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7 नवम्बर 2026, शनि

इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे घोषित किए। कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 33 प्रतिशत बढ़कर ₹5,202 करोड़ रहा और कंपनी ने अपना अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही ऑर्डर इनफ्लो दर्ज किया। बिजनेस स्टैंडर्ड और हिंदू बिजनेसलाइन की रिपोर्टों के आधार पर पूरे आंकड़े नीचे हैं।

मुनाफा और राजस्व

बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार L&T का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा Q2 FY27 में ₹5,202 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के ₹3,926 करोड़ से 33 प्रतिशत ज्यादा है। कंसोलिडेटेड राजस्व 16 प्रतिशत बढ़कर ₹78,750 करोड़ रहा। हिंदू बिजनेसलाइन के मुताबिक मुनाफे में बढ़त का श्रेय राजस्व वृद्धि के साथ कम वित्त लागत, ट्रेजरी आय और वर्किंग कैपिटल की बेहतर दक्षता को भी जाता है। उसी रिपोर्ट के अनुसार EBITDA लगभग स्थिर, यानी ₹6,845 करोड़ रहा।

रिकॉर्ड ऑर्डर इनफ्लो

सितंबर तिमाही में कंपनी को ₹1,47,665 करोड़ के ऑर्डर मिले, जो सालाना आधार पर 28 प्रतिशत की बढ़त है। इसमें हाइड्रोकार्बन, कार्बनलाइट सॉल्यूशंस, पब्लिक स्पेस एंड एयरपोर्ट्स और पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार के बड़े ऑर्डर शामिल हैं। हिंदू बिजनेसलाइन ने लिखा है कि नए ठेकों में आधे से ज्यादा हिस्सा हाइड्रोकार्बन और ऑफशोर ऊर्जा कारोबार का रहा और इनमें से लगभग तीन-चौथाई ऑर्डर अंतरराष्ट्रीय बाजार से आए। सितंबर 2026 के अंत में समूह का कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक ₹8,53,514 करोड़ रहा, जो मार्च 2026 की तुलना में 15 प्रतिशत ज्यादा है। कुल ऑर्डर बुक में 54 प्रतिशत हिस्सा अंतरराष्ट्रीय ऑर्डरों का है।

सेगमेंट के हिसाब से तस्वीर

इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड यूटिलिटीज

बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार इस सेगमेंट को ₹35,509 करोड़ के ऑर्डर मिले, जो सालाना आधार पर 13 प्रतिशत कम हैं। कंपनी ने इसका कारण कुछ लक्षित ऑर्डरों का टलना बताया। सेगमेंट का ग्राहक राजस्व ₹25,133 करोड़ रहा (6 प्रतिशत की बढ़त), जबकि EBITDA मार्जिन 5.7 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 6.2 प्रतिशत से कम है। कंपनी ने लागत दबाव और बिक्री मिश्रण में बदलाव को वजह बताया।

कन्वेंशनल एनर्जी

इस सेगमेंट में ऑर्डर इनफ्लो 100 प्रतिशत बढ़कर ₹78,413 करोड़ रहा। हाइड्रोकार्बन (ऑफशोर और ऑनशोर) और कार्बनलाइट सॉल्यूशंस में कई बड़े ऑर्डर मिले। ग्राहक राजस्व 29 प्रतिशत बढ़कर ₹17,285 करोड़ रहा।

ग्रीन एनर्जी

ग्रीन एनर्जी सेगमेंट के ऑर्डर 45 प्रतिशत घटकर ₹6,558 करोड़ रहे। कंपनी के अनुसार गिरावट सोलर कारोबार में ऑर्डर टलने से आई। इस तिमाही का पूरा ऑर्डर इनफ्लो अंतरराष्ट्रीय बाजार से आया।

प्रबंधन की टिप्पणी और जोखिम

चेयरमैन और प्रबंध निदेशक एस एन सुब्रह्मण्यन ने कहा कि बदलते भू-राजनीतिक माहौल में कंपनी ने मजबूत तिमाही दी है और ₹8.5 लाख करोड़ का ऑर्डर बुक आने वाले सालों के राजस्व की स्पष्टता देता है। हिंदू बिजनेसलाइन के अनुसार फाइनेंस प्रमुख आर शंकर रमन ने कहा कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करीब ₹10 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट अवसर हैं और दूसरी छमाही में भी ऑर्डर जीतने की रफ्तार बनाए रखने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि जल आपूर्ति ही ऐसा क्षेत्र है जहां क्रियान्वयन में दिक्कत है, क्योंकि करीब ₹40,000 करोड़ के प्रोजेक्ट राज्य सरकारों से फंडिंग में देरी का सामना कर रहे हैं।

कंपनी ने कहा कि पश्चिम एशिया के तनाव, माल ढुलाई और कच्चे माल की बढ़ती लागत से कुछ देरी हो सकती है, पर राजस्व और मार्जिन की सुरक्षा को लेकर वह आश्वस्त है। डिप्टी एमडी सुब्रमण्यम सरमा के अनुसार सऊदी अरब में जारी तनाव का अब तक कंपनी की किसी परियोजना साइट पर असर नहीं पड़ा और सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं, लेकिन संकट जारी रहा तो कुछ राजस्व टल सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

L&T का Q2 FY27 मुनाफा कितना रहा?

कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा ₹5,202 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹3,926 करोड़ से 33 प्रतिशत ज्यादा है।

ऑर्डर बुक कितनी है?

सितंबर 2026 के अंत में कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक ₹8,53,514 करोड़ थी, जिसमें 54 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर हैं।

किस सेगमेंट में ऑर्डर घटे?

इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड यूटिलिटीज में 13 प्रतिशत और ग्रीन एनर्जी में 45 प्रतिशत की गिरावट रही।

नोट: आंकड़े 27 अक्टूबर 2026 को जारी नतीजों और 28 अक्टूबर तक की मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं। यह निवेश सलाह नहीं है।

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