीनेट उम्मीदवार को बहुमत न मिला तो 1 दिसंबर को रन-ऑफ होगा।
भारत के लिए क्यों मायने रखता है
अमेरिकी कांग्रेस संघीय खर्च और कानून तय करती है, इसलिए इसका असर वहां की नीतियों के साथ वैश्विक बाजार और कूटनीतिक माहौल पर भी पड़ सकता है। हालांकि नतीजों से भारत पर सटीक असर के बारे में अभी कोई आधिकारिक आकलन उपलब्ध नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव कब हैं?
3 नवंबर 2026 को; अर्ली वोटिंग पहले से जारी है।
डेमोक्रेट को बहुमत के लिए क्या चाहिए?
हाउस में तीन और सीनेट में चार सीटों की बढ़त।
क्या ट्रंप इस चुनाव में उम्मीदवार हैं?
नहीं। वे मतपत्र पर नहीं हैं, पर चुनाव को उनके कार्यकाल के आकलन की तरह देखा जा रहा है।
नोट: आंकड़े अल जजीरा (26 अक्टूबर) और सीबीएस न्यूज (28 अक्टूबर 2026) की रिपोर्टों पर आधारित हैं; अनुमान और सर्वे बदल सकते हैं।

