Breaking
8 नवम्बर 2026, रवि

वेदांता Q2 नतीजे: मुनाफा 151% उछलकर ₹6,202 करोड़, ₹5 का अंतरिम डिविडेंड

मुंबई में बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) की इमारत

मेटल और माइनिंग कंपनी वेदांता लिमिटेड ने 28 अक्टूबर 2026 को सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे घोषित किए। मनीकंट्रोल और बिजनेस टुडे की रिपोर्टों के अनुसार कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 151% बढ़कर रिकॉर्ड ₹6,202 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में यह ₹2,471 करोड़ था। कंपनी ने ₹5 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड की भी घोषणा की।

Q2 FY27 के मुख्य आंकड़े

  • राजस्व: 57% बढ़कर ₹25,812 करोड़ (पिछले साल ₹16,445 करोड़), जो कंपनी की अब तक की सबसे ऊंची तिमाही आय बताई गई है।
  • EBITDA: 106% बढ़कर रिकॉर्ड ₹9,938 करोड़ (पिछले साल ₹4,817 करोड़)।
  • EBITDA मार्जिन: 60%, जो सालाना आधार पर 1,055 बेसिस पॉइंट बेहतर है।
  • पहली छमाही: बिजनेस टुडे के अनुसार H1 का शुद्ध मुनाफा रिकॉर्ड ₹11,496 करोड़ और EBITDA ₹18,407 करोड़ रहा।
  • अंतरिम डिविडेंड: ₹5 प्रति शेयर; मनीकंट्रोल इसे कंपनी का पहला अंतरिम डिविडेंड बताता है।

कर्ज और कैश फ्लो

मनीकंट्रोल के अनुसार जुलाई-सितंबर तिमाही में शुद्ध कर्ज ₹4,624 करोड़ घटकर ₹3,675 करोड़ पर आ गया, जो जून 2026 तिमाही में ₹8,299 करोड़ था। नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात 0.1 गुना रहा (Q1 FY27 में 0.3 गुना)। कंपनी ने पूंजीगत खर्च से पहले ₹5,803 करोड़ का फ्री कैश फ्लो बनाया और ग्रोथ कैपेक्स पर ₹1,135 करोड़ निवेश किया। बिजनेस टुडे के अनुसार कैश और कैश इक्विवेलेंट्स ₹26,622 करोड़ रहे।

कारोबार के हिसाब से प्रदर्शन

  • जिंक इंडिया: दूसरी तिमाही का रिकॉर्ड माइंड मेटल उत्पादन 271 किलोटन (सालाना 5% ज्यादा); चांदी का उत्पादन 20% बढ़कर 173 टन। उत्पादन लागत 29% घटकर $703 प्रति टन रही।
  • अंतरराष्ट्रीय जिंक: माइंड मेटल उत्पादन 12% घटकर 53 किलोटन; गैम्सबर्ग फेज II चालू हुआ, जिससे 200 किलोटन सालाना माइन-इन-कंसन्ट्रेट क्षमता जुड़ी।
  • कॉपर: भारत में बिक्री 16% बढ़कर 52 किलोटन, जबकि अंतरराष्ट्रीय कॉपर बिक्री 74% घटकर 6 किलोटन रही। मनीकंट्रोल के अनुसार कंपनी ने इसका कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना बताया। सऊदी अरब में 155 किलोटन सालाना का कॉपर रॉड प्लांट दिसंबर तिमाही में चालू होने की ओर है।

पहली छमाही (H1 FY27) की तस्वीर

बिजनेस टुडे के अनुसार पहली छमाही में कंपनी ने ₹10,215 करोड़ का संचयी फ्री कैश फ्लो (कैपेक्स से पहले) बनाया, जबकि ग्रोथ कैपेक्स ₹2,283 करोड़ रहा। तिमाही आधार पर देखें तो EBITDA मार्जिन में 293 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ और फ्री कैश फ्लो Q1 के ₹4,412 करोड़ से बढ़कर Q2 में ₹5,803 करोड़ हो गया। मुनाफा Q1 की तुलना में भी बढ़ा है; मनीकंट्रोल के शीर्षक के अनुसार यह तिमाही आधार पर करीब 17% ज्यादा है। इन आंकड़ों से साफ है कि कंपनी की बैलेंस शीट पहले की तुलना में काफी हल्की हो गई है।

शेयर पर क्या असर रहा

बिजनेस टुडे के अनुसार नतीजों के बाद दोपहर के सत्र में वेदांता का शेयर करीब 3% चढ़कर ₹232.80 पर कारोबार कर रहा था, जबकि पिछला बंद भाव ₹226 था। उस समय कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब ₹89,860 करोड़ बताया गया। शेयर का आगे का रुझान बाजार की स्थिति, कमोडिटी कीमतों और ब्रोकरेज राय पर निर्भर करेगा; यह निवेश की सलाह नहीं है।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए

  • लागत में कमी और उत्पादन का रिकॉर्ड स्तर आगे भी बना रहता है या नहीं।
  • कमोडिटी कीमतों और वैश्विक सप्लाई व्यवधान का असर, जैसा कंपनी ने कॉपर के संदर्भ में बताया।
  • डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट और भुगतान की जानकारी, जो कंपनी की आधिकारिक घोषणाओं में आएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

वेदांता का Q2 FY27 का शुद्ध मुनाफा कितना रहा?

रिकॉर्ड ₹6,202 करोड़, जो सालाना आधार पर 151% ज्यादा है।

कंपनी ने कितना डिविडेंड घोषित किया?

₹5 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड।

कंपनी का शुद्ध कर्ज कितना है?

सितंबर 2026 तिमाही के अंत में ₹3,675 करोड़।

नोट: आंकड़े मनीकंट्रोल और बिजनेस टुडे की 28 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों पर आधारित हैं। यह निवेश की सलाह नहीं है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *