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7 नवम्बर 2026, शनि

वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को कोलकाता में कहा कि समूह पश्चिम बंगाल में बिजली उत्पादन और एल्युमीनियम स्मेल्टर में करीब ₹70,000-80,000 करोड़ के निवेश के अवसर तलाश रहा है। उन्होंने यह बात राज्य सचिवालय नबान्न में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कही। हिंदू बिजनेसलाइन और मनीकंट्रोल (पीटीआई) की रिपोर्टों के आधार पर जानकारी नीचे है। यह घोषणा अभी तलाश और व्यवहार्यता अध्ययन के चरण में है, अंतिम निवेश फैसला नहीं।

अग्रवाल ने क्या कहा

हिंदू बिजनेसलाइन के अनुसार अग्रवाल ने कहा, “बिजली और एल्युमीनियम में कुल निवेश ₹70,000-80,000 करोड़ हो सकता है। इससे राज्य में हजारों नौकरियां पैदा हो सकती हैं।” रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित परियोजनाएं व्यवहार्यता अध्ययन पर निर्भर हैं। समूह यह परखेगा कि राज्य में कोयले की उपलब्धता और मौजूदा ढांचा औद्योगिक संचालन को कितना सहारा दे सकता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा कि वे किसी भी क्षेत्र में निवेश की संभावना देख सकते हैं और उन्होंने हजारों नौकरियों का वादा किया।

पीटीआई के हवाले से मनीकंट्रोल ने लिखा कि अग्रवाल के अनुसार राज्य सरकार सक्रिय सहयोग दे तो परियोजनाएं अगले तीन साल में चालू हो सकती हैं। हिंदू बिजनेसलाइन ने भी कहा कि काम तीन साल के भीतर शुरू हो सकता है, यदि चीजें योजना के मुताबिक चलें। दोनों रिपोर्टों में “चालू होने” और “काम शुरू होने” का फर्क है, इसलिए समयसीमा को अनुमान ही समझें।

आसनसोल संभावित ठिकाना

हिंदू बिजनेसलाइन के अनुसार पश्चिम बर्धमान जिले का आसनसोल परियोजनाओं के संभावित स्थान के रूप में उभर सकता है, क्योंकि वहां वेदांता समूह की अपनी जमीन है। अग्रवाल ने कहा कि एल्युमीनियम का मुख्य कच्चा माल एल्युमिना समूह के ओडिशा के संचालन, जैसे झारसुगुड़ा, से लाया जा सकता है और मौजूदा रेल संपर्क इसमें मदद करेगा। उन्होंने कहा कि कोयला, पानी और समय पर मंजूरियां प्रस्तावों को आगे बढ़ाने में अहम होंगी और समूह राज्य सरकार के साथ विकल्पों पर विचार करेगा।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

बैठक के बाद मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि अग्रवाल ने आसनसोल में इकाई लगाने का “विशिष्ट प्रस्ताव” दिया है। उन्होंने बताया कि बैठक अच्छी रही और अग्रवाल राज्य में निवेश के लिए काफी इच्छुक हैं। अधिकारी के अनुसार अग्रवाल ने आश्वासन दिया है कि प्रस्तावित परियोजनाओं से 10,000 प्रत्यक्ष रोजगार तक बन सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने समूह का स्वागत किया और बंगाल में निवेश के लिए सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया।

छोटे उद्यमियों पर टिप्पणी

मनीकंट्रोल के अनुसार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को सक्रिय बताया और कहा कि वे बड़े औद्योगिक निवेश लाने में गहरी रुचि रखते हैं। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल उद्यमियों का राज्य है। वे ₹5 करोड़ से ₹50 करोड़ तक के उद्योग लगा सकते हैं।” उनके मुताबिक राज्य में कुशल मानव संसाधन और औद्योगिक विकास के लिए नेतृत्व की क्षमता है।

इसका मतलब क्या है

अभी न किसी परियोजना की औपचारिक घोषणा हुई है, न क्षमता, जमीन या अंतिम निवेश राशि का ब्योरा आया है। रिपोर्टों में केवल अनुमानित राशि, संभावित स्थान और रोजगार का अनुमान है। निवेश तभी आगे बढ़ेगा जब व्यवहार्यता अध्ययन पूरे हों, कोयला, पानी और मंजूरियों का इंतजाम हो और राज्य सरकार से बात आगे बढ़े।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

वेदांता बंगाल में कितना निवेश तलाश रहा है?

अनिल अग्रवाल के अनुसार बिजली और एल्युमीनियम स्मेल्टर में मिलाकर करीब ₹70,000-80,000 करोड़।

परियोजना कहां लग सकती है?

हिंदू बिजनेसलाइन के अनुसार संभावित स्थान आसनसोल है, जहां समूह की जमीन है।

कितने रोजगार का अनुमान है?

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के अनुसार अग्रवाल ने 10,000 प्रत्यक्ष रोजगार तक का आश्वासन दिया है।

क्या निवेश पक्का हो गया है?

नहीं। प्रस्ताव व्यवहार्यता अध्ययन पर निर्भर है।

नोट: यह जानकारी 28 अक्टूबर 2026 तक की रिपोर्टों पर आधारित है। परियोजना का अंतिम रूप व्यवहार्यता अध्ययन और सरकारी मंजूरियों के बाद तय होगा।

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